फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Dumfers crushed workers sleeping on the road, three dead

सड़क किनारे सो रहे श्रमिको को डम्फर ने रौंदा, तीन की मौत

Fri, 22 May 2020 10:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 22 May 2020 10:33 PM IST
विज्ञापन
Dumfers crushed workers sleeping on the road, three dead
लालगंज। थाना क्षेत्र के बसही स्थित राजमार्ग सात के समीप मठ के सामने शुक्रवार की भोर में तीन बजे सो रहे बिहार के प्रवासियों को डंफर ने कुचल दिया। हादसे में दो की घटनास्थल पर और तीसरे की मंडलीय अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। चालक समेत पांच लोग इनोवा गाड़ी में सो रहे थे। जो हादसे में बाल-बाल बच गए। दो को हल्की चोट आई। सूचना पर जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन

देश में लॉकडाउन के चलते राजमार्ग सात से बिहार निवासी सात लोग इनोवा गाड़ी रिजर्व कर के मुंबई से घर वापस जा रहे थे। गुरुवार की रात 12 बजे गाड़ी लालगंज पहुंची तो इनोवा के चालक ने बसही स्थित मठ के सामने गाड़ी पटरी से उतारकर मठ से सटाकर खड़ा कर दिया। उसके बाद तीन लोग बाहर चादर फैलाकर और चालक समेत पांच लोग गाड़ी में सो रहे थे। तीन बजे भोर में कंस्ट्रक्शन कंपनी डीवीएल की डंफर गाड़ी पत्थर लेकर कैंपर कार्यालय लालगंज से बसही जा रही थी। रास्ते में बेकाबू होकर डंफर ने पहले इनोवा में टक्कर मारा, इसके बाद सड़क के किनारे सो रहे तीन श्रमिकों को कुचल दिया। उनकी चीख सुनकर मठ के लोगों की नींद खुली। मठ के महंत प्रमुख नरेंद्र गिरि ने पुलिस को सूचना दिया।
विज्ञापन

पुलिस मौके पर पहुंची तो बिहार के गोपालगंज के फैजुल्लापुर खोमारी गांव निवासी राजू सिंह (26) व सौरभ कुमार (23) की घटना स्थल मौत हो गई थी। घायल गोपालगंज खोमारी बैंकुठपुर निवासी अमित सिंह (30) गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल भेजवाया गया। वहां से उसे बीएचयू रेफर किया गया। रास्ते में उनकी मौत हो गई। गाड़ी में सो रहे वैशाली के बाड़ी बराही राजापार्क गांव के विशाल कुमार (21), रोहित (22), विक्रम कुमार (27), फैजुल्लापुर निवासी मुन्ना सिंह (38) व इनोवा का चालक मकसूद (40) हादसे में बाल बाल बच गए। विक्रम और विशाल को हल्की चोट आई। मठ के महंत प्रमुख नरेंद्र गिरि ने पुलिस को सूचना दिया। शव का पोस्टमार्टम कराकर घर भेजा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

