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छह की जगह मात्र तीन की ही हो सकी रजिस्ट्री
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मिर्जापुर। विंध्य कारिडोर के लिए शुक्रवार को सिर्फ तीन रजिस्ट्री हुई। हालांकि तैयारी आधा दर्जन की थी लेकिन तीन अन्य के कागजात अधूरे रहने से उनको कागजात पूरे करके लाने को कहा गया।
विंध्य कॉरिडोर के लिए रजिस्ट्री कराने वाले अब आगे आने लगे हैं। शुक्रवार को रत्नेश पांडेय, अमरीश पांडेय व घनश्याम प्रसाद ने रजिस्ट्री की। इसके पूर्व मंगलवार को चौथे दिन सात लोगों ने नौ संपत्तियों का विक्रय किया था। चार दिनों के अंदर कुल 16 संपत्तियों की रजिस्ट्री पहले ही हो चुकी थी। अब इस तीन को लेकर कुल रजिस्ट्री की संख्या 19 हो गई है। विंध्य कॉरिडोर के तहत बनने वाले मां विंध्यवासिनी परिक्रमा पथ के रास्ते में आने वाले भवनों की रजिस्ट्री के लिए शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में लोग विंध्याचल से आए। हालांकि रजिस्ट्री तो तीन लोगों ने ही की लेकिन उनके साथ और लोग भी आए। निबंधन कार्यालय में काफी भीड़भाड़ रही। दिसंबर के अंत तक सभी संपत्तियों की रजिस्ट्री हो सकती है। शासन से नामित नोडल अधिकारी व विशेष सचिव पर्यटन शिवपाल सिंह की निगरानी में राज्यपाल के नाम मां विंध्यवासिनी परिक्रमा पथ के लिए आनलाइन रजिस्ट्री चल रही है। मां विंध्यवासिनी परिक्रमा पथ के लिए अब तक संजय चौरसिया, बाल मुकुंद, घनश्याम, कामाख्या नारायण, रूद्र कुमार त्रिपाठी, पंकज द्विवेदी ने एक-एक और विंध्य विद्यापीठ विद्यालय के प्रबंधक छबीले मिश्रा ने तीन रजिस्ट्री की। इसके पहले मणिशंकर मिश्र की दो दुकान व राधेश्याम चौरसिया की दो दुकान सहित चार संपत्तियों की रजिस्ट्री तथा नेम नारायण मिश्रा और उधव नारायण मिश्रा ने दुकान की रजिस्ट्री की थी। तीसरे दिन एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई थी। काशी विश्वनाथ कारिडोर की तर्ज पर 331 करोड़ की लागत से बनने वाले विंध्य कॉरिडोर के तहत मां विंध्यवासिनी मंदिर की सीढ़ी से 50 फीट का परिक्रमा पथ बनेगा। इसकी जद 92 भवन है, इसमें से 10 भवन सरकारी है, शेष 82 निजी भवन है। इन सभी की रजिस्ट्री होनी है।
इनसेट
दोपहर में चले गए नोडल अधिकारी
मिर्जापुर। विंध्य कॉरिडोर के परिक्रमा पथ के लिए की जाने वाली रजिस्ट्री के लिए नोडल अधिकारी व विशेष सचिव पर्यटन शिवपाल सिंह विशेष रूप से इसी कार्य के लिए मिर्जापुर आते हैं। बताया गया कि दोपहर में किसी विशेष कार्य से उनको लखनऊ बुला लिया गया और वह चले गए। सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह ने बताया कि जब अन्य के कागजात अधूरे मिले तो नोडल अधिकारी चले गए।
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वर्जन
विंध्य कॉरिडोर के तहत मां विंध्यवासिनी परिक्रमा के लिए प्रक्रिया चल रही है। शुक्रवार को कुल तीन रजिस्ट्री कराई गई, शेष के लिए प्रक्रिया चल रही है। - जगदंबा सिंह, नगर मजिस्ट्रेट।
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विंध्य कॉरिडोर के लिए रजिस्ट्री कराने वाले अब आगे आने लगे हैं। शुक्रवार को रत्नेश पांडेय, अमरीश पांडेय व घनश्याम प्रसाद ने रजिस्ट्री की। इसके पूर्व मंगलवार को चौथे दिन सात लोगों ने नौ संपत्तियों का विक्रय किया था। चार दिनों के अंदर कुल 16 संपत्तियों की रजिस्ट्री पहले ही हो चुकी थी। अब इस तीन को लेकर कुल रजिस्ट्री की संख्या 19 हो गई है। विंध्य कॉरिडोर के तहत बनने वाले मां विंध्यवासिनी परिक्रमा पथ के रास्ते में आने वाले भवनों की रजिस्ट्री के लिए शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में लोग विंध्याचल से आए। हालांकि रजिस्ट्री तो तीन लोगों ने ही की लेकिन उनके साथ और लोग भी आए। निबंधन कार्यालय में काफी भीड़भाड़ रही। दिसंबर के अंत तक सभी संपत्तियों की रजिस्ट्री हो सकती है। शासन से नामित नोडल अधिकारी व विशेष सचिव पर्यटन शिवपाल सिंह की निगरानी में राज्यपाल के नाम मां विंध्यवासिनी परिक्रमा पथ के लिए आनलाइन रजिस्ट्री चल रही है। मां विंध्यवासिनी परिक्रमा पथ के लिए अब तक संजय चौरसिया, बाल मुकुंद, घनश्याम, कामाख्या नारायण, रूद्र कुमार त्रिपाठी, पंकज द्विवेदी ने एक-एक और विंध्य विद्यापीठ विद्यालय के प्रबंधक छबीले मिश्रा ने तीन रजिस्ट्री की। इसके पहले मणिशंकर मिश्र की दो दुकान व राधेश्याम चौरसिया की दो दुकान सहित चार संपत्तियों की रजिस्ट्री तथा नेम नारायण मिश्रा और उधव नारायण मिश्रा ने दुकान की रजिस्ट्री की थी। तीसरे दिन एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई थी। काशी विश्वनाथ कारिडोर की तर्ज पर 331 करोड़ की लागत से बनने वाले विंध्य कॉरिडोर के तहत मां विंध्यवासिनी मंदिर की सीढ़ी से 50 फीट का परिक्रमा पथ बनेगा। इसकी जद 92 भवन है, इसमें से 10 भवन सरकारी है, शेष 82 निजी भवन है। इन सभी की रजिस्ट्री होनी है।
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दोपहर में चले गए नोडल अधिकारी
मिर्जापुर। विंध्य कॉरिडोर के परिक्रमा पथ के लिए की जाने वाली रजिस्ट्री के लिए नोडल अधिकारी व विशेष सचिव पर्यटन शिवपाल सिंह विशेष रूप से इसी कार्य के लिए मिर्जापुर आते हैं। बताया गया कि दोपहर में किसी विशेष कार्य से उनको लखनऊ बुला लिया गया और वह चले गए। सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह ने बताया कि जब अन्य के कागजात अधूरे मिले तो नोडल अधिकारी चले गए।
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वर्जन
विंध्य कॉरिडोर के तहत मां विंध्यवासिनी परिक्रमा के लिए प्रक्रिया चल रही है। शुक्रवार को कुल तीन रजिस्ट्री कराई गई, शेष के लिए प्रक्रिया चल रही है। - जगदंबा सिंह, नगर मजिस्ट्रेट।