Mirzapur: गंगा में मिला तैरता हुआ पत्थर, लोगों ने त्रेता युग का पत्थर माना, विष्णु मंदिर लाकर पूजा-पाठ की
Floating Stone found in Ganga: सीखड़ के लालपुर निवासी बचाऊ शर्मा सुबह गंगा नदी पर पिंडदान में शामिल होने गए थे तभी उन्हें गंगा नदी में एक तैरता हुआ पत्थर दिखाई दिया। जिसको गांव के लोगों ने नदी से निकालकर बार बार पानी में डूबोने का प्रयास किया परन्तु पत्थर पानी पर तैरता ही रहा।
विस्तार
सीखड़ गांव के सामने गंगा नदी में तैरता हुआ पत्थर देखकर सभी अचंभित रह गए। सीखड़ के ही लालपुर निवासी बचाऊ शर्मा सुबह गंगा नदी पर पिंडदान में शामिल होने गए थे तभी उन्हें गंगा नदी में एक तैरता हुआ पत्थर दिखाई दिया। जिसको गांव के लोगों ने नदी से निकालकर बार बार पानी में डूबोने का प्रयास किया परन्तु पत्थर पानी पर तैरता ही रहा। गांव वालों द्वारा इसको अलौकिक पत्थर मानकर नदी से निकालकर पास स्थित विष्णु भगवान के मंदिर में लाकर रख दिया गया है। जिसको देखने के लिए भारी संख्या में आसपास के गांव के लोग मंदिर पहुंच रहे हैं।
पत्थर की जांच करने मिर्जापुर जाएगी बीएचयू की टीम
मिर्जापुर के सीखड़ गांव में गंगा नदी में तैरते मिले पत्थर की जांच करने रविवार को बीएचयू के भूगर्भ विज्ञानी मिर्जापुर जाएंगे। जियोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. बीपी सिंह ने बातचीत में बताया कि किस तरह का पत्थर है यह पत्थर को देखे बिना कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।
कहा कि पियूमिस और कोरल पत्थर की ऐसी वेराइटी है, जिसमें जगह-जगह छेद होता है। इससे उसमें हवा भर जाने के कारण यह हल्का हो जाता है। ऐसे पत्थर भी कभी कभी तैरते हैं। बताया कि रविवार को मौके पर जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि यह कौन से पत्थर है। इसके बाद इस बारे में विस्तार से जानकारी देना उचित होगा।