{"_id":"67c0b2766d0b1feed50ce594","slug":"divisional-hospital-running-without-fire-noc-and-license-mirzapur-news-c-192-1-svns1035-130274-2025-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: फायर एनओसी और लाइसेंस के बिना चल रहा मंडलीय अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: फायर एनओसी और लाइसेंस के बिना चल रहा मंडलीय अस्पताल
विज्ञापन
मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध मंडलीय और महिला अस्पताल फायर एनओसी और बायो मेडिकल वेस्ट के लाइसेंस के बिना ही संचालित हो रहे हैं। बायो मेडिकल वेस्ट का लाइसेंस दिसंबर 2024 में खत्म हो गया था, लेकिन अब तक नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया गया। वहीं, अग्निशमन विभाग से एनओसी कभी नहीं ली गई। सिर्फ आडिट कराकर प्रपोजल तैयार किया गया है।
मंडल के तीन जिलों का सबसे बड़ा अस्पताल मंडलीय अस्पताल है। मंडलीय अस्पताल और महिला अस्पताल मेडिकल कालेज के अधीन संचालित होता है। अस्पतालो में बायो मेडिकल वेस्ट निकलता है। एनजीटी के मानक के अनुसार जहां भी बायो मेडिकल वेस्ट निकलता है। उस अस्पताल को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सर्टिफिकेट लेना जरुरी है, पर मेडिकल कालेज का सर्टिफिकेट का लाइसेंस दिसंबर 2024 में ही समाप्त हो गया है। बिना लाइसेंस के अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट उत्पन्न हो रहा है। मंडलीय अस्पताल से प्रतिदिन 30 किलो और महिला अस्पताल से 20 किलो बायो मेडिकल वेस्ट निकलता है। इसमें आपरेशन से मानव अंग समेत, सिरिंग, प्लास्टिक व अन्य सामान रहता है। जिसका अलग-अलग निस्तारण किया जाता है। अस्पताल से बायो मेडिकल वेस्ट निकलता है तो उसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लाइसेंस लेना पड़ता है। पूर्व प्राचार्य डा. आरबी कमल द्वारा लाइसेंस लिया गया था। जो 31 दिसंबर 2031 तक था। अस्पताल प्रशासन द्वारा मार्च 25 तक तक होने की बात कह रहा है, पर लाइसेंस एक वर्ष के लिए मिलता है। ऐसे में मार्च तक लाइसेंस होना संभव नहीं है। बायो मेडिकल वेस्ट ही नहीं बल्कि फायर की एनओसी भी मंडलीय अस्पताल के पास नहीं है। अस्पताल में सिर्फ फायर उपकरण के नाम पर फायर एक्सटिंग्विशर लगाया गया है। अस्पताल में हौज रिल,स्मोक डिटेक्टर, फायर एलार्म अंडर ग्राउंड टैंक भी नहीं है।
........................................
वर्जन
मंडलीय अस्पताल में अग्निशमन विभाग से एनओसी कभी ली ही नहीं गई। वहां सिर्फ फायर एक्सटिंग्विशर लगा है। आग बुझाने के अन्य उपकरण मानक के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए एनओसी नहीं मिल पाई है। - अनिल सरोज, अग्निशमन अधिकारी
विज्ञापन
................................
अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है। आडिट कराकर प्रपोल तैयार किया गया है। बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण का लाइसेंस मार्च 2025 तक है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लाइसेंस की जानकारी मेडिकल काॅलेज से नहीं मिल पा रही है।
- डाॅ. एसके श्रीवास्तव, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल
विज्ञापन
मंडल के तीन जिलों का सबसे बड़ा अस्पताल मंडलीय अस्पताल है। मंडलीय अस्पताल और महिला अस्पताल मेडिकल कालेज के अधीन संचालित होता है। अस्पतालो में बायो मेडिकल वेस्ट निकलता है। एनजीटी के मानक के अनुसार जहां भी बायो मेडिकल वेस्ट निकलता है। उस अस्पताल को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सर्टिफिकेट लेना जरुरी है, पर मेडिकल कालेज का सर्टिफिकेट का लाइसेंस दिसंबर 2024 में ही समाप्त हो गया है। बिना लाइसेंस के अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट उत्पन्न हो रहा है। मंडलीय अस्पताल से प्रतिदिन 30 किलो और महिला अस्पताल से 20 किलो बायो मेडिकल वेस्ट निकलता है। इसमें आपरेशन से मानव अंग समेत, सिरिंग, प्लास्टिक व अन्य सामान रहता है। जिसका अलग-अलग निस्तारण किया जाता है। अस्पताल से बायो मेडिकल वेस्ट निकलता है तो उसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लाइसेंस लेना पड़ता है। पूर्व प्राचार्य डा. आरबी कमल द्वारा लाइसेंस लिया गया था। जो 31 दिसंबर 2031 तक था। अस्पताल प्रशासन द्वारा मार्च 25 तक तक होने की बात कह रहा है, पर लाइसेंस एक वर्ष के लिए मिलता है। ऐसे में मार्च तक लाइसेंस होना संभव नहीं है। बायो मेडिकल वेस्ट ही नहीं बल्कि फायर की एनओसी भी मंडलीय अस्पताल के पास नहीं है। अस्पताल में सिर्फ फायर उपकरण के नाम पर फायर एक्सटिंग्विशर लगाया गया है। अस्पताल में हौज रिल,स्मोक डिटेक्टर, फायर एलार्म अंडर ग्राउंड टैंक भी नहीं है।
विज्ञापन
........................................
वर्जन
मंडलीय अस्पताल में अग्निशमन विभाग से एनओसी कभी ली ही नहीं गई। वहां सिर्फ फायर एक्सटिंग्विशर लगा है। आग बुझाने के अन्य उपकरण मानक के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए एनओसी नहीं मिल पाई है। - अनिल सरोज, अग्निशमन अधिकारी
विज्ञापन
................................
अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है। आडिट कराकर प्रपोल तैयार किया गया है। बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण का लाइसेंस मार्च 2025 तक है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लाइसेंस की जानकारी मेडिकल काॅलेज से नहीं मिल पा रही है।
- डाॅ. एसके श्रीवास्तव, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल