{"_id":"6a9f1b52da81b96d72039495","slug":"idol-market-buzzes-with-the-approaching-ganeshotsav-decoration-materials-become-costlier-mirzapur-news-c-192-1-svns1034-160754-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: गणेशोत्सव की आहट से गुलजार हुआ मूर्ति बाजार, महंगी हुई सजावट की सामग्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: गणेशोत्सव की आहट से गुलजार हुआ मूर्ति बाजार, महंगी हुई सजावट की सामग्री
विज्ञापन
सुंदरघाट में एक मूर्तिकार के यहां तैयार अर्धनिर्मित भगवान गणेश की मिट्टी की प्रतिमा।- संवाद।
-गणेश प्रतिमा की बढ़ी मांग, पंडालों की बुकिंग तेज, सजावटी सामान महंगा होने से 20 से 70 हजार रुपये तक पहुंची मूर्तियों की कीमत
मिर्जापुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम के बाद अब शहर में गणेशोत्सव की तैयारियों ने बाजारों की रौनक बढ़ा दी है। गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को पड़ रहा है। पर्व नजदीक आने के साथ ही जगह-जगह भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमाओं से दुकानें सजने लगी हैं। घरों से लेकर सार्वजनिक पूजा पंडालों तक बप्पा के स्वागत की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रतिमाओं की बुकिंग के साथ सजावटी सामान, रोशनी और पूजा सामग्री की खरीदारी भी बढ़ने लगी है।
हालांकि इस बार गणेशोत्सव मनाना पिछले वर्ष की तुलना में महंगा पड़ सकता है। सजावटी सामानों के दाम बढ़ने का असर सीधे गणेश प्रतिमाओं की कीमतों पर पड़ा है। मूर्तिकारों का कहना है कि कच्चे माल और सजावट में इस्तेमाल होने वाले सामान महंगे होने से प्रतिमाओं की लागत बढ़ गई है। इसके अलावा पंडालों को आकर्षक बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली झालर, फूल, कपड़े और अन्य सजावटी सामग्री पर भी पहले से अधिक खर्च करना पड़ रहा है। सुंदरघाट में प्रतिमाओं को दिया जा रहा अंतिम रूप सुंदरघाट निवासी मूर्तिकार जी पाल गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक के दौरान गणेश प्रतिमाओं की मांग लगातार बढ़ी है। इस बार उन्होंने करीब 25 से 30 गणेश प्रतिमाएं तैयार की हैं। अब रंगाई, सजावट और अन्य बारीक काम तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। कारीगरों की मेहनत से तैयार हो रही प्रतिमाओं में अलग-अलग आकार और स्वरूप देखने को मिल रहे हैं। पर्व नजदीक आने के साथ खरीदारों की आवाजाही भी बढ़ने लगी है और कई लोग पहले से प्रतिमाओं की बुकिंग करा रहे हैं।
मिर्जापुर के साथ भदोही और गोपीगंज तक पहुंचती हैं प्रतिमाएं
- मूर्तिकार जी पाल ने बताया कि उनकी बनाई गणेश प्रतिमाओं की मांग केवल शहर तक सीमित नहीं है। लालडिग्गी, मुकेरी बाजार, पक्की सराय और विंध्याचल के अलावा भदोही और गोपीगंज से भी लोग प्रतिमाएं खरीदने पहुंचते हैं। गणेशोत्सव के दौरान सार्वजनिक पंडालों के लिए बड़ी और आकर्षक प्रतिमाओं की मांग अधिक रहती है। सजावटी सामानों के दाम बढ़ने से इस बार गणेश प्रतिमाओं की कीमत 20 हजार से लेकर 70 हजार रुपये तक पहुंच गई है। प्रतिमा के आकार और उसकी सजावट के अनुसार कीमत तय की जा रही है।
विज्ञापन
पंडालों की सजावट भी बढ़ा रही आयोजकों का बजट
-गणेशोत्सव को लेकर विभिन्न इलाकों में पूजा समितियां भी सक्रिय हो गई हैं। प्रतिमाओं की बुकिंग के साथ पंडालों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आकर्षक सजावट और रोशनी के जरिए पंडालों को विशेष स्वरूप देने की तैयारी है। लेकिन सजावटी सामग्री के महंगा होने से समितियों का बजट बढ़ गया है।
आयोजकों के सामने इस बार कम खर्च में बेहतर और आकर्षक पंडाल तैयार करने की चुनौती है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं में पर्व को लेकर उत्साह कम नहीं है और बाजार में खरीदारी धीरे-धीरे गति पकड़ रही है।
गणेश के साथ दुर्गा प्रतिमाओं की तैयारी भी तेज
- गणेशोत्सव के साथ ही मूर्तिकारों ने आगामी शारदीय नवरात्र की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। नगर क्षेत्र के अलावा सिटी ब्लॉक के अघवार और झिंगुरा सहित अन्य स्थानों पर कारीगर मां दुर्गा की प्रतिमाएं बनाने में जुट गए हैं।
