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Mirzapur News: जन औषधि केंद्रों में दी जा रही महंगी व ब्रांडेड दवा

Mon, 28 Aug 2023 12:37 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Aug 2023 12:37 AM IST
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Expensive and branded medicine being given in Jan Aushadhi Kendras
मिर्जापुर। सरकार की तरफ से लोगों की सुविधा के लिए चिकित्सकों को सस्ती जेनरिक दवाएं लिखने का निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए अस्पताल में जन औषधि केंद्र भी खोले गए हैं। ताकि मरीजों को सस्ती दवाएं मिल सकें, परंतु जन औषधि केंद्र में सस्ती जेनरिक दवाएं कम रखी जा रही हैं और महंगी तथा ब्रांडेड दवाएं भी रखकर बेची जा रही हैं।
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जिले में पांच जन औषधि केंद्र खुले हैं। इनमें से एक मंडलीय अस्पताल परिसर व दूसरा जिला महिला अस्पताल में है। इसके अलावा घुरहूपट्टी, विंध्याचल सीएचसी और रतनगंज में भी एक-एक जन औषधि केंद्र है। इन दुकानों पर सस्ती जेनरिक दवाएं मिलती रही हैं। इन जन औषधि केंद्रों में सुगर, बीपी, गैस, लीवर, एंटीबायोटिक, खांसी सिरप, बुखार, एलर्जी आदि विभिन्न रोगों की दवाएं मिलती हैं। अस्पताल के डाॅक्टर मरीजों को ब्र्रांडेड दवाएं लिख रहे थे। लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर सरकार के निर्देश पर कुछ डाॅक्टरों ने जेनरिक दवाएं लिखना शुरू किया, परंतु जन औषधि केंद्र संचालक अब अपनी दुकानों में सस्ती जेनरिक दवाएं कम रख रहे हैं और ब्रांडेड तथा महंगी जेनरिक दवाएं ज्यादा रखने लगे हैं। इसके चलते मरीजों को सस्ती दवा नहीं मिल पा रही है। खास तौर से अस्पताल के अंदर स्थित जन औषधि केंद्र में सस्ती जेनरिक दवाओं के स्थान पर ब्रांडेड व महंगी जेनरिक दवाएं रखी जा रही हैं। डाॅक्टर जब मरीज को जेनरिक दवा के लिए जन औषधि केंद्र पर भेजते है तो उन्हें महंगे दाम वाली जेनरिक दवा दे दी जाती है।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आरबी कमल का कहना है कि डाॅक्टरो को जेनरिक दवाएं लिखने के निर्देश दिए गए हैं। जन औषधि संचालक को भी चेतावनी दी जा चुकी है कि वे जेनरिक के अलावा अन्य दवाएं न बेचे। निरीक्षण के दौरान अगर दुकान में ब्रांडेड दवाएं मिलती हैं अथवा शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में कम संख्या में ही डाॅक्टर जेनरिक दवाएं लिखते हैं, परंतु जो डाॅक्टर जेनरिक दवा लिखते हैं, उनके पास जब मरीज दवा लेकर जाता है तो पता चलता है कि जेनरिक के नाम पर महंगी दवा दे दी गई है। कई डाॅक्टरो ने बताया कि मरीजों को जन औषधि केंद्र से लेने के लिए जेनरिक दवा लिखी जाती है। जब मरीज दवा लेकर आते हैं तब पता चलता है कि उसे जेनरिक के नाम पर ब्रांडेेड और महंगी दवा दे दी गई है।
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