मिर्जापुर में मुसीबत : गंगा में तैरते मकान देख लोग हुए हैरान, बाढ़ ने बढ़ाई परेशानी
मिर्जापुर में गंगा का जलस्तर घट रहा है, लेकिन दुश्वारियां अब भी बरकरार हैं। बाढ़ का पानी सड़कों पर बह रहा है। तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घटकर जलस्तर दो बजे तक 78.300 मीटर पहुंच गया था।
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मिर्जापुर जिले में खतरे का निशान पार कर तीन दिनों से रौद्र रूप धारण किए रही गंगा की रफ्तार में गुरुवार को कमी दर्ज की गई लेकिन बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों की दुश्वारियां बरकरार रहीं। बाढ़ से जहां सैकड़ों गांव पानी से घिरे रहे वहीं सड़कों पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह ठप रहा। नावें ही लोगों का सहारा रहीं। वहीं, गंगा में जब एक मकान बहता हुआ दिखाई दिया तो लोग आश्चर्यचकित रह गए।
बरियाघाट पर गंगा में तैरता दिखा मकान
बरियाघाट पर तैरते मकान को देख लोगों में आश्चर्य का ठिकाना न रहा। ज्यादातर लोग इस बात को लेकर आश्चर्यचकित थे कि आखिर ईंट पत्थर से निर्मित घर कैसे तैर सकता है तो कुछ बाढ़ की विभीषिका पर चर्चा कर रहे थे। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस दृश्य को देखने वाली हर आंख प्रकृति के रौद्र रूप के विभिन्न पक्षों की समीक्षा करता नजर आया।
मंगलवार को खतरा का निशान पार कर 77.724 मीटर से गुरुवार को 12 बजे के बाद 78.350 मीटर तक जलस्तर पहुंच गया। हालांकि दोपहर बाद से तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घटाव शुरू हो गया। घटाव के चलते दो बजे तक गंगा का जलस्तर 78.350 से लुढ़क कर 78.300 मीटर तक पहुंच गया।
पानी घटने से अधिकारियों ने राहत की सांस जरूर ली लेकिन बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में लोगों की समस्या कम न हुई। छानबे, कोन, सिटी, मझवां, पहाड़ी, सीखड़, नरायनपुर विकास खंड समेत विंध्याचल व चुनार के तटवर्ती इलाकों में अधिकांश गांव बाढ़ के पानी से घिरे रहे। बाढ़ के चलते इससे जुड़ी नदियों में आए उफान के चलते हजारों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। खरीफ फसल के साथ सब्जियों की खेती पूरी तरह से बर्बाद हो गयी। सड़क, पुल और पुलियों पर बाढ़ का पानी बहने से आवागमन पूरी तरह से ठप रहा। लोगों के लिए केवल नाव ही सहारा बना हुआ है।
प्रशासनिक आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के 406 गांवों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। सदर तहसील में 222 व चुनार में 184 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बचाव व आवागमन सुचारु बनाए जाने के लिए बाढ़ क्षेत्रों में कुल 120 नाव लगाए गए हैं