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मौसम के ताप की आंच से झुलसे लोग
ब्यूरो मिर्जापुर अमर उजाला
Updated Wed, 27 May 2015 12:58 AM IST
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सप्ताह भर से पड़ रही प्रचंड गर्मी का असर कम होने का नाम नहीं ले रही है। पुरवा हवा चलने के कारण उमस बढ़ गई है।
सुबह आठ बजे से सूर्यदेव की तल्ख किरणों से लोग बेहाल दिखे। गर्मी से बचने के लिए घराें से निकलने वाले लोग चेहरे को ढंक कर व सिर पर रूमाली बांध कर ही निकले। अंधाधुंध बिजली की कटौती दाद में खाज का काम कर रही है।
मंगलवार को जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे पारा भी चढ़ता गया। चिलचिलाती धूप में जहां एक ओर बाजारों व प्रमुख सड़काें पर सन्नाटा पसरा रहा, वहीं पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस पार कर जाने से लोग घराें में ही रहना मुनासिब समझे। सन्नाटे के बीच सांय-सांय करते लू के थपेड़ों से चेहरे झुलस जा रहे थे।
रास्ताें पर चलने वाले राहगीर पेड़ाें की छांव की तलाश करते रहे, वहीं दुकानाें पर ग्राहकाें के न चढ़ने से ग्राहक मायूस दिखाई दिए।
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बर्फ की दुकानों सहित शीतल पेय पदार्थों की दुकानाें पर लोग डटे रहे, वहीं बाजारों में मौसमी फलाें की भी खूब बिक्री हुई। अंधाधुंध बिजली कटौती खाज में खुजली का काम कर रही है।
बिजली की बेहिसाब कटौती जारी रहने से उमस भरी गर्मी में लोगाें का जीना मुहाल हो गया है।
दिन के समय तो किसी तरह लोग अपना समय काट ले रहे हैं, लेकिन रात के समय की जा रही बिजली कटौती से लोगाें की नींद हराम हो रही है।
बिजली जाने के बाद लोग देर रात तक बिजली के आने का इंतजार करते रहते हैं। प्रचंड गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी छोटे-छोटे बच्चों सहित बुजुर्ग और बीमार को हो रही है।
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सुबह आठ बजे से सूर्यदेव की तल्ख किरणों से लोग बेहाल दिखे। गर्मी से बचने के लिए घराें से निकलने वाले लोग चेहरे को ढंक कर व सिर पर रूमाली बांध कर ही निकले। अंधाधुंध बिजली की कटौती दाद में खाज का काम कर रही है।
मंगलवार को जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे पारा भी चढ़ता गया। चिलचिलाती धूप में जहां एक ओर बाजारों व प्रमुख सड़काें पर सन्नाटा पसरा रहा, वहीं पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस पार कर जाने से लोग घराें में ही रहना मुनासिब समझे। सन्नाटे के बीच सांय-सांय करते लू के थपेड़ों से चेहरे झुलस जा रहे थे।
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रास्ताें पर चलने वाले राहगीर पेड़ाें की छांव की तलाश करते रहे, वहीं दुकानाें पर ग्राहकाें के न चढ़ने से ग्राहक मायूस दिखाई दिए।
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बर्फ की दुकानों सहित शीतल पेय पदार्थों की दुकानाें पर लोग डटे रहे, वहीं बाजारों में मौसमी फलाें की भी खूब बिक्री हुई। अंधाधुंध बिजली कटौती खाज में खुजली का काम कर रही है।
बिजली की बेहिसाब कटौती जारी रहने से उमस भरी गर्मी में लोगाें का जीना मुहाल हो गया है।
दिन के समय तो किसी तरह लोग अपना समय काट ले रहे हैं, लेकिन रात के समय की जा रही बिजली कटौती से लोगाें की नींद हराम हो रही है।
बिजली जाने के बाद लोग देर रात तक बिजली के आने का इंतजार करते रहते हैं। प्रचंड गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी छोटे-छोटे बच्चों सहित बुजुर्ग और बीमार को हो रही है।