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दिव्यांग शमीम ने पेश की नजीर
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Fri, 02 Dec 2016 12:38 AM IST
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शौचालय बनवाने पर दिव्यांग शमीम को चेक प्रदान करते ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राजेंद्र पैंसिया और बीडीओ भावना यादव।
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जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रशासन द्वारा खुले में शौच मुक्त बनाने के अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी अमले के बावजूद लोग खुले में जा रहे हैं और समझाने पर शौचालय बनवाने के लिए धन की मांग कर रहे हैं। वहीं विकास खंड कोन के दिव्यंाग शमीम ने महज आठ हजार में शौचालय बनवा कर लोगों के सामने मिशाल पेश की है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राजेंद्र पैंसिया और बीडीओ भावना यादव ने उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा और इच्छाशक्ति किसी की मदद की मोहताज नहीं होती है।
कोन के शमीम ने शौचालय बनवाने के लिए किसी प्रकार की सरकारी अनुदान या मदद नहीं लिया है। शमीम ने कहा कि घर, मोहल्ले या गांव को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी हमारी है। सभी लोग खुले में शौच को तिलांजलि दें। जिससे जिले को खुले में शौच मुक्त बनाया जा सके। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राजेेंद्र पैंसिया और बीडीओ भावना यादव ने गुरुवार को घर पहुंच कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने शमीम का उत्साहवर्धन करते हुए आठ हजार का चेक भी प्रदान किया। हांलाकि दिव्यांग शमीम चेक स्वीकार नहीं कर रहे थे। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कहा कि विकास के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति आवश्यक है। उन्होंने कि ओडीएफ बनाने के लिए इच्छा शक्ति जरूरी है। शमीम को चेक प्रदान कर उत्साहवर्धन किया।
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कोन के शमीम ने शौचालय बनवाने के लिए किसी प्रकार की सरकारी अनुदान या मदद नहीं लिया है। शमीम ने कहा कि घर, मोहल्ले या गांव को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी हमारी है। सभी लोग खुले में शौच को तिलांजलि दें। जिससे जिले को खुले में शौच मुक्त बनाया जा सके। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राजेेंद्र पैंसिया और बीडीओ भावना यादव ने गुरुवार को घर पहुंच कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने शमीम का उत्साहवर्धन करते हुए आठ हजार का चेक भी प्रदान किया। हांलाकि दिव्यांग शमीम चेक स्वीकार नहीं कर रहे थे। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कहा कि विकास के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति आवश्यक है। उन्होंने कि ओडीएफ बनाने के लिए इच्छा शक्ति जरूरी है। शमीम को चेक प्रदान कर उत्साहवर्धन किया।
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