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नगर में अवैध कालोनियों का संजाल, सुनियोजित विकास का रुका रास्ता

Wed, 27 Apr 2022 12:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 27 Apr 2022 12:27 AM IST
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Network of illegal colonies in the city, the path of planned development stopped
नगर में इन दिनों अवैध कालोनियों की बाढ़ सी आ गई है। थोड़ी सी जमीन पर दो-चार लोगों ने मिलकर ऐसी कई कालोनियां डेवलप कर दी है, जिससे नगर का विकास अवरुद्ध हो रहा है। इसके साथ ही अवैध कालोनियां विकसित कर लोगों को गुमराह भी किया जा रहा है। ऐसे में लोगों की वर्षों की कमाई अवैध कालोनियों की भेंट चढ़ जा रही हैं। उधर, सब कुछ जानते हुए भी विकास प्राधिकरण अनजान बना हुुआ है। हालत यह है कि गंगा के किनारे तक क्षेत्र में बक्शे नहीं जा रहे हैं।
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अवैध कालोनियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। मिर्जापुर जिले में भी अवैध कालोनियों का जाल बिछा हुआ है। नगर के विकास के लिए मिर्जापुर-विंध्याचल विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। प्राधिकरण क्षेत्र में मकान बनवाने के लिए पहले नक्शा पास कराना पड़ता है। इसी तरह से अगर कॉलोनी डेवलप करनी होती है तो उसका लेआउट प्राधिकरण में स्वीकृति के लिए भेजा जाता है। प्राधिकरण की स्वीकृति के बाद ही ऐसी कालोनियों का विकास किया जा सकता है। उधर, नगर में हालत है कि अवैध कालोनियों की बाढ़ आ गई है। शहर और आस - पास कई कालोनियां बस गई हैं। इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। परंतु विकास प्राधिकरण आंख मूंदे बैठा है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रहा है। यही वजह है कि अधिकतर कालोनियों में बसने वाले नागरिक मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। वहां पर न तो उनको सड़कें मिल रही हैं और न ही पीने के पानी के लिए नल लगा मिल रहा है। गंदे जल की निकासी के लिए कई जगह नालियां भी नहीं बनाई गई हैं। नगर के अन्य हिस्सों को छोड़ दीजिए, जिला मुख्यालय से चंद कदम दूर स्थित रैदानी कालोनी में भी धड़ल्ले से अवैध निर्माण कराए जा रहे हैं। यही नहीं, गंगा घाट तक को नहीं छोड़ा जा रहा है। वहां भी कब्जा कर कई मकानों का निर्माण कराया जा रहा है। विकास प्राधिकरण में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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उधर, नगर में प्राधिकरण से सिर्फ एक ही कॉलोनी रुद्रा को स्वीकृति दी गई है। इस कालोनी में 65 प्लाट हैं और यहां के बाशिंदों को नियमित बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा कोई भी कॉलोनी का ले आउट प्राधिकरण से पास नहीं कराया गया है और एक को छोड़ सभी कालोनियां अवैध हैं। पूरे नगर में अवैध कालोनियों की भरमार है। चाहे पांडेयपुर का मोहल्ला हो या भरूहना का इलाका हो। विंध्याचल क्षेत्र और मिर्जापुर- विंध्याचल के बीच में पड़ने वाले लोहिया तालाब व इमामबाड़े के आसपास के क्षेत्र में कई कालोनियां विकसित हो गई हैं। सेंट मेरी स्कूल के पीछे के क्षेत्र में भी अवैध कालोनियां विकसित हो गई हैं। उन कालोनियां का ले आउट प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया है। यही कारण है कि इन कालोनियों में बसने वालों पर कार्रवाई की तलवार लटकती रहती है। मिर्जापुर-विंध्याचल विकास प्राधिकरण के प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह का कहना है कि जो कालोनियां अवैध हैं या जो लोग बिना नक्शा पास कराए मकान बनवा लिए हैं, वे नियमितीकरण कराएं। लोगों को चाहिए भवन निर्माण में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें। कसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या कॉलोनी पर प्रशासन सख्त है और कठोर कार्रवाई होगी।
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