कारीगरों के लिए आने वाले दिन काफी व्यस्त रहने वाले हैं। एक ओर गणेशोत्सव के लिए प्रतिमाओं को समय पर तैयार करने की चुनौती है तो दूसरी ओर शारदीय नवरात्र के लिए दुर्गा प्रतिमाओं का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। त्योहारों की लगातार श्रृंखला से मूर्तिकारों और सजावट से जुड़े कारोबारियों के चेहरे पर रौनक लौट आई है।
विज्ञापन
मिर्जापुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम के बाद अब शहर में गणेशोत्सव की तैयारियों ने बाजारों की रौनक बढ़ा दी है। गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को पड़ रहा है। पर्व नजदीक आने के साथ ही जगह-जगह भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमाओं से दुकानें सजने लगी हैं। घरों से लेकर सार्वजनिक पूजा पंडालों तक बप्पा के स्वागत की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रतिमाओं की बुकिंग के साथ सजावटी सामान, रोशनी और पूजा सामग्री की खरीदारी भी बढ़ने लगी है।
हालांकि इस बार गणेशोत्सव मनाना पिछले वर्ष की तुलना में महंगा पड़ सकता है। सजावटी सामानों के दाम बढ़ने का असर सीधे गणेश प्रतिमाओं की कीमतों पर पड़ा है। मूर्तिकारों का कहना है कि कच्चे माल और सजावट में इस्तेमाल होने वाले सामान महंगे होने से प्रतिमाओं की लागत बढ़ गई है। इसके अलावा पंडालों को आकर्षक बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली झालर, फूल, कपड़े और अन्य सजावटी सामग्री पर भी पहले से अधिक खर्च करना पड़ रहा है। सुंदरघाट में प्रतिमाओं को दिया जा रहा अंतिम रूप सुंदरघाट निवासी मूर्तिकार जी पाल गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक के दौरान गणेश प्रतिमाओं की मांग लगातार बढ़ी है। इस बार उन्होंने करीब 25 से 30 गणेश प्रतिमाएं तैयार की हैं। अब रंगाई, सजावट और अन्य बारीक काम तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। कारीगरों की मेहनत से तैयार हो रही प्रतिमाओं में अलग-अलग आकार और स्वरूप देखने को मिल रहे हैं। पर्व नजदीक आने के साथ खरीदारों की आवाजाही भी बढ़ने लगी है और कई लोग पहले से प्रतिमाओं की बुकिंग करा रहे हैं।
विज्ञापन
मिर्जापुर के साथ भदोही और गोपीगंज तक पहुंचती हैं प्रतिमाएं
- मूर्तिकार जी पाल ने बताया कि उनकी बनाई गणेश प्रतिमाओं की मांग केवल शहर तक सीमित नहीं है। लालडिग्गी, मुकेरी बाजार, पक्की सराय और विंध्याचल के अलावा भदोही और गोपीगंज से भी लोग प्रतिमाएं खरीदने पहुंचते हैं। गणेशोत्सव के दौरान सार्वजनिक पंडालों के लिए बड़ी और आकर्षक प्रतिमाओं की मांग अधिक रहती है। सजावटी सामानों के दाम बढ़ने से इस बार गणेश प्रतिमाओं की कीमत 20 हजार से लेकर 70 हजार रुपये तक पहुंच गई है। प्रतिमा के आकार और उसकी सजावट के अनुसार कीमत तय की जा रही है।
विज्ञापन
पंडालों की सजावट भी बढ़ा रही आयोजकों का बजट
-गणेशोत्सव को लेकर विभिन्न इलाकों में पूजा समितियां भी सक्रिय हो गई हैं। प्रतिमाओं की बुकिंग के साथ पंडालों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आकर्षक सजावट और रोशनी के जरिए पंडालों को विशेष स्वरूप देने की तैयारी है। लेकिन सजावटी सामग्री के महंगा होने से समितियों का बजट बढ़ गया है।
आयोजकों के सामने इस बार कम खर्च में बेहतर और आकर्षक पंडाल तैयार करने की चुनौती है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं में पर्व को लेकर उत्साह कम नहीं है और बाजार में खरीदारी धीरे-धीरे गति पकड़ रही है।
गणेश के साथ दुर्गा प्रतिमाओं की तैयारी भी तेज
- गणेशोत्सव के साथ ही मूर्तिकारों ने आगामी शारदीय नवरात्र की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। नगर क्षेत्र के अलावा सिटी ब्लॉक के अघवार और झिंगुरा सहित अन्य स्थानों पर कारीगर मां दुर्गा की प्रतिमाएं बनाने में जुट गए हैं।
कारीगरों के लिए आने वाले दिन काफी व्यस्त रहने वाले हैं। एक ओर गणेशोत्सव के लिए प्रतिमाओं को समय पर तैयार करने की चुनौती है तो दूसरी ओर शारदीय नवरात्र के लिए दुर्गा प्रतिमाओं का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। त्योहारों की लगातार श्रृंखला से मूर्तिकारों और सजावट से जुड़े कारोबारियों के चेहरे पर रौनक लौट आई है।