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जलाकर मारने में पति समेत पांच को आजीवन करावास
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मिर्जापुर। चुनार कोतवाली क्षेत्र के दीक्षितपुर गांव में पांच वर्ष पूर्व दहेज के लिए विवाहिता को जलाकर मारने के मामले में दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट लालबाबू यादव ने पति समेत पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20-20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अदलहाट थाना क्षेत्र के दर्रा गांव निवासी अनिल कुमार सिंह ने 27 मार्च 2017 को चुनार कोतवाली में तहरीर दी थी। बताया कि बहन गीता की शादी चुनार के दीक्षितपुर निवासी सत्यवान पुत्र लक्ष्मी नरायन सिंह से दस वर्ष पूर्व की थी। ससुराल वाले शादी के बाद से दहेज की मांग करने लगे।
26 मार्च 2017 को उसका पति सत्यवान, ससुर लक्ष्मीनरायन, सास, जेठ आदि ने गीता को जला दिया। जानकारी मिलने पर गीता के ससुराल पहुंचा तो पता चला कि वह अस्पताल में भर्ती है। 18 अप्रैल 2017 को गीता की मौत हो गई। पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। एडीजीसी फौजदारी राजेश कुमार यादव ने गवाहों को परीक्षित कराने के साथ साक्ष्य कोर्ट को उपलब्ध कराते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट लालबाबू यादव ने गीता के पति सत्यवान, ससुर लक्ष्मी नरायाण, सास श्याम प्यारी, जेठ स्वामीनाथ उर्फ हनुमान सिंह व सरवन को दोष सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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अदलहाट थाना क्षेत्र के दर्रा गांव निवासी अनिल कुमार सिंह ने 27 मार्च 2017 को चुनार कोतवाली में तहरीर दी थी। बताया कि बहन गीता की शादी चुनार के दीक्षितपुर निवासी सत्यवान पुत्र लक्ष्मी नरायन सिंह से दस वर्ष पूर्व की थी। ससुराल वाले शादी के बाद से दहेज की मांग करने लगे।
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26 मार्च 2017 को उसका पति सत्यवान, ससुर लक्ष्मीनरायन, सास, जेठ आदि ने गीता को जला दिया। जानकारी मिलने पर गीता के ससुराल पहुंचा तो पता चला कि वह अस्पताल में भर्ती है। 18 अप्रैल 2017 को गीता की मौत हो गई। पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। एडीजीसी फौजदारी राजेश कुमार यादव ने गवाहों को परीक्षित कराने के साथ साक्ष्य कोर्ट को उपलब्ध कराते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट लालबाबू यादव ने गीता के पति सत्यवान, ससुर लक्ष्मी नरायाण, सास श्याम प्यारी, जेठ स्वामीनाथ उर्फ हनुमान सिंह व सरवन को दोष सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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