मिर्जापुर। एंबुलेंसकर्मी गाडि़यों को स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के बाद लखनऊ धरने में शामिल होने के लिए रवाना हो गए है। स्वास्थ्य सीएचसी-पीएचसी पर तैनात चालकों से एंबुलेंस को इमरजेंसी सेवा के लिए चलवा रही है, पर आम जनता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज के लिए आने वाले लोग अपने निजी वाहनों से अस्पताल आ रहे है।
समायोजन समेत छह सूत्री मांग को लेकर एंबुलेंसकर्मी रविवार की रात से चंदईपुर के मैदान में एंबुलेंस को खड़ा शुरु हुए धरने के बाद जिले में मरीजों को समस्या होने लगी। जिसके बाद स्वास्थ्य महकमा सभी एंबुलेंस को लेकर ब्लाको के सीएचसी-पीएचसी में खड़ा करवाया दिया। सीएचसी-पीएचसी में तैनात चालकों से इमरजेंसी सेवा वाले मरीजों को भेजा जा रहा है, पर यह व्यवस्था ज्यादा दिन नहीं चल सकेगी। कहने को स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस को कब्जे में ले लिया है, पर इसका लाभ आम मरीजों को नहीं मिल पता रहा है। वहीं मांगे पूरी न होने एंबुलेंस के कर्मचारी बृहस्पतिवार को बस से लखनऊ रवाना हो गए है। एंबुलेंस सेवा संगठन के मीडिया प्रभारी प्रदीप ने बताया कि सैकड़ों कर्मचारी बस से लखनऊ जा रहे है। वहां चल रहे धरने में शामिल होंगे। इस संबंध में सीएमओ डा. पीडी गुप्ता ने बताया कि सभी एंबुलेंस को कब्जे में ले लिया गया है। धरना देने वाले कर्मचारियों को काम पर वापस आने के लिए कहा गया है, उनके न आने तक सीएचसी-पीएचसी में तैनात चालकों से इमरजेंसी सेवा के रुप में कार्य लिया जा रहा है। आगे शासन का जो निर्देश आएगा, उस हिसाब से काम किया जाएगा।