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Mirzapur News: नोटिस का जवाब नहीं देने पर निरस्त होगी स्कूल की मान्यता
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मिर्जापुर। अनुमति से ज्यादा कक्षाएं संचालित करने तथा मनमाना शुल्क वसूल करने के आरोप में बीएसए ने कछवां क्रिश्चियन स्कूल के प्रबंधक को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। चेतावनी दी है कि जवाब नहीं मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराकर मान्यता निरस्त कर दी जाएगी।
आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन कक्षा एक से आठ तक तीन-तीन कक्षाएं संचालित कर रहा है, जबकि मान्यता एक-एक कक्षाओं के संचालन की है। इसी प्रकार सेकेंड्री व सीनियर सेकेंड्री कक्षाओं में चार-चार कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जबकि मान्यता तीन की है। इसके साथ ही नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी की कक्षाएं भी अनधिकृत रूप से संचालित किए जाने की भी बात कही जा रही है। इस संबंध में बीते अप्रैल माह में बीएसए ने पत्र जारी कर अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा था। विद्यालय प्रबंधन द्वारा अभिलेख उपलब्ध कराने पर ये तथ्य सामने आए। बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि विद्यालय के प्रबंधक को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। विद्यालय प्रबंधन ने आरटीई के तहत बच्चों का प्रवेश नहीं लिया और जिन बच्चों का प्रवेश था, उनसे भी वसूली की गई। बच्चों से काशन मनी के रूप में 5000 रुपये, विकास शुल्क 2500 रुपये तथा वार्षिक शुल्क 2500 रुपये वसूल किए गए। खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय ने इन मामलों की जांच की। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में बिना मान्यता के नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी कक्षाओं के संचालन, कक्षा एक से कक्षा आठ तक अनुमति से ज्यादा कक्षाएं संचालित करने तथा आरटीई के बच्चों का नामांकन नहीं करने और आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों से विभिन्न मदों में शुल्क वसूल किए जाने की बात कही है। बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि शिकायत की जांच कराई गई थी। विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
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आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन कक्षा एक से आठ तक तीन-तीन कक्षाएं संचालित कर रहा है, जबकि मान्यता एक-एक कक्षाओं के संचालन की है। इसी प्रकार सेकेंड्री व सीनियर सेकेंड्री कक्षाओं में चार-चार कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जबकि मान्यता तीन की है। इसके साथ ही नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी की कक्षाएं भी अनधिकृत रूप से संचालित किए जाने की भी बात कही जा रही है। इस संबंध में बीते अप्रैल माह में बीएसए ने पत्र जारी कर अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा था। विद्यालय प्रबंधन द्वारा अभिलेख उपलब्ध कराने पर ये तथ्य सामने आए। बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि विद्यालय के प्रबंधक को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। विद्यालय प्रबंधन ने आरटीई के तहत बच्चों का प्रवेश नहीं लिया और जिन बच्चों का प्रवेश था, उनसे भी वसूली की गई। बच्चों से काशन मनी के रूप में 5000 रुपये, विकास शुल्क 2500 रुपये तथा वार्षिक शुल्क 2500 रुपये वसूल किए गए। खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय ने इन मामलों की जांच की। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में बिना मान्यता के नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी कक्षाओं के संचालन, कक्षा एक से कक्षा आठ तक अनुमति से ज्यादा कक्षाएं संचालित करने तथा आरटीई के बच्चों का नामांकन नहीं करने और आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों से विभिन्न मदों में शुल्क वसूल किए जाने की बात कही है। बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि शिकायत की जांच कराई गई थी। विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
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