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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Not getting relief from dengue

डेंगू से नहीं मिल रही राहत

Thu, 03 Nov 2022 12:57 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Nov 2022 12:57 AM IST
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Not getting relief from dengue
ठंड का मौसम शुरू होने के बावजूद डेंगू के मरीजों के संख्या कम नहीं हो रही है। मंडलीय अस्पताल में बना 150 बेड का डेंगू वार्ड बुधवार को फुल रहा। इस बीच मंडलीय अस्पताल दिखाने पहुंचे मरीजों में से अधिकांश डेंगू, बुखार और इससे संबंधित लक्षण वाले ही थे।
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मंडलीय अस्पताल में सुबह आठ बजे ओपीडी शुरू होने के बाद से ही मरीज आने लगते हैं। मंडलीय अस्पताल में इलाज के लिए आ रहे 70 प्रतिशत मरीज डेंगू, बुखार और उसके लक्षण वाले हैं। फिजिशियन के कक्ष में दोपहर दो बजे ओपीडी खत्म होने के बाद भी मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। किसी तरह ओपीडी बंद होती है तो इमरजेंसी में मरीजों का आने का सिलसिला शुरू हो जाता है। देर रात तक यह सिलसिला चलता है।
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उधर मरीज की जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि होने पर मरीज को डेंगू वार्ड में भेजा जाता है। वहां भी मुश्किल से बेड मिल पाता है। बेड नहीं होने पर दूसरे वार्ड में भर्ती करना पड़ता है। इमरजेंसी में पहले हादसों में घायल अथवा अचानक तबीयत खराब होने पर इलाज कराने वाले मरीज अधिक आते थे, परंतु डेंगू के प्रकोप के चलते वहां भी ओपीडी की तरह मरीजों की लाइन लगी रहती है। बेड नहीं होने पर कितने लोगों को इमरजेंसी के सामने बने कमरे में इलाज किया जाता है। बेड खाली होने पर उनको शिफ्ट किया जाता है। डेंगू वार्ड में सभी 150 बेड फुल हैं। इसके अलावा अन्य वार्डों में भी मरीज भर्ती हैं।
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उधर, डेंगू का प्रकोप बढ़ने के कारण नारियल बेचने वाले दुकानों की संख्या अधिक हो गई है। डेंगू के मरीजों को नारियल पानी पीने की सलाह दी जा रही है। इसे देखते हुए नारियल की दुकानों की संख्या बढ़ गई है। इस समय मंडलीय अस्पताल के पास तीन से चार दुकानें लग रही हैं।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आरबी कमल का कहना है कि डेंगू के मरीजों की संख्या में कमी नहीं आई है। जो भी मरीज आ रहे हैं, उनको भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। मरीजों को स्वस्थ होने के बाद घर भेजा जा रहा है। अस्पताल में एक माह के अंदर 15 लाख रुपये सिर्फ नि:शुल्क जांच में खत्म हुए हैं,। जबकि पहले ये बजट काफी समय तक चलता था।
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