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ड्रेस कोड में रहें और समय से आएं डाक्टर
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मिर्जापुर। मंडलायुक्त के निरीक्षण में खामियां मिलने के बाद सोमवार को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने मंडलीय अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान डॉक्टर और स्टाफ को ड्रेस कोड में रहने और समय से अस्पताल आने का निर्देश दिया।
कुछ दिन पूर्व आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने मंडलीय अस्पताल का निरीक्षण किया था तो उस दौरान 15 डॉक्टर समेत 46 स्टाफ गैर हाजिर थे। जो आए थे, वे ड्रेस कोड में नहीं थे। मंडलायुक्त के निरीक्षण के बाद सोमवार को मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह मंडलीय अस्पताल पहुंचे। एसआईसी डॉ. आलोक और मैनेजर अनुज ठाकुर के साथ ओपीडी का निरीक्षण करने निकले। प्रथम तल के ओपीडी कक्ष का निरीक्षण किया। इस दौरान कई डाक्टर एप्रन नहीं पहने थे। प्राचार्य ने सभी को एप्रन पहन कर कार्य करने का निर्देश दिया। नीचे इमरजेंसी में पहुंचे तो डॉक्टर और स्टाफ को ड्रेस कोड में पाया। वहां पर डॉक्टर और फार्मासिस्ट से इमरजेंसी में उपलब्ध दवाओं के बारे में जानकारी ली। इमरजेंसी में दवाओं की सूची चस्पा करने का निर्देश दिया। जिसमें उपलब्ध दवाओं पर निशान बनाने का निर्देश दिया। इसके बाद अन्य ओपीडी कक्ष का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद डॉक्टरों के साथ बैठक की। इस दौरान सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को निर्देश दिया कि जब सीनियर डॉक्टर ड्रेस कोड में रहते हैं तो वे भी ड्रेस पहन कर रहें। इसके अलावा समय से अस्पताल आकर मरीजों को देखने और बाहर की दवा न लिखने का निर्देश दिया।
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कुछ दिन पूर्व आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने मंडलीय अस्पताल का निरीक्षण किया था तो उस दौरान 15 डॉक्टर समेत 46 स्टाफ गैर हाजिर थे। जो आए थे, वे ड्रेस कोड में नहीं थे। मंडलायुक्त के निरीक्षण के बाद सोमवार को मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह मंडलीय अस्पताल पहुंचे। एसआईसी डॉ. आलोक और मैनेजर अनुज ठाकुर के साथ ओपीडी का निरीक्षण करने निकले। प्रथम तल के ओपीडी कक्ष का निरीक्षण किया। इस दौरान कई डाक्टर एप्रन नहीं पहने थे। प्राचार्य ने सभी को एप्रन पहन कर कार्य करने का निर्देश दिया। नीचे इमरजेंसी में पहुंचे तो डॉक्टर और स्टाफ को ड्रेस कोड में पाया। वहां पर डॉक्टर और फार्मासिस्ट से इमरजेंसी में उपलब्ध दवाओं के बारे में जानकारी ली। इमरजेंसी में दवाओं की सूची चस्पा करने का निर्देश दिया। जिसमें उपलब्ध दवाओं पर निशान बनाने का निर्देश दिया। इसके बाद अन्य ओपीडी कक्ष का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद डॉक्टरों के साथ बैठक की। इस दौरान सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को निर्देश दिया कि जब सीनियर डॉक्टर ड्रेस कोड में रहते हैं तो वे भी ड्रेस पहन कर रहें। इसके अलावा समय से अस्पताल आकर मरीजों को देखने और बाहर की दवा न लिखने का निर्देश दिया।
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