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अंधेरे में घाट, सड़कें क्षतिग्रस्त, कैसे पहुंचेंगे आस्था धाम
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मां विंध्यवासिनी मंदिर जाने वाले सदर मार्ग पर फैली गंदगी से गुजरते लोग।
- फोटो : MIRZAPUR
शारदीय नवरात्र मेला 15 दिन बाद आरंभ हो जाएगा। लेकिन धाम क्षेत्र में भक्तों के लिए अभी तक कोई भी व्यवस्थाएं नजर नहीं आ रही हैं। घाट अंधेरे में हैं, जबकि मां के धाम पहुंचने वाली सड़कें क्षतिग्रस्त हैं ऐसे में भक्तों को आस्था धाम पहुंचने में परेशानी होगी। विंध्य कारीडोर निर्माण के चलते क्षेत्र की प्रमुख गलियों की हालत खराब है। वहीं दूसरी ओर गंगा घाटों पर गंदगी और सिल्ट नगर पालिका प्रशासन की व्यवस्थाओं पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रही हं।
विंध्याचल के गंगा घाटों पर अंधेरा पसरा है। मंदिर तक जाने वाली प्रमुख सड़कों व गलियों की हालत खस्ताहाल है। मेले को लेकर प्रशासन की ओर से भी अभी तक कोई तैयारियां शुरू नहीं की हैं। मेला के मद्देनजर न तो आला अधिकारी बैठक कर रहे हैं और न ही पालिका प्रशासन ही चेत रहा है। आस्थाधाम में चारों तरफ गंदगी है। नवरात्र में विंध्याचल धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद भी ना तो अभी तक घाटों पर बैरिकेडिंग लगवाया गया है और नहीं घाटों पर फैले कूड़ा करकट को ही हटवाया जा सका है। घाटों पर प्रकाश व्यवस्था भी नदारद है। ऐसी स्थिति में भक्तजन अंधेरे में स्नान करने को विवश हैं। घाट किनारे न तो शौचालय हैं और न ही पेयजल की कोई व्यवस्था। वर्तमान समय में विंध्याचल रेलवे स्टेशन से मंदिर तक जाने वाली प्रमुख सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। समय से पहले अव्यवस्थाएं दूर न हुईं तो नवरात्र में श्रद्धालुओं को मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है।
नगर से धाम की ओर जाने वाला प्रमुख मार्ग ध्वस्त
मिर्जापुर। नगर से आस्थाधाम विंध्याचल की ओर जाने वाला प्रमुख मार्ग ध्वस्त है। इमामबाड़ा से शास्त्री पुल मार्ग चलने लायक नहीं रह गया। इस मार्ग से गुजरने के बजाय लोग दूर का चक्कर लगाकर जंगीरोड से विंध्याचल की ओर जाना बेहतर समझ रहे हैं। शास्त्री पुल से धाम की ओर निकली सड़क जगह-जगह खराब है।
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विंध्याचल के गंगा घाटों पर अंधेरा पसरा है। मंदिर तक जाने वाली प्रमुख सड़कों व गलियों की हालत खस्ताहाल है। मेले को लेकर प्रशासन की ओर से भी अभी तक कोई तैयारियां शुरू नहीं की हैं। मेला के मद्देनजर न तो आला अधिकारी बैठक कर रहे हैं और न ही पालिका प्रशासन ही चेत रहा है। आस्थाधाम में चारों तरफ गंदगी है। नवरात्र में विंध्याचल धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद भी ना तो अभी तक घाटों पर बैरिकेडिंग लगवाया गया है और नहीं घाटों पर फैले कूड़ा करकट को ही हटवाया जा सका है। घाटों पर प्रकाश व्यवस्था भी नदारद है। ऐसी स्थिति में भक्तजन अंधेरे में स्नान करने को विवश हैं। घाट किनारे न तो शौचालय हैं और न ही पेयजल की कोई व्यवस्था। वर्तमान समय में विंध्याचल रेलवे स्टेशन से मंदिर तक जाने वाली प्रमुख सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। समय से पहले अव्यवस्थाएं दूर न हुईं तो नवरात्र में श्रद्धालुओं को मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है।
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नगर से धाम की ओर जाने वाला प्रमुख मार्ग ध्वस्त
मिर्जापुर। नगर से आस्थाधाम विंध्याचल की ओर जाने वाला प्रमुख मार्ग ध्वस्त है। इमामबाड़ा से शास्त्री पुल मार्ग चलने लायक नहीं रह गया। इस मार्ग से गुजरने के बजाय लोग दूर का चक्कर लगाकर जंगीरोड से विंध्याचल की ओर जाना बेहतर समझ रहे हैं। शास्त्री पुल से धाम की ओर निकली सड़क जगह-जगह खराब है।
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