UP: किसान दिवस में पानी, सड़क, नहरों के शिकायतों की झड़ी, बिजली विभाग की खुली पोल; DM बोलीं- होगा समाधान
यूपी के मिर्जापुर जिले में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस दाैरान किसानों ने डीएम के सामने बुनियादी समस्याओं को रखा। इसके साथ ही बिजली विभाग की मनमानी की भी शिकायत की। डीएम ने समाधान के लिए आश्वस्त कराया है।
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Mirzapur News: किसान हमारे अन्नदाता हैं, अधिकारी ध्यान रखें कि इन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या न हो। उक्त बातें जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने गुरुवार को आयोजित किसान दिवस में संबंधित विभागों के अधिकारियों से कही।
विकास भवन सभागार में किसानों ने बिजली के विभाग के मनमाने रवैये पर जमकर अपनी भड़ास निकाली। पूर्व जेष्ठ प्रमुख और किसान नेता लाला मिश्रा ने कहा कि जांच के नाम पर बिजली विभाग के अधिकारी, किसानों का न सिर्फ शोषण कर रहे, बल्कि धन उगाही करने में जुटे हुए हैं।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी ने सिंचाई का मुद्दा उठाते हुए धुरिया माइनर की सर्विस पटरी का मामला उठाया। कहा लगभग तीन किलोमीटर पटरी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे बाराडीह का झोटईपुरवा, चितविश्राम, अहरौराडीह की जनता सहित 20-25 गांव के किसानों, मजदूरो व छात्रों का स्कूल आना जाना मुश्किल हो गया है।
किसान नेताओं ने कहा कि खरीफ सीजन में सहकारी समितियों व अन्य केंद्रों पर डीएपी, यूरिया खाद का अभाव बना हुआ है। भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के जिलाध्यक्ष धर्मदेव उपाध्याय ने आनंदीपुर माइनर का मुद्दा उठाया। कहा माइनर में पानी की जगह जलकुंभी का भंडार बना हुआ है। जिससे पानी आगे की ओर नहीं बढ़ पा रहा है।
इसी तरह किसान अरूण कुमार सिंह ने लालगंज से कलवारी संपर्क मार्ग से लालगंज ओवर ब्रिज के पास एन.एच.आई. की तरफ से बने ध्वस्त नाली का मुद्दा उठया। कहा इससे आए दिन दुर्घटना होती रहती है। किसान ने मामले की जांच कराने की मांग की।
इस अवसर पर सीडीओ विशाल कुमार, पी.डी. धर्मजीत सिंह, उप कृषि निदेशक विकेश कुमार सिंह पटेल, जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड चुनार हरिशंकर प्रसाद, एक्सईएन सिरसी रामशंकर राजपूत, बीडीओ सिटी मुनीश कुमार सिंह, डॉ रक्षिता सिंह सहित अन्य किसान नेता मौजूद रहे।
टोपी वालों के आगे अन्य किसानों की पूछ नहीं, कुछ बोलने से पहले हांथ से छीन लेते हैं माइक
किसान दिवस में टोपी वाले किसान नेताओं के आगे अन्य किसानों का कोई वजूद नहीं है। कार्यक्रम ऐसे लोगों से शुरु होकर अंत भी ऐसे ही नेताओं में गुजर जाता है। अन्य किसान अधिकारियों से अपनी बात तक नहीं कर पाते हैं। गुरुवार को आयोजन में कुछ ऐसा ही नजारा देखने का मिला।
किसान दिवस के दौरान जमालपुर क्षेत्र से आए एक किसान माइक के लिए टोपी वाले किसान नेताओं से गुहार लगा रहा था। फरियादी बार-बार अपनी कुर्सी से उठकर ऐसे नेताओं से माइक के लिए मिन्नतें कर रहा था। काफी देर बाद माइक मिली भी तो एक अन्य किसान नेता ने लपक कर माइक छिन कर अपनी बात कहने लगा। थका हारा किसान प्रार्थना पत्र लेकर सीधे जिलाधिकारी के पास पहुंचकर अपना फरियाद सुनाया।