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पानी की एक- एक बूंद को सहेजें: योगी
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मिर्जापुर। भूजल सप्ताह के अन्तिम दिन बुधवार को समापन के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से मंडल व जनपद के अधिकारियों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि भूजल की एक- एक बूंद को सहेजना होगा। इसकी एक- एक बूंद कीमती है। यह आने वाले भविष्य को निर्धारित करेगा।
मुख्यमंत्री ने गिरते भूजल स्तर पर चिंता जताते हुये कहा कि पिछले तीन चार दशकों में प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भूजल के दोहन के साथ व्यापक विषमता देखने की मिली है। उन्होंने कहा कि भूजल में प्रतिवर्ष गिरावट देखने को मिल रही है। उन्होंने प्रदेश वासियों को हर एक-एक बूंद को सहेजने की अपील करते हुये संबंधित विभाग के अधिकारियों को भूजल सहेजने के प्रति लोगों को जागरूक करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 287 विकास खंडों में 20 सेमी तथा 77 विकास खण्डों में आधा से एक मीटर तक भूजल की गिरावटे आई है जो चिंता का विषय है। यह भी बताया कि प्रदेश के 82 विकास खंडों में अति दोहित, 47 विकास खंड क्रिटिकल एं 151 विकास खंड सेमी क्रिटिकल श्री श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है उन्होंने कहा कि अधिकांश स्थानों पर 100 प्रतिशत से अधिक भूजल का दोहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निरन्तर जल स्तर कम होता जा रहा है, जो आमजन के सहयोग से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि भूजल बचाने की मुहिम पर कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए, जिससे अतिदोहित श्रेणी वाले विकास खण्डों को बाहर लाया जा सके। इस अवसर पर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह व भूजल विशेशज्ञ भी उपस्थित रहे। वीडीयो कांफेंसिंग में मण्डलायुक्त प्रीति शुक्ला, जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल के अलावा भूजल विभाग एवं जल निगम के अधिकारी, उप निदेशक कृषि आदि उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने गिरते भूजल स्तर पर चिंता जताते हुये कहा कि पिछले तीन चार दशकों में प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भूजल के दोहन के साथ व्यापक विषमता देखने की मिली है। उन्होंने कहा कि भूजल में प्रतिवर्ष गिरावट देखने को मिल रही है। उन्होंने प्रदेश वासियों को हर एक-एक बूंद को सहेजने की अपील करते हुये संबंधित विभाग के अधिकारियों को भूजल सहेजने के प्रति लोगों को जागरूक करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 287 विकास खंडों में 20 सेमी तथा 77 विकास खण्डों में आधा से एक मीटर तक भूजल की गिरावटे आई है जो चिंता का विषय है। यह भी बताया कि प्रदेश के 82 विकास खंडों में अति दोहित, 47 विकास खंड क्रिटिकल एं 151 विकास खंड सेमी क्रिटिकल श्री श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है उन्होंने कहा कि अधिकांश स्थानों पर 100 प्रतिशत से अधिक भूजल का दोहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निरन्तर जल स्तर कम होता जा रहा है, जो आमजन के सहयोग से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि भूजल बचाने की मुहिम पर कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए, जिससे अतिदोहित श्रेणी वाले विकास खण्डों को बाहर लाया जा सके। इस अवसर पर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह व भूजल विशेशज्ञ भी उपस्थित रहे। वीडीयो कांफेंसिंग में मण्डलायुक्त प्रीति शुक्ला, जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल के अलावा भूजल विभाग एवं जल निगम के अधिकारी, उप निदेशक कृषि आदि उपस्थित रहे।
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