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पुरानी पेंशन बहाली के लिए शिक्षकों का धरना
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Fri, 05 Aug 2016 12:15 AM IST
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पुरानी पेंशन की मांग को लेकर गुरुवार को डीआईओएस कार्यालय पर धरना देते शिक्षक।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में माध्यमिक शिक्षकों ने गुरुवार को डीआईओएस कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद डीआईओएस फूलचंद्र यादव को पत्रक सौंप कर पुरानी पेंशन नीति लागू करने की मांग की।
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षकोें के हितों की अनदेखी कर रही है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश संगठन के आह्वान पर शिक्षक मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने मांग किया कि पुरानी पेंशन नीति को लागू किया जाए। जिला मंत्री प्रवीण सिंह ने कहा कि नई पेंशन नीति से शिक्षकों का काफी नुकसान हो रहा है। प्रसून पुजारी ने कहा कि नई पेंशन नीति शिक्षक और कर्मचारी विरोधी है।
मनोज कुमार सिंह ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों में न्यूनतम वेतन 26 हजार को आधार मान कर संशोधन किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारियों की भंाति अनुदानित स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को चिकित्सीय सुविधा प्रदान की जाए। माध्यमिक कंप्यूटर अनुदेशकों को संविदा शिक्षक के रूप में और व्यावसायिक शिक्षकों को शिक्षक पद पर समायोजित किया जाए। इस दौरान राहुल सिंह, रघुराज सिंह, राजेश कुमार, सतीश कुमार आदि शिक्षक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षकोें के हितों की अनदेखी कर रही है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश संगठन के आह्वान पर शिक्षक मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने मांग किया कि पुरानी पेंशन नीति को लागू किया जाए। जिला मंत्री प्रवीण सिंह ने कहा कि नई पेंशन नीति से शिक्षकों का काफी नुकसान हो रहा है। प्रसून पुजारी ने कहा कि नई पेंशन नीति शिक्षक और कर्मचारी विरोधी है।
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मनोज कुमार सिंह ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों में न्यूनतम वेतन 26 हजार को आधार मान कर संशोधन किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारियों की भंाति अनुदानित स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को चिकित्सीय सुविधा प्रदान की जाए। माध्यमिक कंप्यूटर अनुदेशकों को संविदा शिक्षक के रूप में और व्यावसायिक शिक्षकों को शिक्षक पद पर समायोजित किया जाए। इस दौरान राहुल सिंह, रघुराज सिंह, राजेश कुमार, सतीश कुमार आदि शिक्षक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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