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मिर्जापुर: लक्ष्मण आचार्य ने जिले में ही ग्रहण की थी प्राथमिक शिक्षा
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अदलहाट। क्षेत्र के हाजीपुर गांव निवासी भाजपा एमएलसी व भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य को राष्ट्र पति ने सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया है। इस पर उनके पैतृक गांव सहित पूरे जिले में खुशी है। मनोनयन की सूचना लगते ही उनके पैतृक आवास हाजीपुर में उनके बड़े भाई श्रीराम को गाजे बाजे के साथ लोग बधाई देने पहुंच गए। लक्ष्मण आचार्य की प्राथमिक शिक्षा हाजीपुर में ही हुई थी।
विकास खंड जमालपुर के पूर्व ब्लाक प्रमुख आनंद कुमार सिंह उर्फ भंट्टू ने उनके आवास पर पहुंचकर आचार्य के बड़े भाई श्रीराम को माल्यार्पण कर स्मृतिचिन्ह देकर सम्मान किया। लक्ष्मण आचार्य ने प्राथमिक पाठशाला हाजीपुर में कक्षा पांच तक पढ़ाई की। इसके बाद क्षेत्र के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुइलीखास में कक्षा 8 तक की पढ़ाई की। कक्षा पांच से ही लक्ष्मण आचार्य ने आरएसएस से जुड़कर शाखा लगाना प्रारंभ कर दिया था।सन 1947 में इनके पिता कालिदास खरवार जो धार्मिक प्रवृत्ति के थे। उन्होंने रामनगर की ऐतिहासिक राम लीला देखने के लिए वहीं पर अपना आवास बनाकर रहने लगे ।तभी से इनकी शिक्षा राम नगर वाराणसी से प्रारंभ हुई। और काशी से ही आचार्य की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद भाजपा के पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह के साथ मिलकर अपनी राजनीति की एक अलग पहचान बनाई। प्रदेश में बसपा व भाजपा की मिली जुली सरकार में इन्हें मत्यस्य निगम का चेयर मैन बनाया गया था।
राम मंदिर में भागीदारी के साथ ही 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी तैयारियों में और 2019 के चुनावों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका देखने को मिली थी। लगातार सक्रिय राजनीति का हिस्सा रहने के कारण उन्हें पार्टी ने यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्हें काशी प्रांत का अध्यक्ष बनाया गया। उसके बाद उन्हें विधान परिषद सदस्य मनोनित किया गया। इसके बाद उन्हें दोबारा विधान परिषद सदस्य बनाने के साथ ही भाजपा संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष का पद देकर संगठन को मजबूत करने का दायित्व सौंपा गया।
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लक्ष्मण आचार्य अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर के हैं। उनके बड़े भाई श्रीराम जो सीच पर्यवेक्षक पद से सेवा निवृत होकर घर तथा धार्मिक कार्यों में अपना समय देते हैं। तीसरे भाई शीतला प्रसाद सोनभद्र में राम गढ़ स्थित काली दास शिक्षण संस्थान संचालित करते हैं। लक्ष्मण आचार्य को एक मात्र पुत्री श्रद्धा कुमारी है। बधाई देने वालों में जिला उपाध्यक्ष भाजपा अमित कुमार पांडेय,यूथ मंडल अध्यक्ष अदलहाट राजन तिवारी ,कौशल पति जायसवाल, ग्राम प्रधान धनंजय जायसवाल,पूर्व प्रधान संतोष कुमार मौर्य,हरिशंकर सिंह, बाबू लाल,राजकुमार यादव,अशोक कुमार सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
पिता की याद में किया शिक्षण संस्थान की स्थापना
शेरवां। लक्ष्मण आचार्य ने अपने पिता की याद में शिक्षण संस्थान की स्थापना की है। विकास खंड जमालपुर के सेमरां गांव के अपने पूर्व साथी रामबृक्ष दूबे से संपर्क करके सेमरां गांव के जमींदार कुमार अजीत सिन्हा से लगभग पांच विस्वा जमीन लेकर गरीबों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए वर्ष 2003 मे कालीदास शिक्षण संस्थान, शिशु शिक्षा मंदिर सेमरां की स्थापना की।
