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प्रत्येक विकास खंडो में एफपीओ का गठन किए जाने के निर्देश
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मिर्जापुर। कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने कहा कि प्रत्येक विकास खंड में कम से कम एक एफपीओ का गठन किया जाए। इसमें 400 से 500 किसान शामिल किए जाएंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में विडियो कांफ्रेसिंग के जरिए मंडलीय रबी उत्पादकता गोष्ठी ( विंध्याचल, प्रयागराज, चित्रकूट एवं झांसी मंडल) के अधिकारियों और किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा यदि एफपीओ की ओर से विपणन अथवा फूड प्रोसेसिंग का कार्य किया जाता है तो इससे ज्यादा से ज्यादा किसान लाभान्वित होंगे।
मंडलायुक्त प्रीति शुक्ला ने बताया कि मिर्जापुर में उर्वरक का एक रैक प्वाइंट है। सोनभद्र में भी एक रैक प्वाइंट लगभग बन चुका है। भदोही तक जिले से रैक जाने में कठिनाई होती है। इसलिए भदोही में भी एक रैक स्थापित करने एवं 5000 मैट्रिक टन का अतिरिक्त पीसीएफ उर्वरक गोदाम के लिए आग्रह किया। जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने बताया कि जनपद में जैविक खेती के प्रति कृषकों का रुझान बढ़ रहा है। परंतु उत्पाद के विपणन के लिए सुदृढ़ व्यवस्था नहीं है। यदि विकास खंड स्तर पर जैविक मंडी की स्थापना कर दी जाए तो किसानों को जैविक उत्पाद विपणन में आसानी होगी। साथ ही छुट्टा मवेशियों से फसल के बचाव के लिए अनुदान से सोलर फेंसिंग कराने जाने की सलाह दी। जनपद में सोलर पम्प की मांग को देखते हुए सोलर पंप स्थापना के लिए अधिकृत कंपनियों का एक सर्विस सेंटर जिले स्तर पर स्थापित किए जाने का भी आग्रह किया। डीएम ने एक और कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित किए जाने का आग्रह किया। अग्रणी किसानों में सुखनंदन दूबे बताया कि जिले के कृषि रक्षा इकाइयों पर दवाएं कीट नाशक नहीं है। इससे बाजार से महंगे दामों गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह, संयुक्त कृषि निदेशक एके सिंह, उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय, उप निदेशक कृषि रक्षा सतीश मलिक व अन्य अधिकारी व किसान उपस्थित रहे।
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मंडलायुक्त प्रीति शुक्ला ने बताया कि मिर्जापुर में उर्वरक का एक रैक प्वाइंट है। सोनभद्र में भी एक रैक प्वाइंट लगभग बन चुका है। भदोही तक जिले से रैक जाने में कठिनाई होती है। इसलिए भदोही में भी एक रैक स्थापित करने एवं 5000 मैट्रिक टन का अतिरिक्त पीसीएफ उर्वरक गोदाम के लिए आग्रह किया। जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने बताया कि जनपद में जैविक खेती के प्रति कृषकों का रुझान बढ़ रहा है। परंतु उत्पाद के विपणन के लिए सुदृढ़ व्यवस्था नहीं है। यदि विकास खंड स्तर पर जैविक मंडी की स्थापना कर दी जाए तो किसानों को जैविक उत्पाद विपणन में आसानी होगी। साथ ही छुट्टा मवेशियों से फसल के बचाव के लिए अनुदान से सोलर फेंसिंग कराने जाने की सलाह दी। जनपद में सोलर पम्प की मांग को देखते हुए सोलर पंप स्थापना के लिए अधिकृत कंपनियों का एक सर्विस सेंटर जिले स्तर पर स्थापित किए जाने का भी आग्रह किया। डीएम ने एक और कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित किए जाने का आग्रह किया। अग्रणी किसानों में सुखनंदन दूबे बताया कि जिले के कृषि रक्षा इकाइयों पर दवाएं कीट नाशक नहीं है। इससे बाजार से महंगे दामों गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह, संयुक्त कृषि निदेशक एके सिंह, उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय, उप निदेशक कृषि रक्षा सतीश मलिक व अन्य अधिकारी व किसान उपस्थित रहे।
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