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सीओ, थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्र्मियों को डीआईजी ने किया तलब
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भदोही शहर के एक अस्पताल में डाक्टर द्वारा किशोरी से छेड़खानी मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस बार आरोपी द्वारा पीड़िता को प्रताड़ित करने और पुलिस द्वारा बयान बदलने के लिए दबाव बनाने की शिकायत डीआईजी विंध्याचल परिक्षेत्र रामकृष्ण भारद्वाज से की गई है। संबंधित आरोपों का वीडियो भी पीड़ित परिवार ने डीआईजी को सौंपा। इस पर डीआईजी ने कड़ी नाराजगी जताने के साथ ही सीओ, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी समेत पीड़ित के घर पर जाने वाले पुलिसकर्मियों को डीआईजी कार्यालय पर मंगलवार की शाम तलब किया। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
भदोही जिले के रामरायपुर स्थित एक निजी अस्पताल में 10 अक्तूबर 2021 को इलाज कराने गई एक किशोरी के साथ डाक्टर ने छेड़खानी किया था। मामले में वीडियो वायरल होने पर डीआईजी के निर्देश के बाद आरोपी डाक्टर शैलेंद्र चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। साथ ही कई और कार्रवाई हुई। इस मामले में फिर एक नया मोड़ आ गया है। पीड़ित परिवार मंगलवार को डीआईजी के कार्यालय पर उनसे मिला। परिवार का आरोप था कि उन पर बयान बदलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बयान बदलने से मना करने पर पांच जून को 30-40 लोग घर पर असलहा लेकर आए। मकान में तोड़फोड़ कर दीवार गिरा दिया। धमकी दिया कि जब तक बयान नहीं बदलोगे तब तक निर्माण कार्य नहीं करने दिया जाएगा। इससे संबंधित वीडियो भी दिखाया। जिसकी शिकायत स्थानीय थाना और सीओ से किया पर सुनवाई नहीं हुई। वहीं एक वीडियो में पुलिस भी उनके घर में तलाशी लेती और परिजनों को परेशान करते नजर आई। आरोप लगाया कि पुलिस भी बयान बदलने के लिए दबाव बना रही है। पीड़िता के परिजनों के आरोप और वीडियो को देखने के बाद डीआईजी ने सीओ, थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी से लेकर पीड़िता के घर जाने वाले पुलिस कर्मियों को कार्यालय में तलब किया।
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भदोही जिले के रामरायपुर स्थित एक निजी अस्पताल में 10 अक्तूबर 2021 को इलाज कराने गई एक किशोरी के साथ डाक्टर ने छेड़खानी किया था। मामले में वीडियो वायरल होने पर डीआईजी के निर्देश के बाद आरोपी डाक्टर शैलेंद्र चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। साथ ही कई और कार्रवाई हुई। इस मामले में फिर एक नया मोड़ आ गया है। पीड़ित परिवार मंगलवार को डीआईजी के कार्यालय पर उनसे मिला। परिवार का आरोप था कि उन पर बयान बदलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बयान बदलने से मना करने पर पांच जून को 30-40 लोग घर पर असलहा लेकर आए। मकान में तोड़फोड़ कर दीवार गिरा दिया। धमकी दिया कि जब तक बयान नहीं बदलोगे तब तक निर्माण कार्य नहीं करने दिया जाएगा। इससे संबंधित वीडियो भी दिखाया। जिसकी शिकायत स्थानीय थाना और सीओ से किया पर सुनवाई नहीं हुई। वहीं एक वीडियो में पुलिस भी उनके घर में तलाशी लेती और परिजनों को परेशान करते नजर आई। आरोप लगाया कि पुलिस भी बयान बदलने के लिए दबाव बना रही है। पीड़िता के परिजनों के आरोप और वीडियो को देखने के बाद डीआईजी ने सीओ, थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी से लेकर पीड़िता के घर जाने वाले पुलिस कर्मियों को कार्यालय में तलब किया।
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