{"_id":"6841e4b7748091be830e8574","slug":"even-after-spending-rs-105-crore-karnavati-and-lohandi-rivers-could-not-be-saved-mirzapur-news-c-192-1-svns1034-134804-2025-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: 105 करोड़ खर्च के बाद भी कर्णावती और लोहंदी नदी नहीं हो सका उद्धार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: 105 करोड़ खर्च के बाद भी कर्णावती और लोहंदी नदी नहीं हो सका उद्धार
विज्ञापन
मिर्जापुर। छानबे और सिटी ब्लाॅक में कर्णावती और लोहंदी नदी का उद्धार 105 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी नहीं हो पाया। दोनों नदियां गंदगी और प्रदूषण की वजह से कराह रही हैं। जगह-जगह पानी सूख गया है। ग्रामीण ही नहीं, पशु पक्षी भी पानी के लिए भटक रहे। जंगली जानवर पानी की तलाश में गांवों का रुख कर रहे हैं। इससे तटवर्ती गांवों में खतरा पैदा हो गया है।
जीवन संचय योजना के तहत 2019 में छानबे क्षेत्र में कर्णावती नदी का जीर्णोद्धार कराया गया था। जल संरक्षण के लिए जगह-जगह चेक डैम का निर्माण कराया गया था, जो गाद से पट गए हैं। नदी की सफाई के लिए जिलाधिकारी, सीओ, विधायक और ब्लॉक प्रमुख ने ग्रामीणों ने श्रमदान भी किया था। लगभग 19 किमी लंबी नदी से चितौली, कुशहा, बघेडाखुर्द, बघेडाकला, चतुरिया, कोलाही, धौरहरा, विजयपुर, भाऊसिंहके पुरा, गाजीपुर, कठवईया, भटेवरा, बलापुर, अरगीसरपत्ती, देवरी, महडौरा, अकोढ़ी आदि गांवों में सिल्ट हटाई गई थी। भटेवरा में चेक डैम बनाया गया था, देखरेख के अभाव में ध्वस्त हो चुका है। जगह-जगह गाद जमा होने के कारण नदी सूख गई है।
इसी तरह वर्ष 2022-23 में सिटी ब्लाॅक में 10 किलोमीटर लंबी लोहंदी नदी का जीर्णोद्धार कराया गया था। बरकछा खुर्द (अटारी) से निकली नदी बकरछा खुर्द, छीतपुर, सिरसी गहरवार, सिरसी बघेल, लोहंदी खुर्द, लोहंदीकला, नकहरा, चंदईपुर, गोपालपुर, कंतित होते हुए कुल 11 गांवों को जोड़ते हुए राजापुर के पास ओझला नदी में मिलती है। बरकछा खुर्द से राजापुर तक नदी जगह-जगह सूख चुकी है।
विज्ञापन
इसी तरह 21 मई को सिटी ब्लाॅक में लोवर खजुरी वीयर से निकली खजुरी नदी का जीर्णोद्धार से शुरू कराया गया था। खजुरी नदी बरजी मुकुंदपुर, शाहपुर चौसा, रायपुर पोख्ता, कतरन, राजपुर, चेरुईराम, देवापुर पचवल, दुबेपुर, खजुरी, हरिहरपुर बेदौली, महेवा, इंदी पर्वतपुर, वीरशाहपुर, बढ़ौली व भटौली के पास गंगा में मिलती है। नदी में पानी के चलते कुछ गांवों में जीर्णोद्धार का काम अटक सकता है।
इनसेट
-- -- --
नदी में गिर रहा कारखानों का जहरीला पानी
नकहरा से आगे लोहंदी कला और राजापुर में कालीन के कारखानों का केमिकल युक्त जहरीला पानी सीधे नदी में गिर रहा है। इससे नदी प्रदूषित हो चुकी है और दुर्गंध के कारण आसपास के गांवों के लोग परेशान है। ग्यारह तखवा के पास नदी की दुर्दशा देखी जा सकती है। राजापुर में तेज दुर्गंध के कारण जीर्णोद्धार के दौरान श्रमिकों ने नदी में उतरने से मना कर दिया था। संवाद
