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Mirzapur News: पांच पंचायतें बनेंगी महिलाओं के सशक्तीकरण की मिसाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। महिलाओं को योजनाओं का लाभार्थी बनाने के बजाय पंचायत के फैसलों में भागीदार बनाने की पहल शुरू हुई है। पंचायतीराज विभाग ने सर्वे के बाद जिले की पांच ग्राम पंचायतों को आदर्श महिला हितैषी पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा है।
इनमें नरायनपुर की बगही, लालगंज की धसड़ा और लालपुर, सीखड़ की सीखड़ तथा पहाड़ी की सिंधोरा ग्राम पंचायत शामिल हैं। महिला हितैषी पंचायतों में पंचायत बैठकों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ बालिकाओं की पढ़ाई जारी रखने और स्कूल छोड़ने की दर कम करने पर जोर रहेगा।
शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी, महिला अपराध पर अंकुश, बाल विवाह और लैंगिक भेदभाव रोकने के उपाय किए जाएंगे।
महिलाओं को कौशल विकास, स्वयं सहायता समूह और बैंकिंग ऋण के माध्यम से रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने की योजना है। महिला हेल्प डेस्क, सीसीटीवी और सुरक्षा संबंधी उपायों को मजबूत करने के साथ निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों को महिला कानूनों की जानकारी दी जाएगी।
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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना समेत महिला कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने पर भी जोर रहेगा।
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मिर्जापुर। महिलाओं को योजनाओं का लाभार्थी बनाने के बजाय पंचायत के फैसलों में भागीदार बनाने की पहल शुरू हुई है। पंचायतीराज विभाग ने सर्वे के बाद जिले की पांच ग्राम पंचायतों को आदर्श महिला हितैषी पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा है।
इनमें नरायनपुर की बगही, लालगंज की धसड़ा और लालपुर, सीखड़ की सीखड़ तथा पहाड़ी की सिंधोरा ग्राम पंचायत शामिल हैं। महिला हितैषी पंचायतों में पंचायत बैठकों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ बालिकाओं की पढ़ाई जारी रखने और स्कूल छोड़ने की दर कम करने पर जोर रहेगा।
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शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी, महिला अपराध पर अंकुश, बाल विवाह और लैंगिक भेदभाव रोकने के उपाय किए जाएंगे।
महिलाओं को कौशल विकास, स्वयं सहायता समूह और बैंकिंग ऋण के माध्यम से रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने की योजना है। महिला हेल्प डेस्क, सीसीटीवी और सुरक्षा संबंधी उपायों को मजबूत करने के साथ निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों को महिला कानूनों की जानकारी दी जाएगी।
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