घटनास्थल की सूचना मिलने पर पर मंडलायुक्त प्रीति शुक्ला, आईजी पीयूष श्रीवास्तव, जिला अधिकारी सुशील कुमार पटेल, पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह, एसडीएम शिव प्रसाद मौके पर पहुंचे। मंडलायुक्त ने कहा कि उन्हें किसी शेल्टर होम में रुक जाना चाहिए था। डंफर चालक का मेडिकल कराने का निर्देश दिया।
घटना के बारे में डीएम सुशील कुमार पटेल ने कहा कि चार लोग बाहर और तीन श्रमिक गाड़ी में सो रहे थे। इसमें तीन की हादसे में मौत हो गई, एक को हल्की चोट आई। शव का पोस्टमार्टम कराकर गाड़ियों से शव और श्रमिकों को उनके घर भेजवाया गया। बिहार में वैशाली और गोपालगंज के डीएम और एसपी से बात कर मामले से अवगत करा दिया गया। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि भोर में तीन बजे के करीब अनियंत्रित डंफर तीन श्रमिकों को कुचलते हुए दीवार में जा टकराई। डंफर के चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछता किया गया तो उसने स्टेयरिंग फेल होना कारण बताया। मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
परिजन आए, प्रशासन ने गाड़ी से भेजवाया घर
मिर्जापुर। मौत की खबर सुनकर परिजन भी शुक्रवार की दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पर पहुुंचे। परिजनों के पहुंचते ही पोस्टमार्टम हाउस पर कोहराम मच गया। डीएम सुशील कुमार पटेल ने शव वाहन से शवों और एक अन्य गाड़ी से अन्य श्रमिकों को घर भेजवाया। दोपहर 12 बजे सभी बिहार के लिए निकले।
गाड़ी में रहता तो बच जाती राजू की जान
मिर्जापुर। हादसे में मृतक राजू भी इनोवा गाड़ी में ही सो रहा था। रात में वह बाहर साथियों के पास सोने चला गया। वह गाड़ी में ही रहता तो उसकी जान बच सकती थी। गाड़ी में चालक मकसूद, मुन्ना और विक्रम के साथ राजू भी सो रहा था। मुन्ना ने बताया कि रात में राजू गाड़ी में ही सो रहा था। उसके सोने के बाद वह कब गाड़ी से बाहर निकला। उसे पता नहीं चला। हादसे में शोर होने पर नींद खुली तो डंफर ने इनोवा में टक्कर मारने के बाद राजू, सौरभ को कुचल दिया था।
सिर्फ 21 दिन का मिला था वेतन, एक समय खाते थे खाना
मिर्जापुर। बिहार के वैशाली और गोपालगंज जिले के निवासी सात श्रमिक दो अलग-अलग कंपनियों में काम करते थे। इसमें अमित, राजू और सौरभ एनएलटी और बाकी चार जय इंफ्राटेक कंपनी में काम करते थे। सभी मार्च महीने की शुरुआत में काम करने गए थे। इसके बाद कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते कंपनी में काम बंद हो गया। काम बंद होने पर कंपनी ने सिर्फ 21 दिन का वेतन दिया। मुन्ना ने बताया कि वह आपरेटर था तो उसे 22 हजार मिलता था, कंपनी ने उसे पांच हजार और बाकी अन्य हेल्पर और सुपरवाइजर को दो-दो हजार रुपये दिया था। कुछ दिन तक कंपनी ने भोजन दिया। पैसा खत्म होने पर एक समय दाल चावल खाकर गुजारा कर रहे थे।
ऑनलाइन टिकट नहीं मिला तो घर से मंगाया पैसा
मिर्जापुर। हादसे में बचे श्रमिक विक्रम ने बताया कि घर आने के लिए ऑनलाइन टिकट बुक किया, पर टिकट नहीं मिला। टिकट के लिए प्रयास करते रहे। 15 दिनों तक टिकट कंफर्म नहीं होने पर परिजनों से पैसा खाते में मंगाया। 70 हजार रुपए मेें इनोवो को बुक किया। प्रति श्रमिक ने 10 हजार रुपये इनोवा को दिया था।
सीएम योगी ने जताया दु:ख, दो-दो लाख के मुआवजे का ऐलान