बृजनाथ चौबे, वीरेन्द्र पाण्डेय,नवीन पाण्डेय,श्रीकांत द्विवेदी,संतोष दूबे, रामचन्द्र पाल,अंजेश मौर्या,गोपीनाथ मौर्या, रोशन लाल श्रीवास्तव, प्रभात श्रीवास्तव, सीयाराम मौर्य ने हर्ष जताया है। जमालपुर, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष दिलीप ,पटेल भाजपा मंडल अध्यक्ष नरसिंह चौहान जोशी पटेल संदीप गुप्ता धीरज सिंह मन्ना सिंह मनीष मौर्य रामजनम कशवाहा आदि ने भी हर्ष जताया है।
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विकास खंड जमालपुर के पूर्व ब्लाक प्रमुख आनंद कुमार सिंह उर्फ भंट्टू ने उनके आवास पर पहुंचकर आचार्य के बड़े भाई श्रीराम को माल्यार्पण कर स्मृतिचिन्ह देकर सम्मान किया। लक्ष्मण आचार्य ने प्राथमिक पाठशाला हाजीपुर में कक्षा पांच तक पढ़ाई की। इसके बाद क्षेत्र के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुइलीखास में कक्षा 8 तक की पढ़ाई की। कक्षा पांच से ही लक्ष्मण आचार्य ने आरएसएस से जुड़कर शाखा लगाना प्रारंभ कर दिया था।सन 1947 में इनके पिता कालिदास खरवार जो धार्मिक प्रवृत्ति के थे। उन्होंने रामनगर की ऐतिहासिक राम लीला देखने के लिए वहीं पर अपना आवास बनाकर रहने लगे ।तभी से इनकी शिक्षा राम नगर वाराणसी से प्रारंभ हुई। और काशी से ही आचार्य की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद भाजपा के पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह के साथ मिलकर अपनी राजनीति की एक अलग पहचान बनाई। प्रदेश में बसपा व भाजपा की मिली जुली सरकार में इन्हें मत्यस्य निगम का चेयर मैन बनाया गया था।
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राम मंदिर में भागीदारी के साथ ही 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी तैयारियों में और 2019 के चुनावों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका देखने को मिली थी। लगातार सक्रिय राजनीति का हिस्सा रहने के कारण उन्हें पार्टी ने यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्हें काशी प्रांत का अध्यक्ष बनाया गया। उसके बाद उन्हें विधान परिषद सदस्य मनोनित किया गया। इसके बाद उन्हें दोबारा विधान परिषद सदस्य बनाने के साथ ही भाजपा संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष का पद देकर संगठन को मजबूत करने का दायित्व सौंपा गया।
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लक्ष्मण आचार्य अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर के हैं। उनके बड़े भाई श्रीराम जो सीच पर्यवेक्षक पद से सेवा निवृत होकर घर तथा धार्मिक कार्यों में अपना समय देते हैं। तीसरे भाई शीतला प्रसाद सोनभद्र में राम गढ़ स्थित काली दास शिक्षण संस्थान संचालित करते हैं। लक्ष्मण आचार्य को एक मात्र पुत्री श्रद्धा कुमारी है। बधाई देने वालों में जिला उपाध्यक्ष भाजपा अमित कुमार पांडेय,यूथ मंडल अध्यक्ष अदलहाट राजन तिवारी ,कौशल पति जायसवाल, ग्राम प्रधान धनंजय जायसवाल,पूर्व प्रधान संतोष कुमार मौर्य,हरिशंकर सिंह, बाबू लाल,राजकुमार यादव,अशोक कुमार सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
पिता की याद में किया शिक्षण संस्थान की स्थापना
शेरवां। लक्ष्मण आचार्य ने अपने पिता की याद में शिक्षण संस्थान की स्थापना की है। विकास खंड जमालपुर के सेमरां गांव के अपने पूर्व साथी रामबृक्ष दूबे से संपर्क करके सेमरां गांव के जमींदार कुमार अजीत सिन्हा से लगभग पांच विस्वा जमीन लेकर गरीबों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए वर्ष 2003 मे कालीदास शिक्षण संस्थान, शिशु शिक्षा मंदिर सेमरां की स्थापना की।
बृजनाथ चौबे, वीरेन्द्र पाण्डेय,नवीन पाण्डेय,श्रीकांत द्विवेदी,संतोष दूबे, रामचन्द्र पाल,अंजेश मौर्या,गोपीनाथ मौर्या, रोशन लाल श्रीवास्तव, प्रभात श्रीवास्तव, सीयाराम मौर्य ने हर्ष जताया है। जमालपुर, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष दिलीप ,पटेल भाजपा मंडल अध्यक्ष नरसिंह चौहान जोशी पटेल संदीप गुप्ता धीरज सिंह मन्ना सिंह मनीष मौर्य रामजनम कशवाहा आदि ने भी हर्ष जताया है।