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रुपये नहीं निकलने से शादी पर संकट
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Tue, 22 Nov 2016 12:28 AM IST
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नगर के पीलीकोठी स्थित एटीएम से रुपये निकालने के लिए लगी ग्राहकों की कतार।
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बैंक अधिकारियों की लापरवाही के चलते कई लड़कियों की शादी टलने के कगार पहुंच गई है। लड़की के पिता पैसा पाने के लिए बार बार बैंक का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अधिकारी उनकी एक न सुनते हुए यह कह कर लौटा दे रहे हैं कि उनके पास शासन से कोई आदेश नहीं आया है। इसलिए वह दस हजार रुपये से अधिक एक पैसा भी नहीं दे सकते हैं। अधिकारियों की इस लापरवाह भरे रवैये से लड़की व लड़के पक्ष के लोग मायूस हो जा रहे हैं। अधिकारियों का यह रवैया देख लोगों का गुस्सा धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है।
बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पांच सौ व एक हजार के नोट बंद होने से शादी ब्याह करने में आई परेशानी का देखते हुए ढाई लाख रुपये देने का फरमान बैंक अधिकारियों को दिया था। कहा था कि इस ढाई लाख रुपये से लोग अपने थोड़े बहुत काम करते हुए अधिकांश लोगों को चेक से भुगतान करने का काम करें, जिससे उनको भी परेशानी नहीं हो और बैंक कर्मियों को बैंक चलाने में दिक्कत नहीं हो।
केंद्रीय मंत्री के फरमान से लोगों ने खुशी जताया था कि इससे उनकी काफी हद तक समस्या हल हो जाएंगी, लेकिन जब वह अपने यहां पड़ी शादी का कार्ड समेत जारी किए गए फरमान का कोरम पूरा करते हुए बैंक में पहुंचे तो मैनेजरों ने उनको पैसा देने से इंकार कर दिया। कहा कि अभी तक उनके पास कोई आदेश नहीं आया है इसलिए वह दो से दस हजार के बीच से एक रुपया अधिक नहीं दे सकते हैं।
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बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पांच सौ व एक हजार के नोट बंद होने से शादी ब्याह करने में आई परेशानी का देखते हुए ढाई लाख रुपये देने का फरमान बैंक अधिकारियों को दिया था। कहा था कि इस ढाई लाख रुपये से लोग अपने थोड़े बहुत काम करते हुए अधिकांश लोगों को चेक से भुगतान करने का काम करें, जिससे उनको भी परेशानी नहीं हो और बैंक कर्मियों को बैंक चलाने में दिक्कत नहीं हो।
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केंद्रीय मंत्री के फरमान से लोगों ने खुशी जताया था कि इससे उनकी काफी हद तक समस्या हल हो जाएंगी, लेकिन जब वह अपने यहां पड़ी शादी का कार्ड समेत जारी किए गए फरमान का कोरम पूरा करते हुए बैंक में पहुंचे तो मैनेजरों ने उनको पैसा देने से इंकार कर दिया। कहा कि अभी तक उनके पास कोई आदेश नहीं आया है इसलिए वह दो से दस हजार के बीच से एक रुपया अधिक नहीं दे सकते हैं।
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