मिर्जापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के बसई के पास सो रहे प्रवासियों की डंफर से कुचलकर मौत मामले में मुख्यमंत्री आदित्य योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर शोक जताया है। साथ ही उन्होंने सरकार की ओर से मृतकों के परिवार को दो-दो लाख के आर्थिक मुआवजे का ऐलान किया है। मुंबई से इनोवा बुक कर बिहार जा रहे सात श्रमिक शुक्रवार की भोर में लालगंज थाना क्षेत्र के बसई गांव के पास सड़क किनारे सो रहे थे। रात में डंफर ने उन्हें कुचल दिया। जिसमें तीन की मौत हो गई । मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर हादसे पर शोक जताते हुए मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख के आर्थिक मदद करने और घायलों का समुचित उपचार कराने का निर्देश दिया है। मृतकों के शव को एंबुलेंस से उनके घर तक भेजने का निर्देश दिया।
कोरोना से हो रही मौत के डर से जा रहे थे घर, गंवाई जान
मिर्जापुर। मुंबई में कोरोना वायरस के फैल प्रकोप और लगातार बढ़ रहे मौत के आंकड़ों ने श्रमिकों को भयभीत कर दिया था। उन्हें मौत का डर सताने लगा था। मौत के डर से ही सभी गाड़ी बुक कर घर जा रहे थे। जिससे कि वह अपनी जान बचा सके, पर उन्हें क्या पता था कि रास्ते में मौत किसी और रूप में उनका इंतजार कर रही है। मुंबई में इस समय सबसे अधिक कोरोना वायरस को प्रकोप फैला है। मौत का आंकड़ा भी मुंबई में अधिक है। वहां रहने वाले प्रवासी अपने घरों को लौट रहे है। घर लौटने के लिए वे हर जतन कर रहे है। पिछले कई दिनों से लोग ट्रकों व अन्य साधनों से घर लौट रहे है। मुंबई में काम कर रहे बिहार निवासी सात श्रमिकों को भी कोरोना वायरस से मौत का डर सताने लगा। इस पर सभी ने इनोवा बुक कर घर के लिए निकले थे। श्रमिक मुन्ना ने बताया कि मुंबई 20 मई को मुंबई से निकलने पर बाद वे सकुन में थे कि अपने घर परिवार में पहुंचेंगे, पर क्या पता था कि रास्ते में हादसे का शिकार हो जाएंगे और तीन साथियों को जान गवांनी पड़ेेगी।
डीवीएल कंपनी की गाड़ियां बन गई हैं हादसे का सबब
मिर्जापुर। एनएच-सात का निर्माण करा रही डीवीएल कंपनी की गाड़ियां हादसे का सबब बन गई हैं। पिछले एक वर्ष में डीवीएल कंपनी के डंफर और हाईवा ने कई हादसे किए हैं। इसमें लोगों की जान गई है। एक दो दिन हो हल्ला मचता है पर बाद में पुलिस की बेपरवाही के चलते मामला रफा दफा कर दिया जाता है। कंपनी की गाड़ियां हादसे का सबब बनी है, पर प्रशासन उनकी फिटनेस का ध्यान नहीं दे रही है। लालगंज, हलिया, अहरौरा, अदलहाट विभिन्न थाना क्षेत्रों में कंपनी की गाड़ियों की चपेट में आने से मौत और लोग घायल हुए है।
लालगंज के बसही में स्थित कैंप कार्यालय में सीमेंट लदी गाड़ी के चपेट में आने से एक बालक की मौत हुई थी। लालगंज बाजार में हाईवा की टक्कर से बड़कू केशरवानी की मौत हुई थी। चेरुईराम और हलिया के ड्रमंडगंज पहाड़ी पर भी कंपनी की गाड़ी से हादसे में लोगों की जान गई थी। कंपनी की गाड़ी ने ही करनपुर पहाड़ी पर बने बूूथ में धक्का मार दिया था। इसमें चालक बाल-बाल बचा था। शुक्रवार की भोर में हुए हादसे में चालक ने स्टेयरिंग फेल होने से हादसा होने की बात बताई है। इससे समझा जा सकता है कि गाड़ी की फिटनेस सही नहीं है। इसके बाद भी कंपनी की गाड़ियां सड़कों पर रफ्तार भर रही है। इनकी जांच नरहीं हो रही है।

सड़क किनारे सो रहे, क्या कर रही थी पुलिस
मिर्जापुर। मुंबई से बिहार जा रहे श्रमिक थाने से 500 मीटर दूर सड़क से 40 फीट दूर सो रहे थे। श्रमिकों को रोकने के लिए क्षेत्र के बापू उपरौध इंटर कालेज में शेल्टर होम बना है। रात में सड़कों पर पुलिस का पहरा लगा है। पुलिस रात में गश्त करती रहती है। इसके बाद भी किसी की नजर उनके ऊपर क्यों नहीं पड़ी। अगर उनको शेल्टर होम आदि में भेजा गया होता तो उनकी जान बच जाती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed