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कुकरौठी: पुलिस स्टेशन अतापता नहीं, बिल लेकर भटक रहा संविदाकर्मी
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जिगना। छानबे क्षेत्र में बिजली विभाग के खेल निराले हैं। विंध्याचल थाना क्षेत्र के कुकरौठी गांव में पुलिस स्टेशन का कहीं कोई नामोनिशान नहीं और विभाग की तरफ से एक लाख 61 हजार 883 रुपये की बकाएदारी का बिजली बिल जारी कर दिया गया। संविदाकर्मी क्षेत्र में पुलिस स्टेशन को खोजते फिर रहा है।
मामला तब खुला जब शासन-प्रशासन के निर्देश पर बिजली के बड़े बकाएदारों के खिलाफ अभियान शुरु किया गया। अर्जुनपुर पावर हाउस से कुकरौठी गांव में पुलिस स्टेशन के नाम एक लाख 61 हजार 883 रुपए बकाएदारी का बिल निकला जिसे लेकर संविदाकर्मी आए दिन कुकरौठी में पुलिस स्टेशन का लाइन काटने के लिए खोजता फिर रहा है। बिजली कनेक्शन एक अप्रैल 1959 को विभाग के रजिस्टर में दर्ज है। नाम न छापने की शर्त पर संविदा कर्मी लाइन मैन ने बताया कि बिल लेकर प्रतिदिन खोजा जा रहा है पुलिस स्टेशन का कहीं अतापता नहीं चल रहा है। इस संबंध में जब ग्राम प्रधान सोना देवी व गांव ही भाष्कर सिंह से पूछा गया तो लोगों ने बताया कि यहां कभी कोई पुलिस कार्यालय नहीं था। लोगों ने बताया कि 1959 में गांव में बिजली भी नहीं थी।
इस बाबत अवर अभियंता रमन चतुर्वेदी से मामले पर पूछताछ की गई तो उन्होंने कहा कि क्षेत्र में उस दौरान कोई पुलिस कर्मचारी रहता होगा, जिसका पता लगाया जा रहा है।
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मामला तब खुला जब शासन-प्रशासन के निर्देश पर बिजली के बड़े बकाएदारों के खिलाफ अभियान शुरु किया गया। अर्जुनपुर पावर हाउस से कुकरौठी गांव में पुलिस स्टेशन के नाम एक लाख 61 हजार 883 रुपए बकाएदारी का बिल निकला जिसे लेकर संविदाकर्मी आए दिन कुकरौठी में पुलिस स्टेशन का लाइन काटने के लिए खोजता फिर रहा है। बिजली कनेक्शन एक अप्रैल 1959 को विभाग के रजिस्टर में दर्ज है। नाम न छापने की शर्त पर संविदा कर्मी लाइन मैन ने बताया कि बिल लेकर प्रतिदिन खोजा जा रहा है पुलिस स्टेशन का कहीं अतापता नहीं चल रहा है। इस संबंध में जब ग्राम प्रधान सोना देवी व गांव ही भाष्कर सिंह से पूछा गया तो लोगों ने बताया कि यहां कभी कोई पुलिस कार्यालय नहीं था। लोगों ने बताया कि 1959 में गांव में बिजली भी नहीं थी।
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इस बाबत अवर अभियंता रमन चतुर्वेदी से मामले पर पूछताछ की गई तो उन्होंने कहा कि क्षेत्र में उस दौरान कोई पुलिस कर्मचारी रहता होगा, जिसका पता लगाया जा रहा है।
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