मिर्जापुर में ललही छठ 28 अगस्त को है। तैयारियों को लेकर बृहस्पतिवार को फल, कपड़े और खिलौनों की दुकानों पर चहल-पहल दिखी। दिनभर लोग सामानों की खरीदारी में जुटे रहे। नगर के वासलीगंज, घंटाघर, मुकेरी बाजार, त्रिमोहानी समेत प्रमुख बाजारों में सड़क की पटरियां खिलौनों की दुकानों से सजीं रहीं। महिलाएं बच्चों के लिए कपड़े और खिलौनों की खरीदारी में जुटी रहीं। लोगों ने फल की खरीदारी की। बाजारों में भीड़ के चलते कई जगह जाम की स्थिति रही। पर्व पर केला, सेब, अनार, नारियल के साथ ही अन्य फलों के दामों में तेजी रही।
पौराणिक कथाओं में ललही छठ एक अद्भूत कथा है। पानी में डूबा हुआ एवं धधकती आग में भस्म हुआ लड़का शिव पार्वती, गणेश व कार्तिकेय के पूजन के प्रभाव से दोनों बच जाते हैं। जल में डूबा एक राजा का बेटा तथा धधकती आग में धाय (दाई) का लड़का महर्षि दुर्वाषा के द्वारा बताए गए ललही व्रत तथा शिव-पार्वती के पूजन के प्रभाव से दोनों जीवित हो जाते हैं। ऐसे अद्भूत चमत्कार के बाद से ललही छठ का पर्व विशेषकर संतान प्राप्ति व उनके रक्षार्थ के लिए मनाया जाता है। इसी दिन हरदेव जयंती भी मनाई जाती है। ललही छठ का पर्व -28 अगस्त को मनाया जाएगा। सुबह दस बजे से लेकर सायंकाल चार बजे तक इसका शुभ मुहूर्त है।