{"_id":"6075ebe78ebc3edbf0322fb7","slug":"faith-heavy-on-corona-40-thousand-devotees-reached-vindhyachal-mirzapur-news-vns584779023","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना पर आस्था पड़ा भारी, माता के जयकारे से गूंजी विंध्य धाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना पर आस्था पड़ा भारी, माता के जयकारे से गूंजी विंध्य धाम
विज्ञापन
विंध्याचल। कोरोना के बीच चैत्र नवरात्र मेला मंगलवार की भोर से शुरू हो गया। माता का दरबार लाल चुनरी से सजा रहा। गुड़हल -कमल, फूल और रत्न जड़ित हार से सजी माता विंध्यवासिनी के प्रदीप्त स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पहले दिन मां विंध्यवासिनी दरबार में दर्शन करने के लिए 40 हजार से ज्यादा लोगों ने हाजिरी लगाई। कोरोना के मद्देनजर सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक जिला प्रशासन व पंडा समाज ने श्रद्धालुओं को दर्शन कराया। भोर में मंगला आरती के बाद सुबह छह बजे आम श्रद्धालुओं के लिए मां विंध्यवासिनी मंदिर के पट खोले गए। श्रद्धालुओं की लंबी कतारे लगी रहीं।
गंगा में स्नान के बाद मंदिर की ओर जाने वाले सभी गलियों में भक्त कतारबद्ध रहे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन व श्री विंध्य पंडा समाज सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने में जुटा रहा। दोपहर तक श्रद्धालुओं की भीड़ छट गई। मध्याह्न हुए आरती व शृंगार बाद मंदिर का कपाट खुला तो दर्शनार्थियों की तादाद बहुत कम थी। भीड़ कम होने से प्रशासन भी राहत में रहा। जैसे-जैसे शाम हुई कि भीड़ फिर से बढ़ती चली गई। वैसे तो मां के दर्शन के लिए सोमवार की रात से ही श्रद्धालु धाम पहुंच गए। लेकिन मां विंध्यवासिनी माता का दरबार बंद रहा। भोर में गंगा स्नान एवं ध्यान करने के बाद मंगला आरती व शृंगार के बाद सुबह छह बजे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खुले। मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर परिसर के आसपास चारों तरफ मेले जैसा नजारा रहा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहे। जिला प्रशासन भी लोगों से कोविड- 19 का पालन करते हुए दर्शन पूजन करने की अपील कर रहा था। मां विंध्यवासिनी मंदिर के अलावा मां काली एवं अष्टभुजा व आसपास अन्य मंदिरों में भी भक्तों की काफी भीड़ रही।
विज्ञापन
गंगा में स्नान के बाद मंदिर की ओर जाने वाले सभी गलियों में भक्त कतारबद्ध रहे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन व श्री विंध्य पंडा समाज सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने में जुटा रहा। दोपहर तक श्रद्धालुओं की भीड़ छट गई। मध्याह्न हुए आरती व शृंगार बाद मंदिर का कपाट खुला तो दर्शनार्थियों की तादाद बहुत कम थी। भीड़ कम होने से प्रशासन भी राहत में रहा। जैसे-जैसे शाम हुई कि भीड़ फिर से बढ़ती चली गई। वैसे तो मां के दर्शन के लिए सोमवार की रात से ही श्रद्धालु धाम पहुंच गए। लेकिन मां विंध्यवासिनी माता का दरबार बंद रहा। भोर में गंगा स्नान एवं ध्यान करने के बाद मंगला आरती व शृंगार के बाद सुबह छह बजे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खुले। मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर परिसर के आसपास चारों तरफ मेले जैसा नजारा रहा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहे। जिला प्रशासन भी लोगों से कोविड- 19 का पालन करते हुए दर्शन पूजन करने की अपील कर रहा था। मां विंध्यवासिनी मंदिर के अलावा मां काली एवं अष्टभुजा व आसपास अन्य मंदिरों में भी भक्तों की काफी भीड़ रही।
विज्ञापन