मिर्जापुुर। लालगंज बामी गांव के निवासी तिहरा हत्याकांड में पुलिस, क्राइम ब्रांच, एसआईटी, एसटीएफ की जांच सिर्फ पूछताछ तक ही सीमित रह गई है। सारी टीमों ने जंगल की खाक छानने के साथ गांव व आसपास में भी जांच पड़ताल की पर सिर्फ शक के आधार पर थाने लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में भी टीम को कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
बामी गांव निवासी तीन चचेरे भाइयों की एक दिसंबर को नृशंस हत्या कर दी गई थी। उनका शव लहेड़िया बंधी में मिला था। हत्या का खुलासा करने के लिए पुलिस, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस, एसआईटी, एसटीएफ आदि कई टीमें लगी है, पर हत्या का खुलासा करने में सभी नाकाम है। हत्या पुलिस की गले की हड्डी बन गया है। हत्या का खुलासा करने के लिए कोई सुराग हाथ न लगने पर पुलिस पशोपेश में पड़ी है। क्षेत्र ही नहीं जिले और प्रदेश में भी लोग हत्याकांड की गुत्थी न सुलझने पर चिंतित है। परिजनों का बुरा हाल है। पुलिस के डर से अब गांव में हत्याकांड के बारे में बताने की छोड़िए कोई कुछ बोलने से कतरा रहा है। लोग आपस में हत्याकांड के बारे में बात करने से भी भाग रहे है। उनको डर है कि कहीं पुलिस उनको थाने बुलाकर पूछताछ न करें। वहीं पुलिस हत्याकांड में उस एक क्लू के इंतजार में है, जिससे उसके हत्या का खुलासा करने के लिए दिशा मिल सके। जांच में लगी टीमें बामी , लेहड़ियां आदि गांव व उसके आस-पास के गांव में छानबीन कर रही है।