मिर्जापुर। पुलिस लाइन सभागार में शुक्रवार को 30 दिवसीय छात्र पुलिस अनुभवात्मक शिक्षा कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इसमें विभिन्न स्कूल और कालेजों से आए छात्र-छात्राओं को सामाजिक समस्याओं से अवगत कराते हुए तनाव प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। पुलिस की कार्यशैली, मुकदमा लिखने और घटनास्थल के निरीक्षण के बारे में जानकारी दी गई। विभिन्न महाविद्यालयों के कार्यक्रम अधिकारियों के सहयोग से जीडी बिनानी पीजी कॉलेज, राजकीय महाविद्यालय मंगरहा, राजकीय महिला महाविद्यालय अदालहाट व शिवलोक श्रीनेत पीजी कॉलेज से कुल 50 छात्र-छात्राओं को चयनित किया गया। भारत पोर्टल पर पंजीकरण कर पुलिस विभाग में इंटर्नशिप के लिए आवेदन कराया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य न छात्रों के संज्ञानात्मक व लोक कौशल में सुधार करना है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली, काम के दबाव, पुलिस कर्मचारियों के रहन-सहन के बारे में जानकारी देना है। ताकि पुलिस की नकारात्मक छवि को आम जनता के मध्य सुधारा जा सके। इसके बाद पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने पुलिस विभाग से संबंधित भ्रांतियों, पुलिस की समाज में भूमिका, काम का दबाव, तनाव के बारे में छात्रों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उनसे सजग रहने की अपील की। इस अवसर पर सीओ सदर शैलेंद्र त्रिपाठी, सीओ चुनार उमाशंकर सिंह डा. प्रेम यादव, डा. प्रेमलता, डा. विजय दुबे आदि रहे।