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आज से खुलेंगे मां विंध्यवासिनी मंदिर के पट, इस वजह से आम लोगों को दर्शन-पूजन के लिए करना होगा इंतजार

Sun, 28 Jun 2020 12:36 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sun, 28 Jun 2020 12:36 AM IST
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Maa Vindhyavasini temple doors will open from today
मां विंध्यवासिनी

श्री विंध्य पंडा समाज व मिर्जापुर जिला प्रशासन के संयुक्त निर्णय के बाद शनिवार को मां विंध्यवासिनी मंदिर प्रांगण चौक में अखंड कीर्तन पाठ शुरू हुआ। 24 घंटे कीर्तन के पश्चात रविवार की दोपहर पूर्णाहुति होगी। इसके पश्चात दोपहर 1:30 बजे दोपहर में आरती के बाद मां विंध्यवासिनी मंदिर के कपाट को विंध्यवासियों के लिए खोल दिया जाएगा जिसके बाद संपूर्ण विंध्याचल वासी मां के दर्शन कर सकेंगे। सोमवार की सुबह मंगला आरती के पश्चात मां विंध्यवासिनी मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

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दरअसल, कोरोना संक्रमण के चलते 20 मार्च से लगातार बंद चल रहे मां विंध्यवासिनी मंदिर के कपाट 29 जून को आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए जाएंगे। जिसके मद्देनजर शनिवार की सुबह लगभग साढ़े दस बजे नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, पण्डा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी, नगर मजिस्ट्रेट जगदम्बा प्रसाद, कोतवाल वेदप्रकाश राय, पूर्व पंडा समाज अध्यक्ष राजन पाठक ने मंदिर भ्रमण कर अवलोकन करने के पश्चात, मंदिर स्थित प्रशासनिक भवन में बैठकर दर्शनार्थियों को बेहतर व्यवस्था के साथ कोरोना संक्रमण से भी सावधान रहने के संदर्भ में बात की।
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Maa Vindhyavasini temple doors will open from today
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
जिसके पश्चात नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि 29 जून से नवरात्र मेले की तर्ज पर ही व्यवस्था शुरू होगी। वाहनों के लिए स्टैण्ड भी उन्हीं स्थानों पर खोला जाएगा जहां नवरात्र मेला के दौरान पार्किंग खुलती है। दर्शनार्थियों के मंदिर पहुंचने के लिए चार मार्गों का चयन किया गया है। ये चार मार्ग पुरानी वीआईपी, न्यू वीआईपी, जयपुरिया गली व कोतवाली मार्ग है।

दर्शन के पश्चात वापस लौटने के लिए अन्य मार्गों का चयन किया गया है। अध्यक्ष ने कहा कि  मंदिर के ऊपर स्थित पण्डा समाज कार्यालय से टोकन व्यवस्था जारी रहेगी। टोकन प्राप्ति के लिए तीर्थपुरोहितों को अपने यजमानों के एक सदस्य को  आधार कार्ड के साथ प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। टोकन प्राप्ति के पश्चात उनके समय का भी निर्धारण हो जाएगा। इस प्रक्रिया से  मंदिर परिसर में अतिरिक्त भीड़ का दबाव नही होगा। नगर विधायक ने कहा कि मैं पूर्ण रूप से पण्डा समाज के साथ खड़ा हूं।
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