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Mirzapur News: जर्जर भवन गिराने के लिए 45 को नोटिस
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मिर्जापुर। नगर पालिका क्षेत्र में जर्जर भवनों में रह रहे 45 भवन स्वामियों को नगर पालिका की तरफ से दोबारा नोटिस भेजा गया है है। नगर में बरसात के पूर्व हुए सर्वे में 60 जर्जर भवन चिह्नित किए गए थे। संबंधित भवन स्वामियों को इस सिलसिले में नोटिस जारी किया गया था। नोटिस मिलने पर 15 लोगों ने जर्जर भवन गिरवाकर निर्माण करा लिया है अथवा अन्य जरूरी कदम उठाकर जवाब दे दिया है। अन्य 45 लोगों ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। इस पर नगर पालिका प्रशासन की तरफ से संबंधित लोगों को दोबारा नोटिस जारी किया गया है।
शहर में तकरीबन सौ के आसपास जर्जर भवन हैं। इनमें कई सरकारी कार्यालय भी हैं। उन भवनों को न तो वे मरम्मत करा सकते हैं और न ही उसे छोड़कर कहीं अन्यत्र रहने के लिए जा सकते हैं। अधिकांश जर्जर भवनों में किराएदार ही हैं, जो न तो मकान खाली कर रहे हैं और न ही भवन स्वामी उसकी मरम्मत करा पा रहे हैं। इससे मामला लटका हुआ है। उधर, इस समय हल्की बारिश हो रही है जो जर्जर भवनों के लिए खतरनाक बताई जा रही है। रविवार से पूर्वी उत्तर प्रदेश में तेज बारिश की भी बात कही जा रही है। तेज बारिश के बाद जब तेज धूप निकलती है तो जर्जर भवनों के ढहने की आशंका बनी रहती है। दुर्घटनाओं को टालने के लिए सर्वे कराया जाता है और मकान खाली कराने को कहा जाता है। नगर के बाजीराव कटरा, गिरधर चौराहा, बड़ी माता, लालडिग्गी, गौरियान, नटवां, बूढ़ेनाथ, त्रिमोहानी, अनगढ़, महंथ शिवाला आदि स्थानों पर जर्जर भवन देखे जा सकते हैं। कई ऐसे भवन हैं, जिसे दूर से ही देखने पर लगता है कि जरा सा भार पड़ने पर भवन भरभरा कर गिर सकता है। कुछ वर्ष पूर्व शहर कोतवाली के सामने जर्जर भवन ढहने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मृत्यु हो गई थी।
नगर पालिका मिर्जापुर के नगर अभियंता विपिन मिश्रा ने बताया कि कई लोगों ने खुद जर्जर भवन गिरवा लिया है। जिन लोगों ने नोटिस पर जरूरी कदम उठाकर जवाब नहीं दिया है, उन्हें दोबारा नोटिस जारी किया गाय है। इसके बाद भी जवाब नहीं मिलने पर जिला प्रशासन की अनुमति से कार्रवाई की जाएगी।
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उधर, चुनार नगर पालिका क्षेत्र के तहत आने वाले किसी भी जर्जर भवन के स्वामी को नोटिस नहीं जारी किया गया है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजपति बैस ने बताया कि शासनस्तर से जर्जर भवनों की सूची मांगे जाने पर संबंधित भवन स्वामी को नोटिस जारी किया जाता है। उधर, अहरौरा नगर पालिका क्षेत्र में जर्जर भवनों का सर्वे ही नहीं कराया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश केसरी ने बताया कि जब शासन द्वारा सूचना मांगी जाएगी तो जर्जर भवनों को चिह्नित कराकर संबंधित भवन स्वामी को नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही शासन से मिले निर्देशों के अनुरूप रिपोर्ट भेजी जाएगी। उधर, कछवां नगर पंचायत में नगर पंचायत प्रशासन की तरफ से अभी तक किसी भी जर्जर भवन के स्वामी को नोटिस जारी नहीं किया गया है। नगर पंचायत के प्रभारी अधिशासी अभियंता राजपती ने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में सर्वे कराकर जर्जर भवनों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित भवन स्वामी को नोटिस जारी कर जर्जर भवनों को गिरवाने का काम किया जाएगा।
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शहर में तकरीबन सौ के आसपास जर्जर भवन हैं। इनमें कई सरकारी कार्यालय भी हैं। उन भवनों को न तो वे मरम्मत करा सकते हैं और न ही उसे छोड़कर कहीं अन्यत्र रहने के लिए जा सकते हैं। अधिकांश जर्जर भवनों में किराएदार ही हैं, जो न तो मकान खाली कर रहे हैं और न ही भवन स्वामी उसकी मरम्मत करा पा रहे हैं। इससे मामला लटका हुआ है। उधर, इस समय हल्की बारिश हो रही है जो जर्जर भवनों के लिए खतरनाक बताई जा रही है। रविवार से पूर्वी उत्तर प्रदेश में तेज बारिश की भी बात कही जा रही है। तेज बारिश के बाद जब तेज धूप निकलती है तो जर्जर भवनों के ढहने की आशंका बनी रहती है। दुर्घटनाओं को टालने के लिए सर्वे कराया जाता है और मकान खाली कराने को कहा जाता है। नगर के बाजीराव कटरा, गिरधर चौराहा, बड़ी माता, लालडिग्गी, गौरियान, नटवां, बूढ़ेनाथ, त्रिमोहानी, अनगढ़, महंथ शिवाला आदि स्थानों पर जर्जर भवन देखे जा सकते हैं। कई ऐसे भवन हैं, जिसे दूर से ही देखने पर लगता है कि जरा सा भार पड़ने पर भवन भरभरा कर गिर सकता है। कुछ वर्ष पूर्व शहर कोतवाली के सामने जर्जर भवन ढहने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मृत्यु हो गई थी।
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नगर पालिका मिर्जापुर के नगर अभियंता विपिन मिश्रा ने बताया कि कई लोगों ने खुद जर्जर भवन गिरवा लिया है। जिन लोगों ने नोटिस पर जरूरी कदम उठाकर जवाब नहीं दिया है, उन्हें दोबारा नोटिस जारी किया गाय है। इसके बाद भी जवाब नहीं मिलने पर जिला प्रशासन की अनुमति से कार्रवाई की जाएगी।
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उधर, चुनार नगर पालिका क्षेत्र के तहत आने वाले किसी भी जर्जर भवन के स्वामी को नोटिस नहीं जारी किया गया है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजपति बैस ने बताया कि शासनस्तर से जर्जर भवनों की सूची मांगे जाने पर संबंधित भवन स्वामी को नोटिस जारी किया जाता है। उधर, अहरौरा नगर पालिका क्षेत्र में जर्जर भवनों का सर्वे ही नहीं कराया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश केसरी ने बताया कि जब शासन द्वारा सूचना मांगी जाएगी तो जर्जर भवनों को चिह्नित कराकर संबंधित भवन स्वामी को नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही शासन से मिले निर्देशों के अनुरूप रिपोर्ट भेजी जाएगी। उधर, कछवां नगर पंचायत में नगर पंचायत प्रशासन की तरफ से अभी तक किसी भी जर्जर भवन के स्वामी को नोटिस जारी नहीं किया गया है। नगर पंचायत के प्रभारी अधिशासी अभियंता राजपती ने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में सर्वे कराकर जर्जर भवनों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित भवन स्वामी को नोटिस जारी कर जर्जर भवनों को गिरवाने का काम किया जाएगा।