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रुपयों के लिए लगा रहे बैंकों के चक्कर
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Thu, 08 Dec 2016 12:21 AM IST
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रमईपट्टी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर बुधवार को प्रदर्शन करते खाताधारक।
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नोटबंदी के 29 वें दिन बुधवार को नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों में रुपयों का लेन-देन करने खाताधारकों का रेला लगा रहा। बैंक में कहीं पैसा समाप्त होना बताया गया वहीं कहीं-कहीं सर्वर डाउन होने की बात बता कर ग्राहकों को बैरंग लौटाया गया। वर्तमान समय पेंशनर, वेतनभोगी कर्मचारी व व्यवसायी रोजाना बैंक का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पैसा नहीं मिल पा रहा है, जिससे ग्राहकों में रोष बढ़ता जा रहा है।
नोटबंदी के 29 दिन बाद भी नगरीय इलाकों सहित ग्रामीण अंचलाें के खाताधारक अपने पैसे के लिए तरसते रहे। बैंक कर्मियों की रवैये को देख कर ग्राहकों में रोष व्याप्त रहा। कहीं-कहीं बैंकों सेे कैश नहीं मिलने पर बैंक कर्मियों और खाताधारकों के बीच जमकर नोकझोंक भी हुई और मौके पर पहुंची पुलिस के हस्तक्षेप से किसी तरह मामला शांत हो पाया। नोटबंदी के 29 वें दिन बुधवार को बैंकों एवं एटीएम के बाहर लगी खाताधारकों की लंबी कतार को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
बैंक के बंद होने के बाद भी कुछ ग्राहक बैंक के खुलने की उम्मीद में सांय पांच बजे तक बाहर ही खड़े रहे और अंत में कोसते हुए घर वापस लौट गए। बैंकाें में करेंसी नहीं पहुंचने एवं एटीएम के बंद रहने से ग्राहकों को असुविधा का सामना करना पड़ा, वहीं बैंक की शाखाओं और जिन एटीएम से रुपये निकल रहे थे वहां सुबह से ही ग्राहकों की लंबी कतार लगी रही। बैंकाें के बाहर लंबी कतार में घंटो खड़े होने के बाद भी भुगतान नहीं होने से अधिकांश ग्राहकाें को बिना पैसा लिए ही बैरंग लौटना पड़ा।
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किसी बैंक पर समय से पूर्व ही भुगतान का काउंटर बंद कर दिया गया, जिससे खाताधारकों को दिक्कताें का सामना करना पड़ा। बैंकाें से पर्याप्त पैसा नहीं मिलने से ग्राहक जरूरतों की सामानों को नहीं खरीद पा रहा है, ऐसे में ग्रामीण, किसानों और मजदूरोें को पैसे के अभाव में परेशानी हो रही है। नगर के अधिकांश एटीएम के बंद रहने से ग्राहक पैसे के लिए भटकते रहे, जहां के एटीएम खुले रहे, वहां लंबी कतार दिखी।
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नोटबंदी के 29 दिन बाद भी नगरीय इलाकों सहित ग्रामीण अंचलाें के खाताधारक अपने पैसे के लिए तरसते रहे। बैंक कर्मियों की रवैये को देख कर ग्राहकों में रोष व्याप्त रहा। कहीं-कहीं बैंकों सेे कैश नहीं मिलने पर बैंक कर्मियों और खाताधारकों के बीच जमकर नोकझोंक भी हुई और मौके पर पहुंची पुलिस के हस्तक्षेप से किसी तरह मामला शांत हो पाया। नोटबंदी के 29 वें दिन बुधवार को बैंकों एवं एटीएम के बाहर लगी खाताधारकों की लंबी कतार को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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बैंक के बंद होने के बाद भी कुछ ग्राहक बैंक के खुलने की उम्मीद में सांय पांच बजे तक बाहर ही खड़े रहे और अंत में कोसते हुए घर वापस लौट गए। बैंकाें में करेंसी नहीं पहुंचने एवं एटीएम के बंद रहने से ग्राहकों को असुविधा का सामना करना पड़ा, वहीं बैंक की शाखाओं और जिन एटीएम से रुपये निकल रहे थे वहां सुबह से ही ग्राहकों की लंबी कतार लगी रही। बैंकाें के बाहर लंबी कतार में घंटो खड़े होने के बाद भी भुगतान नहीं होने से अधिकांश ग्राहकाें को बिना पैसा लिए ही बैरंग लौटना पड़ा।
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किसी बैंक पर समय से पूर्व ही भुगतान का काउंटर बंद कर दिया गया, जिससे खाताधारकों को दिक्कताें का सामना करना पड़ा। बैंकाें से पर्याप्त पैसा नहीं मिलने से ग्राहक जरूरतों की सामानों को नहीं खरीद पा रहा है, ऐसे में ग्रामीण, किसानों और मजदूरोें को पैसे के अभाव में परेशानी हो रही है। नगर के अधिकांश एटीएम के बंद रहने से ग्राहक पैसे के लिए भटकते रहे, जहां के एटीएम खुले रहे, वहां लंबी कतार दिखी।