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घरों में ही खोला रमजान का पहला रोजा
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घरों में ही खोला रमजान का पहला रोजा
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। इबादत के पवित्र माह रमजान का शनिवार से आगाज हो गया। शनिवार को पहला रोजा अकीदत मंदों ने मुल्क की सलामती की दुआ मांगी। लाकडाउन के चलते रोजेदारों ने घर में ही नमाज पढ़ी और शाम को इफ्तार भी किया।
लाकडाउन के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के चलते मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ने पर पाबंदी है। तमाम मौलाना ने पहले से ही लोगों को आगाह कर घरों में ही नमाज पढ़ने का आग्रह किया था। इसी के चलते शनिवार को सुबह की सहरी व इफ्तार रोजेदारों ने घरों में ही किया। इस दौरान दुकान बंद होने से रोजेदारों को काफी परेशानी हुई। हालांकि प्रशासन ने नगर सहित सभी तहसील क्षेत्रों में सचल दुकानों की व्यवस्था विशेष रूप से रमजान के लिए ही की है लेकिन अधिकतर लोग इससे वंचित रहे। दिन भर लोग आवश्यक वस्तुओं के जुगाड़ में व्यस्त रहे। रमजान में खजूर व चना का विशेष महत्व है। अधिकतर इफ्तार खजूर अथवा चना खाकर ही खोला जाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। इबादत के पवित्र माह रमजान का शनिवार से आगाज हो गया। शनिवार को पहला रोजा अकीदत मंदों ने मुल्क की सलामती की दुआ मांगी। लाकडाउन के चलते रोजेदारों ने घर में ही नमाज पढ़ी और शाम को इफ्तार भी किया।
लाकडाउन के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के चलते मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ने पर पाबंदी है। तमाम मौलाना ने पहले से ही लोगों को आगाह कर घरों में ही नमाज पढ़ने का आग्रह किया था। इसी के चलते शनिवार को सुबह की सहरी व इफ्तार रोजेदारों ने घरों में ही किया। इस दौरान दुकान बंद होने से रोजेदारों को काफी परेशानी हुई। हालांकि प्रशासन ने नगर सहित सभी तहसील क्षेत्रों में सचल दुकानों की व्यवस्था विशेष रूप से रमजान के लिए ही की है लेकिन अधिकतर लोग इससे वंचित रहे। दिन भर लोग आवश्यक वस्तुओं के जुगाड़ में व्यस्त रहे। रमजान में खजूर व चना का विशेष महत्व है। अधिकतर इफ्तार खजूर अथवा चना खाकर ही खोला जाता है।
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