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किसानों ने टोल प्लाजा पर किया प्रदर्शन
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वाराणसी - शक्तिनगर राजमार्ग पर वनस्थली महाविद्यालय के पास नव निर्मित टोल प्लाजा पर वसूली शुरू किए जाने को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यूपी स्टेट हाईवे अथॉरिटी के नाम संबोधित ज्ञापन देकर चेतावनी दी कि एक सप्ताह के अंदर टोल प्लाजा बंद नहीं किया गया तो भाकियू के बैनर तले किसान अनिश्चितकालीन आंदोलन को बाध्य होंगे।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि गलत तरीके से वाराणसी - शक्तिनगर राजमार्ग पर स्थित वनस्थली महाविद्यालय के पास टोल प्लाजा का निर्माण कर वाहनों से वसूली की प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि एक टोल नाका से दूसरे के मध्य कम से कम 50 किलोमीटर की दूरी होना जरूरी है, जबकि वनस्थली महाविद्यालय के पास बनाया जा रहा टोल नाका की दूरी सिर्फ 15 किलोमीटर है। भाकियू के प्रदेश सचिव प्रहलाद सिंह ने बताया कि एसीपी टोलवेज से मिली जानकारी के अनुसार लीकेज रोकने के लिए इस व्यवस्था को अमलीजामा पहनाया जा रहा है, जबकि एसएच 5ए पर पूर्व में ही फत्तेपुर पर टोल प्लाजा स्थित है। जो वाहन अहरौरा से जमुई के रास्ते निकलते रहे होंगे, उन्हें अब परसोधा पर नवनिर्मित एनएच 7 पर टोल की अदायगी करनी होगी। इस लिहाज से अब लीकेज जैसी कोई समस्या ही नहीं रह गयी है। भाकियू के प्रदेश सचिव सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि अहरौरा प्राकृतिक दृष्टिकोण से पर्यटन का केंद्र है। वनस्थली महाविद्यालय से आगे बढ़ने पर ही पहाड़ियों और झील-झरनों का विहंगम दृश्य दिखना शुरू जाता है। पर्यटन की दृष्टि से यह रमणीय स्थल है। अहरौरा नगर क्षेत्र सहित अदलहाट एवं आसपास के लोगों का बड़े पैमाने पर प्रतिदिन इस पर्यटन स्थल पर आना-जाना लगा रहता है। भाकियू के जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी ने कहा कि टोल नाका स्थापित हो जाने के बाद इसका सीधा असर पर्यटन स्थलों पर आने वाली जनता की जेब पर पड़ेगा। इस पर्यटन स्थल से जुड़े लोगों की आजीविका भी गंभीर रूप से प्रभावित होगी। इसलिए इस टोल नाका का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से नवनिर्मित टोल नाका को बंद किए जाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में स्वामी दयाल सिंह, राम शृंगार सिंह, धर्मेंद्र सिंह, परशुराम, महेंद्र सिंह, अनिल सिंह, जय सिंह, अभिषेक सिंह, भोला गिरी, बाल गोविंद, छन्नू सिंह, रामवृक्ष आदि शामिल रहे।
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ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि गलत तरीके से वाराणसी - शक्तिनगर राजमार्ग पर स्थित वनस्थली महाविद्यालय के पास टोल प्लाजा का निर्माण कर वाहनों से वसूली की प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि एक टोल नाका से दूसरे के मध्य कम से कम 50 किलोमीटर की दूरी होना जरूरी है, जबकि वनस्थली महाविद्यालय के पास बनाया जा रहा टोल नाका की दूरी सिर्फ 15 किलोमीटर है। भाकियू के प्रदेश सचिव प्रहलाद सिंह ने बताया कि एसीपी टोलवेज से मिली जानकारी के अनुसार लीकेज रोकने के लिए इस व्यवस्था को अमलीजामा पहनाया जा रहा है, जबकि एसएच 5ए पर पूर्व में ही फत्तेपुर पर टोल प्लाजा स्थित है। जो वाहन अहरौरा से जमुई के रास्ते निकलते रहे होंगे, उन्हें अब परसोधा पर नवनिर्मित एनएच 7 पर टोल की अदायगी करनी होगी। इस लिहाज से अब लीकेज जैसी कोई समस्या ही नहीं रह गयी है। भाकियू के प्रदेश सचिव सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि अहरौरा प्राकृतिक दृष्टिकोण से पर्यटन का केंद्र है। वनस्थली महाविद्यालय से आगे बढ़ने पर ही पहाड़ियों और झील-झरनों का विहंगम दृश्य दिखना शुरू जाता है। पर्यटन की दृष्टि से यह रमणीय स्थल है। अहरौरा नगर क्षेत्र सहित अदलहाट एवं आसपास के लोगों का बड़े पैमाने पर प्रतिदिन इस पर्यटन स्थल पर आना-जाना लगा रहता है। भाकियू के जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी ने कहा कि टोल नाका स्थापित हो जाने के बाद इसका सीधा असर पर्यटन स्थलों पर आने वाली जनता की जेब पर पड़ेगा। इस पर्यटन स्थल से जुड़े लोगों की आजीविका भी गंभीर रूप से प्रभावित होगी। इसलिए इस टोल नाका का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से नवनिर्मित टोल नाका को बंद किए जाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में स्वामी दयाल सिंह, राम शृंगार सिंह, धर्मेंद्र सिंह, परशुराम, महेंद्र सिंह, अनिल सिंह, जय सिंह, अभिषेक सिंह, भोला गिरी, बाल गोविंद, छन्नू सिंह, रामवृक्ष आदि शामिल रहे।
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