{"_id":"59d67d394f1c1bdb538b5eba","slug":"industry-status-to-agriculture-pallavi-patel","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि को मिले उद्योग का दर्जा: पल्लवी पटेल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि को मिले उद्योग का दर्जा: पल्लवी पटेल
mirzapur news
Updated Fri, 06 Oct 2017 12:13 AM IST
विज्ञापन
सभा में पल्लवी पटेल
कृषि को उद्योग का दर्जा मिले। जिस दिन कृषि को उद्योग का दर्जा मिल जाएगा। उसी दिन से भारत देश एक बार फिर से सोने की चिड़िया बन जाएगा। सरकार की गलत नीतियों के कारण देश का किसान संघर्ष कर रहा है। उक्त बातें अपना दल (कृष्णा गुट) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल ने कलवारी के रामलीला मैदान में गुरुवार को आयोजित किसान सम्मलेन में कहीं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार किसानों की पूजी में सेंध लगा रही है। किसान आज धीरे धीरे मजदूर की श्रेणी में आ रहा है। ऋण मोचन योजना में किसानों को तीन श्रेणी में बांट दिया गया। ऋण माफी के नाम पर किसानों को सपना दिखाया गया। किसानों को समय से खाद-बीज नहीं मिल पा रहा है। किसानों को अपनी उपज का समर्थन मूल्य नहीं मिल पाता। व्यापारी व बिचौलिए मालामाल हो रहे हैं। पानी के अभाव में खरीफ की फसलें अधिकतर सूख गई हैं। जनपद को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसानों की हितैषी है तो स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करे। उन्होंने कहा कि आठ सितंबर को रायबरेली से किसान महासम्मेलन का प्रारंभ किया था। 16 जनपदों का दौरा करते हुए प्रथम चरण का समापन कलवारी में हुआ। देश की पहचान किसानों से है। किसानों के नाम पर नीतियां लागू होती हैं, लाभ उन तक नहीं पहुंचता। पेट्रोल डीजल की महंगाई का मार किसान इसलिए झेल रहा है कि उनके उपज का दाम बढ़ कर नहीं मिलता। डीजल पेट्रोल का दाम बढ़ते ही घरेलू उपयोग के सामान समेत ट्रांसपोर्ट के रेट रातों रात बढ़ जाएंगे। बीमा का लाभ किसानों को नहीं कंपनियों को मिलता है। राष्ट्रीय प्रवक्ता आरबी सिंह पटेल, प्रो. गंगाराम यादव, रमाशंकर सिंह पटेल, सरोज पटेल, आशीष पटेल, सुरेश पटेल, सीडी सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार किसानों की पूजी में सेंध लगा रही है। किसान आज धीरे धीरे मजदूर की श्रेणी में आ रहा है। ऋण मोचन योजना में किसानों को तीन श्रेणी में बांट दिया गया। ऋण माफी के नाम पर किसानों को सपना दिखाया गया। किसानों को समय से खाद-बीज नहीं मिल पा रहा है। किसानों को अपनी उपज का समर्थन मूल्य नहीं मिल पाता। व्यापारी व बिचौलिए मालामाल हो रहे हैं। पानी के अभाव में खरीफ की फसलें अधिकतर सूख गई हैं। जनपद को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसानों की हितैषी है तो स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करे। उन्होंने कहा कि आठ सितंबर को रायबरेली से किसान महासम्मेलन का प्रारंभ किया था। 16 जनपदों का दौरा करते हुए प्रथम चरण का समापन कलवारी में हुआ। देश की पहचान किसानों से है। किसानों के नाम पर नीतियां लागू होती हैं, लाभ उन तक नहीं पहुंचता। पेट्रोल डीजल की महंगाई का मार किसान इसलिए झेल रहा है कि उनके उपज का दाम बढ़ कर नहीं मिलता। डीजल पेट्रोल का दाम बढ़ते ही घरेलू उपयोग के सामान समेत ट्रांसपोर्ट के रेट रातों रात बढ़ जाएंगे। बीमा का लाभ किसानों को नहीं कंपनियों को मिलता है। राष्ट्रीय प्रवक्ता आरबी सिंह पटेल, प्रो. गंगाराम यादव, रमाशंकर सिंह पटेल, सरोज पटेल, आशीष पटेल, सुरेश पटेल, सीडी सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन