मिर्जापुर में किशोरी घर से लापता: गंगा पुल पर मिला सुसाइड नोट, गांव के युवकों पर दुष्कर्म का आरोप, SIT का गठन
मिर्जापुर जिले के एक गांव से लापता किशोरी का सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उसने गांव के एक युवक पर दुष्कर्म करने और पुलिस द्वारा उसको पकड़कर छोड़ देने का आरोप लगाया है। मामले की जांच के लिए एसपी ने एसआईटी का गठन किया है।
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मिर्जापुर जिले के एक गांव से लापता किशोरी का सुसाइड नोट मिलने का मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने सीओ सदर के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया। पहले एक सुसाइड नोट किशोरी के घर पर मिला था। उसमें किशोरी ने भटौली गंगा पुल पर दूसरा सुसाइड नोट व अन्य सामान रखने का जिक्र किया था।
परिजन पुलिस को लेकर जब भटौली पुल पर पहुंचे तो वहां चुनरी, चप्पल व 50 रुपये व सुसाइड नोट मिला था। दूसरे सुसाइड नोट में पीड़िता ने गांव के युवकों पर दुष्कर्म करने और पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए जान देने का जिक्र किया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी खोज नहीं की और आरोपियों को भी छोड़ दिया।
लापरवाही में पुलिसकर्मी पर होगी कार्रवाई
इस मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा, सीओ सदर शैलेंद्र त्रिपाठी ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें किशोरी ने आरोप लगाया था। पुल पर जहां सुसाइड नोट मिला था, वहां नदी में एनडीआरएफ और पीएसी की जल पुलिस से किशोरी खोजबीन कराई जा रही है।
परिजनों से बात करके पूर्व में जिस मामले में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लग चुका है, उसकी पुन: विवेचना का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एएसपी सिटी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें एक महिला निरीक्षक और तीन अन्य निरीक्षक शामिल हैं। जांच रिपोर्ट में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में लगा दी थी फाइनल रिपोर्ट
सीओ सदर शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि बीते 13 अगस्त को तीन युवकों के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में जांच करने पर किशोरी की ओर से लगाए गए आरोप गलत मिले थे। इसके बाद इस मामले की जांच कर फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा दी गई थी।