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Mirzapur News: मल एवं गाद शोधन संयंत्र का लोकार्पण
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चुनार। प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को दरगाह शरीफ क्षेत्र में मंगलवार को प्रथम मल एवं गाद शोधन संयंत्र का लोकार्पण किया। उन्होंने संयंत्र परिसर में पौधरोपण कर यहां संयंत्र का निरीक्षण कर जरूरी जानकारी ली। जल शक्ति मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घर-घर शौचालय बनवाने के बाद अब गंगा स्वच्छता और हर घर नल योजना के तहत शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था कराने के लिए संकल्पित है। घरों के शौचालयों से निकलने वाले मल एवं गाद का सही प्रबंधन हो सके, इसके लिए इस संयंत्र को लगाया गया है। इसका लाभ नगर पालिका क्षेत्र के लोगों को लेना चाहिए।
नगर पालिका क्षेत्र में लगे इस संयंत्र की सार्थकता तभी साबित होगी, जब यहां की जनता इसका पूर्ण लाभ उठाए। उन्होंने जल बचाने की भी लोगों से अपील की। कहा कि जल अमूल्य है और इसके मोल को समझें। सेंटर फार साइंस एंड एनवायरनमेंट के मनीष मिश्रा ने जल शक्ति मंत्री के समक्ष शोधन संयंत्र के विषय में तकनीकी जानकारी का प्रस्तुतिकरण किया। कुल करीब 27355000 रुपये की लागत से निर्मित संयंत्र की क्षमता 10 हजार लीटर प्रतिदिन शोधन की है। इसमें नगर पालिका क्षेत्र में स्थित घरों के सेप्टिक टैंकों से मल एवं गाद को यहां लाकर शोधन किया जायेगा। कार्यदायी संस्था गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई है। इसमें सेंटर फार साइंस एंड एनवायरमेंट ने सहयोगी की भूमिका निभाई है।
इस दौरान सेंटर फर साइंस एंड एनवायरमेंट दिल्ली की सुमिता सिंघल, राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के अपर कार्यक्रम निदेशक प्रवीण मिश्रा , शेफाली, नीरज पांडेय, अधिशासी अधिकारी राजपति बैस, सफाई निरीक्षक लालमणि, जलकल के अवर अभियंता के अलावा विधायक प्रतिनिधि आलोक सिंह, मेजर कृपा शंकर सिंह, संजय भाई पटेल, अभिलाष राय, अखिलेश मिश्रा, निर्मला आनंद, रामआसरे बाबा आदि मौजूद रहे।
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नगर पालिका क्षेत्र में लगे इस संयंत्र की सार्थकता तभी साबित होगी, जब यहां की जनता इसका पूर्ण लाभ उठाए। उन्होंने जल बचाने की भी लोगों से अपील की। कहा कि जल अमूल्य है और इसके मोल को समझें। सेंटर फार साइंस एंड एनवायरनमेंट के मनीष मिश्रा ने जल शक्ति मंत्री के समक्ष शोधन संयंत्र के विषय में तकनीकी जानकारी का प्रस्तुतिकरण किया। कुल करीब 27355000 रुपये की लागत से निर्मित संयंत्र की क्षमता 10 हजार लीटर प्रतिदिन शोधन की है। इसमें नगर पालिका क्षेत्र में स्थित घरों के सेप्टिक टैंकों से मल एवं गाद को यहां लाकर शोधन किया जायेगा। कार्यदायी संस्था गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई है। इसमें सेंटर फार साइंस एंड एनवायरमेंट ने सहयोगी की भूमिका निभाई है।
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इस दौरान सेंटर फर साइंस एंड एनवायरमेंट दिल्ली की सुमिता सिंघल, राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के अपर कार्यक्रम निदेशक प्रवीण मिश्रा , शेफाली, नीरज पांडेय, अधिशासी अधिकारी राजपति बैस, सफाई निरीक्षक लालमणि, जलकल के अवर अभियंता के अलावा विधायक प्रतिनिधि आलोक सिंह, मेजर कृपा शंकर सिंह, संजय भाई पटेल, अभिलाष राय, अखिलेश मिश्रा, निर्मला आनंद, रामआसरे बाबा आदि मौजूद रहे।
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