मिर्जापुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आंदोलन के तृतीय चरण में बृहस्पतिवार को विंध्याचल मंडल का सम्मेलन पथरहिया स्थित खाद्य रसद विभाग के परिसर में हुआ। प्रदेश अध्यक्ष जेएन तिवारी ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं की लगातार उपेक्षा कर रही है। कहा कि संयुक्त परिषद ने 12 अगस्त को प्रदेश के मुख्य सचिव को कर्मचारियों की समस्याओं की जानकारी देते हुए तीन सितंबर तक वार्ता के माध्यम से समस्याओं के निराकरण की मांग की थी। इसके बावजूद शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी चुप्पी साधे हैं। कहा कि कर्मचारी संगठन व शासन के बीच संवादहीनता आंदोलन का कारण है। महामंत्री अरुणा शुक्ला ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का नारा देने वाली सरकार में महिलाओं का शोषण सबसे अधिक है। संयुक्त परिषद व अन्य संगठनों में कार्यरत महिला पदाधिकारियों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण जी दुबे ने सरकार पर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल न किए जाने ,खाद्य रसद विभाग में कार्यरत संयुक्त परिषद के नियम विरुद्ध किए गए स्थानांतरण निरस्त किए जाने, धान खरीद में आयरिश स्कैनिंग की अनिवार्यता को समाप्त किए जाने का मुद्दा भी उठाया। सम्मेलन में प्रांतीय अध्यक्ष ने जगत यादव को विंध्याचल मंडल का अध्यक्ष मनोनीत किया। सम्मेलन में फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के महामंत्री विनोद कुमार कनौजिया बने। इसमें सिंचाई, कृषि, स्वास्थ्य, खाद्य रसद, परिवहन निगम, समाज कल्याण, जनजाति विकास विभाग, पशुपालन, वन एवं पर्यावरण, विभाग सहित दर्जनों विभागों के कर्मचारियों व पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। उपस्थित कर्मचारियों ने 20 जनवरी को विधानसभा के घेराव के लिए हुंकार भी भरी।