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धनतेरस आज, सोने-चांदी की बढ़ी चमक
mirzapur news
Updated Tue, 17 Oct 2017 12:10 AM IST
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धनतेरस व दीपावली का पर्व आते ही सोने व चांदी की दूकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी है। सोमवार को सर्राफा बाजारों में रौनक छाई रही। ग्राहकों को लुभाने के लिए स्वर्ण व्यवसाई अपनी अपनी दूकानों को आकर्षक झालरों व लाइटों से सजाए हुए हैं। साथ ही उन्हें छूट के साथ जेवरात देने का दावा भी करते रहे।
हालांकि नोटबंदी, जीएससटी व खनन पर रोक के कारण बाजारों में रौनक थोड़ी फीकी जरूर है। महिलाएं एक वर्ष के रोजाना खर्चों में से कुछ हिस्सा निकालकर धनतेरस व दीपावली पर सोने व चांदी के आभूषण खरीदने की व्यवस्था करती हैं। आज के दिन हर व्यक्ति अपने बजट के अनुसार कुछ न कुछ जरूर खरीदता है, कोई बर्तन तो कोई सोने चांदी के आभूषण की खरीदारी करता है। मुंबई, आगरा व मथुरा के हल्के बने सोने के आभूषणों की डिमांड ज्यादा है। चांदी के सिक्के भी खूब बिक रहे हैं। पुराने चांदी के सिक्के की मांग नए की अपेक्षा ज्यादा रही, दूकानदारों के अनुसार दोनों सिक्कों की शुद्घता 91.60 है। सोने के आभूषणों में चैन, अंगूठी, गिन्नी एवं हालमार्क की मांग ज्यादा रही। सोने चांदी के खरीदार अधिकांश अपने चुनिंदा दुकानों से ही आभूषण खरीदते हैं। मजदूरों वर्ग का बालू खनन पर रोक से हाल बेहाल है, लेकिन वह कर्ज लेकर त्योहार मनाने के लिए मजबूर हैं। सर्राफा कारोबारियों की माने तो जीएसटी व खनन पर रोक से व्यापार में बहुत फर्क पड़ा है।
नगर निवासिनी पूनम यादव कहती हैं कि अगले माह घर में शादी पड़ी हुई है। धनतेरस व दीपावली के मौके पर दूकानों में रेंज ज्यादा मिलती है इसलिए खरदारी करने निकली हूं। मीना यादव कहती है कि आभूषण लेने की सबसे उत्तम अवसर धनतेरस व दीपावली का अवसर होता है। त्योहरों के मौके पर दूकानदार तरह तरह की स्कीमें निकालते रहते हैं, जिसका फायदा मिल जाता है।
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बसनई बाजार के सर्राफा कारोबारी रामजी कहते हैं कि नोटबंदी व जीएसटी के कारण बाजार में रौनक कम है। इससके चलते खरीदारों की कमी साफ झलक रही है।सर्राफा बाजार के धर्मेंद्र मिश्रा कहते हैं कि फसलों के चौपट हो जाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहकों में कमी है। बालू खनन पर रोक से मजदूर वर्ग को काम नहीं मिल पाया, जिससे चांदी की बिक्री में थोड़ा फर्क आया है। स्वर्ण व्यवसाई जयराम कस ेरा कहते हैं कि ग्राह क अब हल्के आभूषणों की ज्यादा मांग कर रहे हैं। कम बजट होने के कारण लोग मुंबई के बने हल्के जेवर को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बसनई बाजार के सर्राफा कारोबारी विजय अग्रवाल कहते हैं कि धनतेरस व दीपावली के अवसर पर स्कीम शुद्घता की रहती है। सिक्का, पायल, बिछीया का मांग जोरो पर है। ग्राहक सोने के आभूषण के लिए हालमार्क् पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं।
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हालांकि नोटबंदी, जीएससटी व खनन पर रोक के कारण बाजारों में रौनक थोड़ी फीकी जरूर है। महिलाएं एक वर्ष के रोजाना खर्चों में से कुछ हिस्सा निकालकर धनतेरस व दीपावली पर सोने व चांदी के आभूषण खरीदने की व्यवस्था करती हैं। आज के दिन हर व्यक्ति अपने बजट के अनुसार कुछ न कुछ जरूर खरीदता है, कोई बर्तन तो कोई सोने चांदी के आभूषण की खरीदारी करता है। मुंबई, आगरा व मथुरा के हल्के बने सोने के आभूषणों की डिमांड ज्यादा है। चांदी के सिक्के भी खूब बिक रहे हैं। पुराने चांदी के सिक्के की मांग नए की अपेक्षा ज्यादा रही, दूकानदारों के अनुसार दोनों सिक्कों की शुद्घता 91.60 है। सोने के आभूषणों में चैन, अंगूठी, गिन्नी एवं हालमार्क की मांग ज्यादा रही। सोने चांदी के खरीदार अधिकांश अपने चुनिंदा दुकानों से ही आभूषण खरीदते हैं। मजदूरों वर्ग का बालू खनन पर रोक से हाल बेहाल है, लेकिन वह कर्ज लेकर त्योहार मनाने के लिए मजबूर हैं। सर्राफा कारोबारियों की माने तो जीएसटी व खनन पर रोक से व्यापार में बहुत फर्क पड़ा है।
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नगर निवासिनी पूनम यादव कहती हैं कि अगले माह घर में शादी पड़ी हुई है। धनतेरस व दीपावली के मौके पर दूकानों में रेंज ज्यादा मिलती है इसलिए खरदारी करने निकली हूं। मीना यादव कहती है कि आभूषण लेने की सबसे उत्तम अवसर धनतेरस व दीपावली का अवसर होता है। त्योहरों के मौके पर दूकानदार तरह तरह की स्कीमें निकालते रहते हैं, जिसका फायदा मिल जाता है।
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बसनई बाजार के सर्राफा कारोबारी रामजी कहते हैं कि नोटबंदी व जीएसटी के कारण बाजार में रौनक कम है। इससके चलते खरीदारों की कमी साफ झलक रही है।सर्राफा बाजार के धर्मेंद्र मिश्रा कहते हैं कि फसलों के चौपट हो जाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहकों में कमी है। बालू खनन पर रोक से मजदूर वर्ग को काम नहीं मिल पाया, जिससे चांदी की बिक्री में थोड़ा फर्क आया है। स्वर्ण व्यवसाई जयराम कस ेरा कहते हैं कि ग्राह क अब हल्के आभूषणों की ज्यादा मांग कर रहे हैं। कम बजट होने के कारण लोग मुंबई के बने हल्के जेवर को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बसनई बाजार के सर्राफा कारोबारी विजय अग्रवाल कहते हैं कि धनतेरस व दीपावली के अवसर पर स्कीम शुद्घता की रहती है। सिक्का, पायल, बिछीया का मांग जोरो पर है। ग्राहक सोने के आभूषण के लिए हालमार्क् पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं।