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गंगोजमुनी तहजीब की मिसाल है रामलीला

Sat, 16 Sep 2017 12:37 AM IST
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mirzapur news Updated Sat, 16 Sep 2017 12:37 AM IST
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Ramlila is an example of Gangohmuni Tahajib
चुनार की रामलीला

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मिर्जापुर नगर में तीन सौ वर्षों से रामलीला होती आ रही है। पहले नगर में तीन स्थानों पर रामलीला होती थी। बरियाघाट में विवाद व मारपीट के कारण लगभग 20 वर्षों पूर्व रामलीला बंद हो गई। पुरानी दशमी में रामलीला तीन सौ साल से हो रही है। यह लीला सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी है।  कछवां में मंसूर अहमद वर्षों रावण का स्वरूप धारण करते रहे।
 त्रिमुहानी में रामलीला कमेटी लीलाओं की प्रस्तुति करती है और भरत मिलाप पर शोभायात्रा निकालती है। बरिया घाट के संस्थापक सदस्य अक्षयबर नाथ केशरवानी ने बताया कि 1979 में बरियाघाट श्री रामलीला कमेटी का स्थापना हुई थी। संस्थापक बच्चालाल केशरवानी व हरिदास ऊमर हैं। गया प्रसाद 12 वर्षों से रावण व शनि गुप्ता 15 साल से हनुमान का स्वरूप बनते आ रहे हैं। चुनार संवाददाता के अनुसार श्री राघवेंद्र रामलीला कमेटी 171 वर्ष पुरानी है। साहबराम गोला में रामलीला होती है। पहले सात दिवसीय लीला का अलग-अलग स्थानों पर होती थी लेकिन अब यह 21 दिनों तक आयोजन होता है। गोविंद जायसवाल रावण वर्षों से रावण बनते आ रहे हैं। वहीं बाणासुर व अंगद रामआसरे दास बनते हैं। रामलीला में रफीक आलम व यासीम राइन का भी योगदान रहता है। हलिया की श्री रामलीला कमेटी बेलन बरौधा की 16 दिवसीय रामलीला शनिवार से शुरू होगी। लीला को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। हलिया की रामलीला में पूर्व सांसद उमाकांत मिश्र भी वर्षों तक स्वरूप धारण करते रहे। अहरौरा संवाददाता के अनुसार 30 पुरानी रामलीला 18 सितंबर से शुरू होगी। इसकी  शुरुआत शिव जी के मंदिर के बरामदे में हुई थी। प्रभावित होकर समाजसेवी नरेंद्र मानव ने रामलीला के मंचन के लिए बड़ा मंच तैयार करवा कर संसाधन मुहैया कराया। लक्ष्मण-परशुराम संवाद, अंगद विस्तार, भरत मिलाप, राज्याभिषेक लीलाएं प्रसिद्ध हैं। लीला मुस्लिम बाहुल्य इलाके में होती है।  
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चुनार में प्रसिद्ध है धनुष यज्ञ  
चुनार रामलीला मंचन में धनुष यज्ञ सबसे प्रसिद्घ मंचन है। जिसे देखने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं। जिसमें कलाकर अपने अभिनय से जीवंत रूप देते हैं। राजाओं का वेशभूषा व चेहरों की भाव देखने लायक होता है। धनुष तोड़ने के दौरान राजाओं का अभिनय देख लोग दंग रह जाते हैं। 
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