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टैरिफ का असर : आयातक कर रहे मोलभाव, डंप हो रही दरी व कालीन

Thu, 21 Aug 2025 12:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 21 Aug 2025 12:12 AM IST
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Effect of tariff: Importers are bargaining, carpets and rugs are being dumped
नगर के गोलघर में तैयार दरी की फिनि​शिंग करते कारीगर, स्रोत संवाद
मिर्जापुर। विंध्याचल मंडल का दरी व कालीन कारोबार इस समय संकट के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका की टैरिफ नीति के कारण लगभग 10 लाख श्रमिकों की आजीविका संकट में हैं। दरी और कालीन का आयात करने वाली कंपनियां अब मोलभाव पर उतर आईं हैं। भारत से प्रतिवर्ष 16000 करोड़ रुपये का दरी व कालीन का निर्यात होता है। इसमें 50 प्रतिशत का व्यापार सिर्फ अमेरिका से होता है। इसमें 80 प्रतिशत निर्यात विंध्याचल मंडल से होता है। विंध्य मंडल के मिर्जापुर व भदोही जिले प्रतिवर्ष 7000 करोड़ रुपये की दरी व कालीन का निर्यात अमेरिका को करते हैं। जयपुर से भी दरी व कालीन का निर्यात होता है। लेकिन उनका बाजार कम है। ज्यादातर विंध्य मंडल के ही दरी व कालीन अमेरिका के बाजार में छाया है। अब टैरिफ से निर्यातकों की समस्या बढ़ गई है। घोषणा के मुताबिक 27 अगस्त से अमेरिका भारत से आने वाली वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ कर देगा। इससे आयातक अब मोलभाव पर उतर आए हैं। उनका कहना है कि यदि निर्यातक उनको 10 से 20 प्रतिशत तक या और अधिक डिस्काउंट दें तो वह अभी माल उठा लेंगे। इससे जो शिपमेंट अभी रुका है। उसको ले लिया जाएगा। इससे निर्यातकोंं का नुकसान बच सकता है। निर्धारित तिथि के बाद यह भी हो सकता है कि इतने टैरिफ पर आयात करने वाली कंपनियां उक्त माल को ले ही नहीं। इससे निर्यातकों का पूरा नुकसान होने की संभावना है।
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तीन हजार करोड़ का माल रुका है
मिर्जापुर। विंध्याचल मंडल के कारोबारियों का तकरीबन तीन हजार करोड़ रुपये का माल रुका है। इससे निर्यातकों को परेशानी हो रही है। नए ऑर्डर फिलहाल रुके हैं। इससे दरी और कालीन का निर्माण कराने वाली कंपनियां फिलहाल सहमी हैं। हालांकि काम अभी चल रहा है लेकिन उसकी स्वाभाविक तेजी नदारद है।
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कोट्स
सरकार को सहायता करनी चाहिए

इस कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने के लिए सरकार को निर्देश जारी करना चाहिए। वह कोई ऐसी नीति बनाए जिससे निर्यातकों का आर्थिक नुकसान न हो और वे बेहतर तरीके से कारोबार कर सकें। - मनोज खंडेलवाल, सचिव , मिर्जापुर दरी कार्पेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन
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अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं
अभी शासन की ओर से इस संबंध में कोई दिशा निर्देश नहीं आया है। अभी स्थिति का आकलन किया जा रहा है। यदि कोई दिशा-निर्देश आता है तो उस प्रकार से कार्रवाई की जाएगी।
- वीरेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त उद्योग, विंध्याचल मंडल
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