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Mirzapur News: छह महीने में बह गई 25 लाख की सड़क, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
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सांसद निधि से बनी इंटरलॉकिंग की पुलिया बारिश में ध्वस्त, ग्रामीणों ने मानकों की अनदेखी का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
पटेहरा। अमोई पुरवा ग्राम पंचायत के रजगढ़वा मौजा में सांसद निधि से 25 लाख रुपये की लागत से बनी इंटरलॉकिंग सड़क छह महीने में ही बारिश में ध्वस्त हो गई। पुलिया समेत सड़क का हिस्सा नाले में बहने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने कार्य में मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
पप्पू पटेल के घर से सुद्दू के घर तक बनी इंटरलॉकिंग के बीच नाले पर पुलिया बनाई गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया के नीचे मिट्टी भरकर बेस तैयार किया गया। निर्माण में बालू की जगह भस्सी व कम सीमेंट का इस्तेमाल किया गया। तेज बारिश में पुलिया के नीचे की मिट्टी बह गई, इससे पुलिया और उससे जुड़ी इंटरलॉकिंग सड़क नाले में समा गई। नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिया का बेस मानक के अनुसार मजबूत बनाया गया होता तो शायद बारिश में सड़क नहीं ध्वस्त होती।
वर्जन
ठेकेदार को दोबारा कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। बरसात थमने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक कराया जाएगा।
सुनील कुमार, अवर अभियंता,ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
पटेहरा। अमोई पुरवा ग्राम पंचायत के रजगढ़वा मौजा में सांसद निधि से 25 लाख रुपये की लागत से बनी इंटरलॉकिंग सड़क छह महीने में ही बारिश में ध्वस्त हो गई। पुलिया समेत सड़क का हिस्सा नाले में बहने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने कार्य में मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
पप्पू पटेल के घर से सुद्दू के घर तक बनी इंटरलॉकिंग के बीच नाले पर पुलिया बनाई गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया के नीचे मिट्टी भरकर बेस तैयार किया गया। निर्माण में बालू की जगह भस्सी व कम सीमेंट का इस्तेमाल किया गया। तेज बारिश में पुलिया के नीचे की मिट्टी बह गई, इससे पुलिया और उससे जुड़ी इंटरलॉकिंग सड़क नाले में समा गई। नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिया का बेस मानक के अनुसार मजबूत बनाया गया होता तो शायद बारिश में सड़क नहीं ध्वस्त होती।
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वर्जन
ठेकेदार को दोबारा कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। बरसात थमने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक कराया जाएगा।
सुनील कुमार, अवर अभियंता,ग्रामीण अभियंत्रण विभाग