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निर्माणाधीन भवन के वायरिंग एवं ईट की होगी जांच
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Thu, 10 Nov 2016 12:03 AM IST
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महिला अस्पताल में निर्माण कार्यो का निरीक्षण करते सचिव अनुराग यादव साथ में डीएम कंचन वर्मा और सीडीओ अमित कुमार सिंह।
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सचिव अनुराग यादव ने महिला चिकित्सालय परिसर में बनाए जा रहे अस्पताल के भवन का बुधवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण में गड़बड़ी मिलने पर वायरिंग व ईंट की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने भवन का निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था से पूछा कि दिसंबर तक भवन का कैसे हैंडओवर कर दोगे जबकि अभी तो इसमें काफी काम कराना बाकी है। इसपर संस्था के अधिकारी ने बताया कि मजदूरों की संख्या अलगे कुछ दिनों में बढ़ाई जाएगी जिससे निर्माण जल्द होगा।
सचिव अनुराग यादव बुधवार की पूर्वाहन 11 बजे महिला चिकित्सालय में बनाए जा रहे सौ बेड के चिकित्सालय का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने भवन के पहले तल को देखा तो निर्माण में संस्तुति जताई। भवन का निर्माण कर रही राजकीय निर्माण निगम सोनभद्र की कार्यदायी संस्था से पूछताछ किया तो प्रोजेक्ट मैनेजर एके राय ने बताया कि भवन की निर्माण जून 2015 से शुरू है। इसकी लागत 19 करोड़ 42 लाख रुपये है जिसमें मुझे अबतक 16 करोड़ 67 लाख रुपये मिल चुके हैं। शेष मिलना बाकी है। जून 2017 तक पूर्ण कर हैंडओवर करना है, लेकिन वह दिसंबर 2016 तक ही इसे हैंडओवर करने की सोच रहे हैं।
यह सुनते ही उन्होंने कहा कि डेढ़ माह दिसंबर पूर्ण होने में है फिर इसे अगले माह के अंत तक कैसे हैंडओवर कर देंगे। भवन निर्माण में काम कर रहे मजदूरों की संख्या में पूछी तो बताया कि वर्तमान समय में 100 मजदूर काम कर रह हैं। इस पर उन्होंने 50 और मजदूरों को बढ़ाने का निर्देश दिया। भवन में कराई गई वायरिंग में गड़बड़ी की आशंका होने पर उसकी जांच कराने का निर्देश दिया। ईंट की जांच कराने की बात कही तो बताया किया इसकी जांच करा ली गई है। पानी के सप्लाई के बारे में पूछने पर बताया कि 40 हजार लीटर का ओवरटैंक बनाया गया। जिससे पानी सप्लाई की जाएगी। इस दौरान सीडीओ अमित कुमार, प्रभारी सीएमओ डा.विधु गुप्ता, सीएमएस डा. संजय पांडेय आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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सचिव को ट्रामा सेंटर का निरीक्षण करना था लेकिन उन्होंने अचानक निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करने पहुंच गए। जहां पर सीडीओ दो घंटे पहले से ही निरीक्षण कर व्यवस्था को देख रहे थे। जो निरीक्षण के दौरान चर्चा का विषय बना रहा। कहा गया कि ट्रामा सेंटर को इस लिए नहीं दिखाया गया कि वहां निर्माण में काफी लापरवाही बरती जा रही है। जिसका खुलासा हो सकता था।
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सचिव अनुराग यादव बुधवार की पूर्वाहन 11 बजे महिला चिकित्सालय में बनाए जा रहे सौ बेड के चिकित्सालय का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने भवन के पहले तल को देखा तो निर्माण में संस्तुति जताई। भवन का निर्माण कर रही राजकीय निर्माण निगम सोनभद्र की कार्यदायी संस्था से पूछताछ किया तो प्रोजेक्ट मैनेजर एके राय ने बताया कि भवन की निर्माण जून 2015 से शुरू है। इसकी लागत 19 करोड़ 42 लाख रुपये है जिसमें मुझे अबतक 16 करोड़ 67 लाख रुपये मिल चुके हैं। शेष मिलना बाकी है। जून 2017 तक पूर्ण कर हैंडओवर करना है, लेकिन वह दिसंबर 2016 तक ही इसे हैंडओवर करने की सोच रहे हैं।
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यह सुनते ही उन्होंने कहा कि डेढ़ माह दिसंबर पूर्ण होने में है फिर इसे अगले माह के अंत तक कैसे हैंडओवर कर देंगे। भवन निर्माण में काम कर रहे मजदूरों की संख्या में पूछी तो बताया कि वर्तमान समय में 100 मजदूर काम कर रह हैं। इस पर उन्होंने 50 और मजदूरों को बढ़ाने का निर्देश दिया। भवन में कराई गई वायरिंग में गड़बड़ी की आशंका होने पर उसकी जांच कराने का निर्देश दिया। ईंट की जांच कराने की बात कही तो बताया किया इसकी जांच करा ली गई है। पानी के सप्लाई के बारे में पूछने पर बताया कि 40 हजार लीटर का ओवरटैंक बनाया गया। जिससे पानी सप्लाई की जाएगी। इस दौरान सीडीओ अमित कुमार, प्रभारी सीएमओ डा.विधु गुप्ता, सीएमएस डा. संजय पांडेय आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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सचिव को ट्रामा सेंटर का निरीक्षण करना था लेकिन उन्होंने अचानक निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करने पहुंच गए। जहां पर सीडीओ दो घंटे पहले से ही निरीक्षण कर व्यवस्था को देख रहे थे। जो निरीक्षण के दौरान चर्चा का विषय बना रहा। कहा गया कि ट्रामा सेंटर को इस लिए नहीं दिखाया गया कि वहां निर्माण में काफी लापरवाही बरती जा रही है। जिसका खुलासा हो सकता था।