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प्रसव के लिए लिया पैसा, संविदा सफाईकर्मी पर कार्रवाई

Sun, 23 May 2021 11:22 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 May 2021 11:22 PM IST
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Money taken from maternity for delivery, action on contract sweeper
महिला अस्पताल में प्रसव के नाम पर अस्पताल स्टाफ द्वारा धन उगाही पर लगाम नहीं लग रही है। रविवार को प्रसव के नाम पर धन उगाही और बच्चे का सही देखभाल न करने का आरोप लगाते हुए प्रसूता का वीडियो वायरल होने पर डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। डीएम का निर्देश मिलते ही नगर मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी ने जांच शुरू कर दी है। दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रसूता के पति का बयान लिया। प्रथम दृष्टया दोषी संविदा सफाईकर्मी को अस्पताल प्रशासन ने हटाकर खानापूर्ति कर ली। वहीं नवजात की हालत बिगड़ने पर बच्चे को वाराणसी रेफर कर दिया गया है।
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नगर के बड़ी माता निवासी 27 वर्षीय ममता पत्नी जमुना प्रसाद को शनिवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उसे लेकर जिला महिला अस्पताल आए। जहां उससे प्रसव के नाम पर पैसा लिया गया। पैसा कम देने पर उसके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया गया। ममता का वीडियो वायरल हुआ जिसमें उसने आरोप लगाया कि अस्पताल कर्मचारियों ने कहा कि चार हजार रुपये देने पर प्रसव के लिए हाथ लगाया जाएगा। जिसके बाद 1500 रुपये दिया गया। इसके बाद प्रसव के बाद बच्चे की बिना सफाई किए छोड़ कर स्वास्थ्यकर्मी चली गई। उसका गंदा पानी भी नहीं निकाले। दूसरी नर्स आई तो देखा कि बच्चा नीला पड़ रहा है तो उसे आईसीयू में भर्ती कराया। रात में उसे दर्द की दवा भी नहीं दी। भाजपा नेता व सामाजिक कार्यकर्ता रामकुमार विश्वकर्मा ने प्रसव के नाम पर पैसा लेने के बारे में स्वास्थ्य और अन्य अधिकारियों से शिकायत की। यह वीडियो वायरल होने के बाद डीएम ने मामले को संज्ञान में लिया। डीएम ने नगर मजिस्ट्रेट को मामले की जांच सौंपी। नगर मजिस्ट्रेट ने अस्पताल पहुंच कर उसके पति से बयान लिया। सीएमएस डा. संजय पांडेय ने बताया कि पैसा लेने वाली संविदा सफाई कर्मचारी को हटा दिया गया है।
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नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह का कहना है कि बच्चे की हालत खराब होने के कारण उसे रेफर किया गया। इस कारण प्रसूता का बयान नहीं हुुआ है। उसके पति जमुना का बयान लिया गया तो उसने बताया कि नर्स के कहने पर सफाईकर्मी महिला ने तीन हजार रुपये मांगे थे। 12 सौ रुपये दिया गया। प्रसव के बाद भी पैसा मांगा गया। मामले में सीएमएस ने संविदा सफाई कर्मी को हटा दिया है। पैसा लेने वाले कर्मचारी का भी बयान लिया जाएगा। उसने नर्स के कहने पर या कोई अन्य भी इस कार्य में लिप्त होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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