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Mirzapur News: लगातार पानी के चढ़ने व उतरने को लेकर सतर्क हैं बाढ़ चौकियां
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जिला प्रशासन ने बाढ़ से राहत के लिए पहले से तैयारियां की हैं। इसके लिए जिले के दो तहसील क्षेत्रों में कुल 37 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। लेकिन अब बारिश का मौसम बीतने वाला है और बाढ़ के पानी ने जिला में खतरे के बिंदु को पार ही नहीं किया। लेकिन इधर एक माह में लगभग तीन बार से अधिक बार गंगा के पानी में हुए उतार चढ़ाव को लेकर जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को फिर से सतर्क कर दिया है।
जिला में बाढ़ का प्राय: कोई असर नहीं होता है। वर्ष 2023 में भी जिले में बाढ़ का प्रभाव नहीं था। गंगा का अधिकतम जलस्तर 73.66 मीटर तक पहुंचा था, जबकि जिले में गंगा में खतरे का निशान 77.724 मीटर तथा चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर पर है। लेकिन सतर्कता के चलते बाढ़ चौकियां प्रतिवर्ष बनायी जाती हैं। बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए जिला स्तर पर फ्लड स्टीयरिंग कमेटी का गठन होता है। कमेटी के निर्देशानुसार जिले में 37 बाढ़ चौकियां खोली गई हैं।
जिले की दो तहसीलों सदर और चुनार के तहत आने वाली 404 ग्राम पंचायतें बाढ़ से प्रभावित होती हैं। इनमें सदर तहसील की 220 और चुनार की 184 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन की तरफ से सदर में 14 और चुनार में 23 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इन बाढ़ चौकियों पर राहत संबंधी सभी उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल ने बताया कि जिले में बाढ़ का कोई संकेत नहीं है लेकिन चौकियों को सतर्क किया गया है। खतरे के बिंदु तक पानी पहुंचने पर बाढ़ चौकियों की सक्रियता बढ़ जाती है। इस समय ऐसी कोई स्थिति नहीं है लेकिन उनको सतर्कता बरतने को कहा गया है।
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10 छोटी बड़ी नदियां है जिले में
जिले में कुल 10 नदियां हैं। इनमें मुख्य नदी गंगा है। अन्य नौ नदियां छोटी हैं। बाढ़ से जिले की दो तहसीलों सदर और चुनार के दायरे में आने वाले सिटी, कोन, छानबे, मझवां, सीखड़, पहाड़ी, जमालपुर तथा नरायनपुर विकास खंड के गांव प्रभावित होते हैं। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि सदर तहसील में बाढ़ नियंत्रण कक्ष का फोन नंबर 05442-220188 और चुनार में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष का फोन नंबर 05442-222413 है।
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जिला में बाढ़ का प्राय: कोई असर नहीं होता है। वर्ष 2023 में भी जिले में बाढ़ का प्रभाव नहीं था। गंगा का अधिकतम जलस्तर 73.66 मीटर तक पहुंचा था, जबकि जिले में गंगा में खतरे का निशान 77.724 मीटर तथा चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर पर है। लेकिन सतर्कता के चलते बाढ़ चौकियां प्रतिवर्ष बनायी जाती हैं। बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए जिला स्तर पर फ्लड स्टीयरिंग कमेटी का गठन होता है। कमेटी के निर्देशानुसार जिले में 37 बाढ़ चौकियां खोली गई हैं।
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जिले की दो तहसीलों सदर और चुनार के तहत आने वाली 404 ग्राम पंचायतें बाढ़ से प्रभावित होती हैं। इनमें सदर तहसील की 220 और चुनार की 184 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन की तरफ से सदर में 14 और चुनार में 23 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इन बाढ़ चौकियों पर राहत संबंधी सभी उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल ने बताया कि जिले में बाढ़ का कोई संकेत नहीं है लेकिन चौकियों को सतर्क किया गया है। खतरे के बिंदु तक पानी पहुंचने पर बाढ़ चौकियों की सक्रियता बढ़ जाती है। इस समय ऐसी कोई स्थिति नहीं है लेकिन उनको सतर्कता बरतने को कहा गया है।
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10 छोटी बड़ी नदियां है जिले में
जिले में कुल 10 नदियां हैं। इनमें मुख्य नदी गंगा है। अन्य नौ नदियां छोटी हैं। बाढ़ से जिले की दो तहसीलों सदर और चुनार के दायरे में आने वाले सिटी, कोन, छानबे, मझवां, सीखड़, पहाड़ी, जमालपुर तथा नरायनपुर विकास खंड के गांव प्रभावित होते हैं। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि सदर तहसील में बाढ़ नियंत्रण कक्ष का फोन नंबर 05442-220188 और चुनार में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष का फोन नंबर 05442-222413 है।