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गड़ई के तटबंध में दरार, खलबली
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Fri, 09 Sep 2016 11:45 PM IST
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निरीक्षण करते बीडीओ
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विकास खंड जमालपुर के महोबनी गांव के सामने गड़ई नदी के तटबंध में गत दिनों दरार आने इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल मामले को बीडीओ को अवगत कराया। जानकारी होते ही वह मौके पहुंचे और दरार को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों समेत अन्य लोगाें को अवगत कराया। शाम तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दरार को किसी तरह बंद किया।
गड़ई नदी की जलग्रहण क्षमता 700 क्यूसेक है। फिर भी अहरौरा बांध से शुक्रवार की दोपहर दो बजे से 700 क्यूसेक प्रति मिनट पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे गड़ई नदी पर खतरा मंडराने लगा है। दिन में बरसात होने के चलते नदी के तटबंध में दरार आ गई और उसमें काफी पानी का रिसाव होने लगा। तटबंद में दरार आने की खबर लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए और तुरंत खंड विकास अधिकारी बागीश शुक्ला को अवगत कराया।
वह मौके पर पहुंचे और दरार को देख कर तत्काल मामले से एसडीएम चुनार जनैंद्र सिंह व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। देर शाम तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों ने अधिकारियोें के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। काफी देर तक हंगामा करने के बाद उन्होंेने खुद ही बांध की दरार को भरा।
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उनका कहना था कि जिले के अधिकारी लापरवाही से काम कर रहे हैं। किसी को जनता की चिंता नहीं है। ना ही विकास कराने की कोई सोच रहा है। जिससे लोगों को योजनाओं का लाभ नहंी मिल पा रहा है। लोगों को परेशान होना पड़ॉ रहा है सो अलग से। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान नरदेश्वर त्रिपाठी, लाल बिंद, लल्लन, संजय, राजेश, मोनू, कल्लू, जवाहर, वंशनारायण भोला बियार आदि शामिल रहे। बीडीओ बागीश शुक्ला ने अधिकारियोें केा निर्देशित किया है कि अधिकारी व कर्मचारी प्रभावित गांवों में ही निवास करें, जिससे किसी प्रकार की घटना होने पर उससे तत्काल निपटा जा सके।
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गड़ई नदी की जलग्रहण क्षमता 700 क्यूसेक है। फिर भी अहरौरा बांध से शुक्रवार की दोपहर दो बजे से 700 क्यूसेक प्रति मिनट पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे गड़ई नदी पर खतरा मंडराने लगा है। दिन में बरसात होने के चलते नदी के तटबंध में दरार आ गई और उसमें काफी पानी का रिसाव होने लगा। तटबंद में दरार आने की खबर लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए और तुरंत खंड विकास अधिकारी बागीश शुक्ला को अवगत कराया।
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वह मौके पर पहुंचे और दरार को देख कर तत्काल मामले से एसडीएम चुनार जनैंद्र सिंह व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। देर शाम तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों ने अधिकारियोें के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। काफी देर तक हंगामा करने के बाद उन्होंेने खुद ही बांध की दरार को भरा।
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उनका कहना था कि जिले के अधिकारी लापरवाही से काम कर रहे हैं। किसी को जनता की चिंता नहीं है। ना ही विकास कराने की कोई सोच रहा है। जिससे लोगों को योजनाओं का लाभ नहंी मिल पा रहा है। लोगों को परेशान होना पड़ॉ रहा है सो अलग से। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान नरदेश्वर त्रिपाठी, लाल बिंद, लल्लन, संजय, राजेश, मोनू, कल्लू, जवाहर, वंशनारायण भोला बियार आदि शामिल रहे। बीडीओ बागीश शुक्ला ने अधिकारियोें केा निर्देशित किया है कि अधिकारी व कर्मचारी प्रभावित गांवों में ही निवास करें, जिससे किसी प्रकार की घटना होने पर उससे तत्काल निपटा जा सके।