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Mirzapur News: अस्पताल जाने के लिए अब बगैर शुल्क एंबुलेंस
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मिर्जापुर। निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अब सरकारी अस्पताल में जाने के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस का लाभ मिलेगा। शासन स्तर से इसके लिए आदेश जारी हो गया है। जिले के लोग इसका लाभ ले सकते है। इस योजना से काफी मरीजों को लाभ मिलेगा। जिले में 102 एंबुलेंस सेवा की 31 के अलावा 108 की 31 और तीन एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस हैं। इन एंबुलेंस से प्रतिदिन लगभग 500 लोगों को अस्पताल ले जाना होता है।
अभी तक इन सरकारी एंबुलेंस का कार्य घर अथवा घटना स्थल से सरकारी अस्पताल में लाना था, परंतु नए आदेश के बाद अब निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी ये सरकारी एंबुलेंस लाकर सरकारी अस्पताल में भर्ती करा सकते हैं। इससे मरीजों को त्वरित इलाज मिल सकेगा।
अभी यह होता है कि दुर्घटना होने पर लोग घायल को अपनेे आस-पास के निजी अस्पताल में पहुंचा देते हैं। वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद पता चलता है कि उसे आगे सर्जरी अथवा क्या इलाज कराना है। उस इलाज या सर्जरी में कितना खर्च आएगा, पैसा न होने पर वह आगे का इलाज कराने के लिए निजी अस्पताल छोड़कर सरकारी अस्पताल जाना चाहता है। निजी अस्पताल से सरकारी अस्पताल जाने के लिए उसे सरकारी एंबुलेंस नहीं मिल पाती थी, उसे निजी एंबुलेंस से जाना होता था। निजी एंबुलेंस से किराया भी अधिक होता है।
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प्रोग्राम मैनेजर गौरव तिवारी का कहना है कि निजी एंबुलेंस वाले मरीजों को बेहतर उपचार किसी और निजी अस्पताल में दिलाने के नाम पर बहकाकर वहां ले जाते थे। यही समस्या गर्भवती महिलाओं के साथ होती थी। इन समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने निजी अस्पताल से सरकारी अस्पताल में मरीज को ले जाने के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस की सुविधा दी है। अब जिले के मरीज निजी से सरकारी अस्पताल जाने के लिए 102 व 108 एंबुलेंस सेवा की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। नवजात शिशु, गर्भवती महिला, नसबंदी, प्रसव पीड़िता को घर से अस्पताल और अस्पताल से घर ले जाने की सुविधा है। 102 और 108 एंबुलेंस की सुविधा अब निजी अस्पताल से सरकारी अस्पताल ले जाने के लिए भी मिलेगी।
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अभी तक इन सरकारी एंबुलेंस का कार्य घर अथवा घटना स्थल से सरकारी अस्पताल में लाना था, परंतु नए आदेश के बाद अब निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी ये सरकारी एंबुलेंस लाकर सरकारी अस्पताल में भर्ती करा सकते हैं। इससे मरीजों को त्वरित इलाज मिल सकेगा।
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अभी यह होता है कि दुर्घटना होने पर लोग घायल को अपनेे आस-पास के निजी अस्पताल में पहुंचा देते हैं। वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद पता चलता है कि उसे आगे सर्जरी अथवा क्या इलाज कराना है। उस इलाज या सर्जरी में कितना खर्च आएगा, पैसा न होने पर वह आगे का इलाज कराने के लिए निजी अस्पताल छोड़कर सरकारी अस्पताल जाना चाहता है। निजी अस्पताल से सरकारी अस्पताल जाने के लिए उसे सरकारी एंबुलेंस नहीं मिल पाती थी, उसे निजी एंबुलेंस से जाना होता था। निजी एंबुलेंस से किराया भी अधिक होता है।
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प्रोग्राम मैनेजर गौरव तिवारी का कहना है कि निजी एंबुलेंस वाले मरीजों को बेहतर उपचार किसी और निजी अस्पताल में दिलाने के नाम पर बहकाकर वहां ले जाते थे। यही समस्या गर्भवती महिलाओं के साथ होती थी। इन समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने निजी अस्पताल से सरकारी अस्पताल में मरीज को ले जाने के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस की सुविधा दी है। अब जिले के मरीज निजी से सरकारी अस्पताल जाने के लिए 102 व 108 एंबुलेंस सेवा की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। नवजात शिशु, गर्भवती महिला, नसबंदी, प्रसव पीड़िता को घर से अस्पताल और अस्पताल से घर ले जाने की सुविधा है। 102 और 108 एंबुलेंस की सुविधा अब निजी अस्पताल से सरकारी अस्पताल ले जाने के लिए भी मिलेगी।