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कमीशन कम खाओ, सुविधा मुहैया कराओ
अमर उजाला ब्यूरो, मिर्जापुर
Updated Sat, 16 Jan 2016 11:58 PM IST
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प्रमुख सचिव समाज कल्याण सुनील कुमार ने शनिवार को सोनभद्र जाते समय मड़िहान स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान ढेरों खामियां मिलने पर कर्मचारियों समेत समाज कल्याण अधिकारी पर जमकर बिफरे। कहा कि कहा कि कमीशन कम खाओ, छात्राओं को अधिक से अधिक सुविधा मुहैया कराओ।
प्रमुख सचिव ने रसोई घर में लकड़ी जला कर भोजन बनता देख कड़ी नाराजगी जताई। समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र यादव को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही गैस चूल्हा पर भोजन बनवाने का निर्देश दिया। बालिकाओं को स्वच्छ पेयजल के लिए स्कूल में आरओ लगवाने का निर्देश दिया।
प्रमुख सचिव ने कहा कि नवोदय विद्यालय में प्रत्येक छात्र को भोजन के लिए 47 रुपये मिलते हैं, जबकि हमारे यहां 75 रुपये तक देने की व्यवस्था है। बावजूद इसके घटिया किस्म का भोजन छात्राओं को दिया जा रहा है। विद्यालय परिसर में ही भवन के पीछे बड़े गड्ढे को देख काफी नाराजगी जताई।
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निर्देश दिया कि गड्ढे को पटवाकर खेल मैदान बनाया जाए। ताकि बालिकाओं को खेलने में सुविधा हो। विद्यालय परिसर में व्याप्त गंदगी पर कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही परिसर में पौधरोपण का निर्देश दिया। छात्राआें ने प्रमुख सचिव को बताया कि दूध नहीं दिया जाता है।
मनोरंजन कक्ष का ताला बंद मिला। ताला खुलवाने पर काफी दिनों से सफाई नहीं होने पर बिफर पड़े। मनोरंजन कक्ष में टेबल टेनिस, पेंटिंग, म्यूजिक स्लाइड आदि को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। इसके बाद हास्टल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया कि कोई भी नल सही नहीं है।
इसको दुरुस्त कराने और स्वच्छ पेयजल के लिए आरओ लगवाने का निर्देश दिया। बालिकाओं को जागरूकता और नई जानकारी के लिए सभी अखबारों को रखवाने का निर्देश दिया। कहा कि सुपरविजन के लिए नवोदय के सेवानिवृत्त प्राचार्य को रखा जाएगा। शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का निर्देश दिया।
कहा कि नवोदय विद्यालय से अधिक बजट आश्रम पद्धति विद्यालय को दिया जाता है। बावजूद इसके शिक्षा की गुणवत्ता काफी निम्न स्तर की है। शिक्षिकाओं से कहा कि 11 महीने 29 दिन का वेतन सरकार देती है, छात्राओं में प्रतिभा मिलने के बाद ही उन्हें नियमित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान डिप्टी डायरेक्टर एसके बिसेन, एसडीएम जैनेेद्र सिंह, तहसीलदार मृत्युंजय सिंह, अधीक्षक चिंतामणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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प्रमुख सचिव ने रसोई घर में लकड़ी जला कर भोजन बनता देख कड़ी नाराजगी जताई। समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र यादव को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही गैस चूल्हा पर भोजन बनवाने का निर्देश दिया। बालिकाओं को स्वच्छ पेयजल के लिए स्कूल में आरओ लगवाने का निर्देश दिया।
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प्रमुख सचिव ने कहा कि नवोदय विद्यालय में प्रत्येक छात्र को भोजन के लिए 47 रुपये मिलते हैं, जबकि हमारे यहां 75 रुपये तक देने की व्यवस्था है। बावजूद इसके घटिया किस्म का भोजन छात्राओं को दिया जा रहा है। विद्यालय परिसर में ही भवन के पीछे बड़े गड्ढे को देख काफी नाराजगी जताई।
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निर्देश दिया कि गड्ढे को पटवाकर खेल मैदान बनाया जाए। ताकि बालिकाओं को खेलने में सुविधा हो। विद्यालय परिसर में व्याप्त गंदगी पर कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही परिसर में पौधरोपण का निर्देश दिया। छात्राआें ने प्रमुख सचिव को बताया कि दूध नहीं दिया जाता है।
मनोरंजन कक्ष का ताला बंद मिला। ताला खुलवाने पर काफी दिनों से सफाई नहीं होने पर बिफर पड़े। मनोरंजन कक्ष में टेबल टेनिस, पेंटिंग, म्यूजिक स्लाइड आदि को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। इसके बाद हास्टल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया कि कोई भी नल सही नहीं है।
इसको दुरुस्त कराने और स्वच्छ पेयजल के लिए आरओ लगवाने का निर्देश दिया। बालिकाओं को जागरूकता और नई जानकारी के लिए सभी अखबारों को रखवाने का निर्देश दिया। कहा कि सुपरविजन के लिए नवोदय के सेवानिवृत्त प्राचार्य को रखा जाएगा। शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का निर्देश दिया।
कहा कि नवोदय विद्यालय से अधिक बजट आश्रम पद्धति विद्यालय को दिया जाता है। बावजूद इसके शिक्षा की गुणवत्ता काफी निम्न स्तर की है। शिक्षिकाओं से कहा कि 11 महीने 29 दिन का वेतन सरकार देती है, छात्राओं में प्रतिभा मिलने के बाद ही उन्हें नियमित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान डिप्टी डायरेक्टर एसके बिसेन, एसडीएम जैनेेद्र सिंह, तहसीलदार मृत्युंजय सिंह, अधीक्षक चिंतामणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।