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Mirzapur News: मैया झूले चानन झुलनवा, पवनवा चवर डोलावै ना...
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कजरी महोत्सव में अतिथि कजरी गायक और अन्य के सम्मान के बाद की फोटो, संवाद
कजली के सुरों से सजी महोत्सव की शाम, कलाकारों ने बांधा समा
मिर्जापुर। देवी अहिल्याबाई होल्कर पार्क, शुक्ला रोड में शनिवार को विंध्य कलाकार मंच ट्रस्ट के तत्वावधान में 16वां कजरी महोत्सव का आयोजन धूमधाम से हुआ। कजरी के पारंपरिक सुरों और लोकगीतों से सजी महफिल में कलाकारों ने देर रात तक समा बांधे रखा। अध्यक्षता राजस्व परिषद, प्रयागराज के सदस्य डॉ. विश्राम यादव ने की। नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी मुख्य अतिथि रहे। रामभद्राचार्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट के कुलपति प्रो. शिशिर पांडेय और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल विशिष्ट अतिथि रहे।
महोत्सव का शुभारंभ अजीत उपाध्याय ने देवी गीत ‘मैया झूले चानन झुलनवा, पवनवा चवर डोलावै ना’ से किया। उषा गुप्ता ने ‘रिमझिम बरसे बदरिया’ सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही बटोरी। डॉ. नमिता मिश्रा ने शास्त्रीय संगीत, ठुमरी और दादरा की प्रस्तुति दी। सुधेश्वर शुक्ला ने ‘घेरी आई बदरी’ और शैल श्रीवास्तव ने ‘पिया मेहंदी ले आई’ सुनाकर माहौल को कजरीमय कर दिया। जिले की लोक संस्कृति और कजरी परंपरा को समर्पित आयोजन में विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।
रानी सिंह ने शायरी कजली से महफिल में चार चांद लगाए। वरिष्ठ कवि एवं लोक गायक देवी प्रसाद मौर्य ‘पहलवान’, रामधनी बदरी और पतलू यादव की प्रस्तुतियों पर श्रोता तालियां बजाने को मजबूर हुए। वाराणसी, अहरौरा और भदोही से पहुंचे कलाकारों ने भी कजली की विभिन्न विधाओं की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सभी कलाकारों और अतिथियों को चुनरी, मोतियों की माला और मां की प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। इनमें वरिष्ठ कवि देवी प्रसाद मौर्य ‘पहलवान’, ओम प्रकाश मिश्रा, राजपति ओझा, प्रेमा पाल, दिन उपाध्याय, ओमप्रकाश मिर्जापुरी और गणेश गंभीर शामिल रहे। मुख्य अतिथि श्याम सुंदर केसरी ने कजली के संरक्षण के लिए ऑडिटोरियम बनाने और नियमित कार्यशाला संचालित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को कजली सिखाकर इस लोक विधा को जीवंत रखा जा सकता है। संचालन डॉ. ईजी पांडेय ने किया। इस दौरान जिला सूचना अधिकारी ओम प्रकाश उपाध्याय, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष अभय राज सिंह एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। संस्था अध्यक्ष सुरेश मौर्य, उपाध्यक्ष रामधन यादव, संयोजक डॉ. सुरेंद्र कुमार दुबे, प्रबंधक जय सिंह पाल और सचिन शिवलाल गुप्ता ने अतिथियों और श्रोताओं का आभार जताया।
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मिर्जापुर। देवी अहिल्याबाई होल्कर पार्क, शुक्ला रोड में शनिवार को विंध्य कलाकार मंच ट्रस्ट के तत्वावधान में 16वां कजरी महोत्सव का आयोजन धूमधाम से हुआ। कजरी के पारंपरिक सुरों और लोकगीतों से सजी महफिल में कलाकारों ने देर रात तक समा बांधे रखा। अध्यक्षता राजस्व परिषद, प्रयागराज के सदस्य डॉ. विश्राम यादव ने की। नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी मुख्य अतिथि रहे। रामभद्राचार्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट के कुलपति प्रो. शिशिर पांडेय और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल विशिष्ट अतिथि रहे।
महोत्सव का शुभारंभ अजीत उपाध्याय ने देवी गीत ‘मैया झूले चानन झुलनवा, पवनवा चवर डोलावै ना’ से किया। उषा गुप्ता ने ‘रिमझिम बरसे बदरिया’ सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही बटोरी। डॉ. नमिता मिश्रा ने शास्त्रीय संगीत, ठुमरी और दादरा की प्रस्तुति दी। सुधेश्वर शुक्ला ने ‘घेरी आई बदरी’ और शैल श्रीवास्तव ने ‘पिया मेहंदी ले आई’ सुनाकर माहौल को कजरीमय कर दिया। जिले की लोक संस्कृति और कजरी परंपरा को समर्पित आयोजन में विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।
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रानी सिंह ने शायरी कजली से महफिल में चार चांद लगाए। वरिष्ठ कवि एवं लोक गायक देवी प्रसाद मौर्य ‘पहलवान’, रामधनी बदरी और पतलू यादव की प्रस्तुतियों पर श्रोता तालियां बजाने को मजबूर हुए। वाराणसी, अहरौरा और भदोही से पहुंचे कलाकारों ने भी कजली की विभिन्न विधाओं की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सभी कलाकारों और अतिथियों को चुनरी, मोतियों की माला और मां की प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। इनमें वरिष्ठ कवि देवी प्रसाद मौर्य ‘पहलवान’, ओम प्रकाश मिश्रा, राजपति ओझा, प्रेमा पाल, दिन उपाध्याय, ओमप्रकाश मिर्जापुरी और गणेश गंभीर शामिल रहे। मुख्य अतिथि श्याम सुंदर केसरी ने कजली के संरक्षण के लिए ऑडिटोरियम बनाने और नियमित कार्यशाला संचालित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को कजली सिखाकर इस लोक विधा को जीवंत रखा जा सकता है। संचालन डॉ. ईजी पांडेय ने किया। इस दौरान जिला सूचना अधिकारी ओम प्रकाश उपाध्याय, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष अभय राज सिंह एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। संस्था अध्यक्ष सुरेश मौर्य, उपाध्यक्ष रामधन यादव, संयोजक डॉ. सुरेंद्र कुमार दुबे, प्रबंधक जय सिंह पाल और सचिन शिवलाल गुप्ता ने अतिथियों और श्रोताओं का आभार जताया।
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