वर्जन
-- -- -
नदी को स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त रखना शासन की मंशा है। यदि लोहंदी नदी में किसी फैक्ट्री का केमिकल युक्त पानी गिर रहा है तो इसकी जांच कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। - बब्बन राय, उपायुक्त मनरेगा।
विज्ञापन
जीवन संचय योजना के तहत 2019 में छानबे क्षेत्र में कर्णावती नदी का जीर्णोद्धार कराया गया था। जल संरक्षण के लिए जगह-जगह चेक डैम का निर्माण कराया गया था, जो गाद से पट गए हैं। नदी की सफाई के लिए जिलाधिकारी, सीओ, विधायक और ब्लॉक प्रमुख ने ग्रामीणों ने श्रमदान भी किया था। लगभग 19 किमी लंबी नदी से चितौली, कुशहा, बघेडाखुर्द, बघेडाकला, चतुरिया, कोलाही, धौरहरा, विजयपुर, भाऊसिंहके पुरा, गाजीपुर, कठवईया, भटेवरा, बलापुर, अरगीसरपत्ती, देवरी, महडौरा, अकोढ़ी आदि गांवों में सिल्ट हटाई गई थी। भटेवरा में चेक डैम बनाया गया था, देखरेख के अभाव में ध्वस्त हो चुका है। जगह-जगह गाद जमा होने के कारण नदी सूख गई है।
विज्ञापन
इसी तरह वर्ष 2022-23 में सिटी ब्लाॅक में 10 किलोमीटर लंबी लोहंदी नदी का जीर्णोद्धार कराया गया था। बरकछा खुर्द (अटारी) से निकली नदी बकरछा खुर्द, छीतपुर, सिरसी गहरवार, सिरसी बघेल, लोहंदी खुर्द, लोहंदीकला, नकहरा, चंदईपुर, गोपालपुर, कंतित होते हुए कुल 11 गांवों को जोड़ते हुए राजापुर के पास ओझला नदी में मिलती है। बरकछा खुर्द से राजापुर तक नदी जगह-जगह सूख चुकी है।
विज्ञापन
इसी तरह 21 मई को सिटी ब्लाॅक में लोवर खजुरी वीयर से निकली खजुरी नदी का जीर्णोद्धार से शुरू कराया गया था। खजुरी नदी बरजी मुकुंदपुर, शाहपुर चौसा, रायपुर पोख्ता, कतरन, राजपुर, चेरुईराम, देवापुर पचवल, दुबेपुर, खजुरी, हरिहरपुर बेदौली, महेवा, इंदी पर्वतपुर, वीरशाहपुर, बढ़ौली व भटौली के पास गंगा में मिलती है। नदी में पानी के चलते कुछ गांवों में जीर्णोद्धार का काम अटक सकता है।
इनसेट
नदी में गिर रहा कारखानों का जहरीला पानी
नकहरा से आगे लोहंदी कला और राजापुर में कालीन के कारखानों का केमिकल युक्त जहरीला पानी सीधे नदी में गिर रहा है। इससे नदी प्रदूषित हो चुकी है और दुर्गंध के कारण आसपास के गांवों के लोग परेशान है। ग्यारह तखवा के पास नदी की दुर्दशा देखी जा सकती है। राजापुर में तेज दुर्गंध के कारण जीर्णोद्धार के दौरान श्रमिकों ने नदी में उतरने से मना कर दिया था। संवाद
वर्जन
नदी को स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त रखना शासन की मंशा है। यदि लोहंदी नदी में किसी फैक्ट्री का केमिकल युक्त पानी गिर रहा है तो इसकी जांच कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। - बब्बन राय, उपायुक्त मनरेगा।